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अमेरिकी नागरिक फंसे मझधार में, इंडियन कोस्टगार्ड बनी देवदूत

एक यॉट पर दुनिया का चक्कर लगाने निकले दो अमेरिकी नागरिकों को उस वक्त जान के लाले पड़ गए जब हिंद महासागर में तूफान का सामना करना पड़ गया. गनीमत रही कि अमेरिकी नागरिकों की मदद की गुहार इंडियन कोस्ट गार्ड तक पहुंच गई. घटना अंडमान निकोबार के सबसे दक्षिणी छोर इंदिरा पॉइंट की है. दोनों अमेरिकी नागरिकों को उनकी यॉट के साथ भारतीय तटरक्षक बल सुरक्षित कैंपबेल बे ले आया है. 

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को पोर्ट ब्लेयर स्थित एमआरसीसी सेंटर को एक डिस्ट्रेस कॉल मिली थी. ये कॉल की थी अमेरिकी सी-एंजेल नाम की यॉट ने, जो उस वक्त इंदिरा पॉइंट से 53 नॉटिकल मील दूर थी. चेन्नई स्थित यूएस कॉन्सुलेट ने भी इंडियन कोस्टगार्ड से मदद की अपील की. अमेरिकी सी-फेयरर्स ने बताया कि खराब मौसम के चलते उनकी यॉट खराब हो गई है और समंदर में फंस गए हैं. 

अलर्ट मिलते ही दोपहर 2 बजे, इंडियन कोस्टगार्ड ने इंटरनेशनल सेफ्टी नेट (आईएसएन) एक्टिव कर दिया. इसके तहत इंदिरा पॉइंट के करीब से गुजर रहे सभी जंगी जहाज और मर्चेंट वेसल को रेस्क्यू के लिए मैसेज भेज दिया. 

मैसेज फ्लैश होते ही इंदिरा पॉइंट के करीब ऑपरेशन्ल ड्यूटी पर तैनात कोस्टगार्ड का जहाज आईसीजी राजवीर तुरंत मदद के लिए निकल गया और शाम तक यॉत के करीब पहुंच गया. आईसीजी राजवीर ने यॉट से संपर्क स्थापित किया. बेहद तेज हवाओं और यॉट की मैकेनिकल फेलयर के बावजूद दोनों क्रू-सदस्य एकदम सही स्थिति में थे. रात में ही आईसीजी राजवीर, यॉट को अंडमान लेकर निकल गया. 

शुक्रवार सुबह कोस्टगार्ड का जहाज, यॉट को खींचकर कैंपबेल बे ले आया. रेस्क्यू मिशन पर बयान जारी कर तटरक्षक बल ने कहा कि इंडियन कोस्टगार्ड मेरीटाइम सेफ्टी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

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