चीन मामलों के जानकार और सीनियर डिप्लोमेट विक्रम मिसरी ने विदेश सचिव का पदभार संभाल लिया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मिसरी को सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दी हैं.
विक्रम मिसरी ने विनय क्वात्रा की जगह विदेश सचिव का पद संभाला है. क्वात्रा अब रिटायर हो चुके हैं. हालांकि, क्वात्रा के अमेरिका में भारतीय राजदूत बनाए जाने के कयास लगाए जा रहे थे लेकिन अब तक कोई घोषणा नहीं हुई है.
विक्रम मिसरी पिछले ढाई सालों से (जनवरी 2022-जून 2024) तक देश के डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (एनएसए) के पद पर तैनात थे. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोवाल के अंतर्गत, मिसरी सामरिक मामलों को देखते थे.
मिसरी को ऐसे समय में विदेश सचिव बनाया गया है जब भारत और चीन, वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से जुड़े विवाद को सुलझाने का फिर से प्रयास कर रहे हैं. ऐसे में मिसरी की भूमिका अहम हो सकती है. क्योंकि डिप्टी एनएसए की जिम्मेदारी संभालने से पहले मिसरी बीजिंग में भारत के राजदूत के पद पर कार्यरत थे (जनवरी 2019-दिसंबर 2021. गलवान घाटी की झड़प के दौरान मिसरी बीजिंग में ही तैनात थे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्राईवेट सेक्रेटरी (पीएस) रह चुके मिसरी, म्यांमार और स्पेन में भी राजदूत की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. मोदी के अलावा, तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और आई के गुजराल के पीएस भी मिसरी रह चुके हैं.
मूल रूप से कश्मीर के रहने वाले मिसरी को अमेरिका में भारतीय दूतावास में काम करने का अनुभव है. ऐसे में पिछले एक साल से अमेरिका के संबंधों में आए तनाव को कम करने में भी उनकी अहम भूमिका रहने वाली है.
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