ईरान में हो रहे भयंकर प्रदर्शन, तोड़फोड़ और आगजनी के बीच सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने जुमे की नमाज के दौरान अमेरिका-इजरायल पर जमकर प्रहार किया.
खामेनेई ने एक बार फिर पुराना तेवर दिखाते हुए कहा, हम अपनी सीमा कभी नहीं भूलते हैं, लेकिन अगर कोई हम पर हमला करने की कोशिश करेगा, तो उसे उसकी कीमत चुकानी होगी.
खामेनेई ने बेखौफ होकर जुमे की नजाम के बाद देश को संबोधित किया. जबकि 100 से ज्यादा शहरों में हो रहे प्रदर्शनों और अमेरिकी धमकी के बीच खामेनेई के रूस भागने की तैयारी की बात कही गई थी.
हम अमेरिका के आगे नहीं झुकेंगे, शक है तो हमला करके देख ले अमेरिका: खामेनेई
राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर जमकर गरजे हैं. अयातुल्ला खामेनेई ने कहा, “इजरायल और अमेरिका बड़ी साजिश में लगा है, लेकिन उसकी साजिश कामयाब नहीं हो पाएगी. ईरानी लोग इस साजिश को भली-भांति समझते हैं. हम अमेरिका के आगे नहीं झुकने वाले हैं.”
खामेनेई ने कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने देश पर ध्यान देना चाहिए. उनके दबाव में ईरान पीछे नहीं हटने वाला है. ईरान एक संप्रभु राष्ट्र है. अगर किसी को यह गफलत है तो हम पर हमला करके देख लें.”
ईरान ने बंद किया अपना एयरस्पेस, ईरानी सेना प्रमुख बोले, हम आक्रमणकारी को निर्णायक जवाब देंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों पर अटैक हुआ तो उनकी सेना तेहरान पर टूट पड़ेगी.ट्रंप की धमकी पर ईरानी सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातामी ने पलटवार किया है.
जनरल हातामी ने कहा, “इस्लामिक गणराज्य ईरानी राष्ट्र के खिलाफ बयानबाजी को एक खतरा मानता है और इसका जवाब दिए बिना नहीं रहेगा. मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि आज ईरान के सशस्त्र बलों की तैयारी युद्ध से पहले की तुलना में कहीं अधिक है.”
जनरल हातामी बोले, “यदि शत्रु कोई गलती करता है, तो उसे और भी निर्णायक प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा, और हम किसी भी आक्रमणकारी का पर्दाफाश कर देंगे.”
ईरान ने अमेरिकी धमकी को देखते हुए एयरस्पेस बंद कर दिए हैं और सेना को हाईअलर्ट रखा गया है.
अमेरिकी और इजरायली जासूसों के कारण देश में आगजनी और हिंसा: ईरान
ईरान की सरकारी टीवी के जरिए ईरान सरकार ने देश में हिंसक प्रदर्शनों पर चुप्पी तोड़ी है. सरकारी प्रसारण में माना गया है कि प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है. लेकिन सरकार ने इन प्रदर्शनों को उकसाने के लिए विदेशी ताकतों को जिम्मेदार बताया है. ईरान सरकार की ओर से कहा गया है कि आगजनी की घटनाओं के पीछे अमेरिका और इजरायल से जुड़े “आतंकी एजेंट” शामिल हैं.

