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1901 दिन बाद Wikileaks के असांजे रिहा, ब्रिटेन की जेल में थे कैद

करीब पांच साल यानी 1901 दिनों बाद विकिलीक्स के संस्थापक और दुनिया भर में सनसनीखेज खुलासे करने वाले जूलियन असांजे को ब्रिटेन की जेल से रिहा कर दिया गया है. 

सोमवार को बेल्मार्श की जेल से रिहा होकर अपने घर ऑस्ट्रेलिया चले गए हैं. इस सप्ताह अमेरिकी जासूसी कानून का उल्लंघन करने के लिए जूलियन असांजे को दोषी ठहराया जाना था पर एक समझौते के तहत ब्रिटेन में उनकी जेल को खत्म कर दिया गया और ऑस्ट्रेलिया जाने की इजाजत दे दी गई. 

संस्थापक की रिहाई के बाद विकिलीक्स ने एक्स पर लिखा, “जूलियन असांजे आजाद हैं. वो 1901 दिन बिताने के बाद 24 जून की सुबह बेलमार्श की अधिकतम सुरक्षा वाली जेल से रिहा कर दिया गया.” 

जूलियन असांजे आजाद हैं: विकिलीक्स
विकिलीक्स ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखी है. अपनी पोस्ट में विकिलीक्स ने लिखा कि “जूलियन असांजे आजाद हैं. लंदन में उच्च न्यायालय द्वारा जमानत दे दी गई और दोपहर के दौरान स्टैनस्टेड हवाई अड्डे पर रिहा कर दिया गया. ये एक ग्लोबल कैंपेन का नतीजा है, जिसमें विभिन्न संगठनों, प्रेस फ्रीडम कैंपैनर्स और नेताओं तक की भूमिका रही है. इतना ही नहीं संयुक्त राष्ट्र तक में असांजे के हक में आवाज उठाई थी.” 

विकिलीक्स ने आगे लिखा “2×3 मीटर की सेल में पांच साल से अधिक समय तक रहने के बाद, दिन में 23 घंटे अलग-थलग रहने के बाद, वह जल्द ही अपनी पत्नी स्टेला असांजे और बच्चों के साथ फिर से मिलेंगे, जो केवल अपने पिता को सलाखों के पीछे से जानते हैं.” 

विकिलीक्स ने असांजे के खुलासों के बारे में लिखते हुए बताया कि “सरकारी भ्रष्टाचार और मानवाधिकारों के हनन की अभूतपूर्व कहानियां प्रकाशित कीं, जिसमें शक्तिशाली लोगों को उनके कार्यों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था. प्रधान संपादक के रूप में, जूलियन ने इन सिद्धांतों और लोगों के जानने के अधिकार के लिए कड़ी कीमत चुकाई, जूलियन की आज़ादी हमारी आज़ादी है.”

शब्दों में जाहिर नहीं कर सकते खुशी: स्टेला मॉरिस असांजे
जैसे ही जूलियन असांजे की रिहाई की खबर मिली, स्टेला असांजे ने एक्स पोस्ट में अपनी खुशी जाहिर की. स्टेला असांजे ने लिखा, “जूलियन आजाद हैं, शब्दों में हम आपके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त नहीं कर सकते. हां, आप, जिन्होंने इसे साकार करने के लिए वर्षों तक काम किया है. धन्यवाद. धन्यवाद. धन्यवाद.” (https://x.com/stella_assange/status/1805393089819033890?s=46)
स्टेला, जूलियन की पत्नी के साथ साथ उनकी वकील भी हैं. जूलियन असांजे ने साल 2022 में जेल के अंदर ही अपनी मंगेतर और वकील स्टेला से शादी की थी. असांजे और स्टेला मॉरिस की शादी में सिर्फ चार मेहमान, दो आधिकारिक गवाह और दो गार्ड शामिल हुए थे.

क्यों हुई थी जूलियन को सजा, क्या है आरोप?
साल 2010 में, विकीलीक्स ने अफगानिस्तान और इराक में युद्ध के दौरान अमेरिकी सैन्य दस्तावेज़ जारी किए. ऐसे 700,000 से अधिक दस्तावेज़ थे जिनमें राजनयिक और युद्धक्षेत्र के संवेदनशील डॉक्यूमेंट थे.

विकिलीक्स के खुलासे के बाद अमेरिका में हड़कंप मच गया था. इसे अमेरिका के सैन्य इतिहास में सबसे बड़ी सुरक्षा चूक बताई गई थी. विकिलीक्स ने कहा कि 52 साल के असांजे को अमेरिका के राष्ट्रीय और रक्षा क्षेत्र से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों को लीक करने के आरोप में दोषी ठहराया गया. असांजे के दोषी बताए जाने पर दुनिया में भारी आक्रोश था. 

दोष साबित होने के बाद जूलियन असांजे को जेल भेज दिया गया था, पांच साल जेल में बिताने के बाद उनकी रिहाई हो गई है. 

अमेरिका के डर से इक्वाडोर में भी छिपे थे असांजे
असांजे के प्रत्यर्पण को लेकर स्वीडन और अमेरिका के बीच कई साल तक खींचतान चली थी. अमेरिका से जुड़े खुलासे के बाद साल 2012 में असांजे ने लंदन में इक्वाडोर के दूतावास में शरण मांगी. 

इक्वाडोर दूतावास ने उन्हें राजनीतिक शरण दे दी थी. वह 2012 से 2019 के बीच लंदन के इक्वाडोर दूतावास में रहे. बताया जाता है कि इक्वाडोर दूतावास के एक कमरे में अपनी बिल्ली के साथ रहते थे. इस दौरान पॉप स्टार लेडी गागा, पामेला एंडरसन जैसे कई लोग असांजे मिलने आए और उन्होंने एक छोटी सी बालकनी से लोगों को संबोधित भी किया और न्यूज़ कॉन्फ्रेंस भी बुलाई थी. 

साल 2017 में राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो के सत्ता में आने के बाद से असांजे और इक्वाडोर रिश्तों में खटास आनी शुरू हो गई. असांजे पर अपने कमरे में गंदगी फेंकने और दूतावास के कर्मचारियों को बार-बार अमेरिकी जासूस कहकर अपमान करते थे. इसके अलावा मना करने के बावजूद स्केटबोर्ड और फुटबॉल खेलकर दूतावास का नुकसान करते थे.

नाराज स्वीडन ने असांजे के राजनीतिक संरक्षण खत्म किए जाने की घोषणा कर दी. संरक्षण छीनते ही ब्रिटेन पुलिस दूतावास में घुस गई और उन्हें घसीटते हुए बाहर ले आई थी. और तभी से (साल 2019) से ब्रिटेन के बेल्मार्श जेल में बंद थे.

विकिलीक्स क्या है ?
पेशे से पत्रकार और ऑस्ट्रेलियाई नागरिक जूलियन असांजे ने साल 2006 में नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन विकिलीक्स शुरु की थी. 

विकिलीक्स खुफिया जानकारी, न्यूज़ लीक और अज्ञात सूत्रों से मिली गोपनीय जानकारी पब्लिश करता है. 2006 में वेबसाइट के लॉन्च होने के बाद ही तमाम देशों की कई गुप्त सूचनाएं देकर तहलका मचा दिया. वेबसाइट ने जो डाटा रिलीज किया उससे कई देशों में हड़कंप मच गया था. वेबसाइट ने अफगानिस्तान, इराक युद्ध से जुड़ी ऐसी जानकारियां दी जिससे हर कोई चौंक गया.

असांजे ने अपने डॉक्यूमेंट्स के जरिए अमेरिका, इंग्लैंड और नाटो की सेनाओं पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया था. अफगानिस्तान में युद्ध से संबंधित दस्तावेजों से विकिलीक्स ने बताया था कि कैसे अमेरिकी सेना ने अज्ञात घटनाओं में सैकड़ों नागरिकों को मार डाला था.

विकिलीक्स ने मायावती और कमलनाथ पर भी किया था खुलासा

2011 में विकीलीक्स ने मायावती को तानाशाह और भ्रष्ट बताते हुए ये खुलासा किया था कि उत्तर प्रदेश की (पूर्व) मुख्यमंत्री ने अपनी पसंद की सैंडल मंगवाने के लिए अपने निजी प्लेन को मुंबई भेजा था. मायावती के भोजन को खाने से पहले एक कर्मचारी चखता है. विकीलीक्स की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि घर से ऑफिस निकलने से पहले वे सड़क को धुलवाती हैं.
मायावती के अलावा विकिलीक्स ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर भी आरोप लगा है कि उन्होंने साल 1976 में न्यूक्लियर डील से जुड़ी महत्वपूर्ण और गोपनीय जानकारी अमेरिका को दी थी. विकीलीक्स ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि न्यूक्लियर परीक्षण के बारे में कमलनाथ ने अमेरिकी दूतावास को जानकारी दी थी. बीजेपी ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में विकीलीक्स के खुलासे को मुद्दा बनाया था. हालांकि कांग्रेस ने विकिलीक्स के दावों को बेबुनियाद और झूठा बताया है.

कौन हैं जूलियन असांजे ?
साल 2010 में विकिलीक्स ने अमेरिकी सेना के कुछ बेहद खुफिया दस्तावेज लीक कर दिए थे, जिसके बाद इस वेबसाइट के संस्थापक जूलियन असांजे पूरी दुनिया की सुर्खियों का हिस्सा बन गए. नवंबर 2010 में स्वीडन सरकार ने असांजे के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी कर दिया. उन पर दो बच्चियों के रेप का आरोप लगा था. अपने ऊपर लगे आरोपों पर असांजे ने कहा था कि अमेरिकी सेना के खुफिया दस्तावेज को लीक करने की वजह से उन्हें फंसाया गया था. जूलियन असांजे वर्ष 2010 से लगातार हिरासत में हैं. 2010 में बच्चियों के शोषण के आरोप में स्वीडिश वारंट पर ब्रिटेन में गिरफ्तार किया गया था, जिसे बाद में हटा दिया गया था. तब से असांजे कई बार नजरबंद रहे. सात साल तक लंदन में इक्वाडोर के दूतावास में रहे और 2019 से बेल्मार्श की शीर्ष सुरक्षा जेल में रखा गया था. 

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