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सिखों का पुरुषार्थ कौन कर रहा कमजोर, वीर बाल दिवस पर योगी आदित्यनाथ का सवाल

सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के चार वीर पुत्रों के अद्वितीय बलिदान और साहस के प्रति सम्मान जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश हित की भावना को आगे रखने का आह्वान किया है. सिर्फ पीएम मोदी ने ही नहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खालिस्तानियों का नाम लिए बिना सिखों को कमजोर करने की साजिश की तरफ इशारा किया.

देश और देशहित से बड़ा कुछ नहीं है: पीएम मोदी

गुरुवार को देशभर में वीर बाल दिवस मनाया गया. दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने गुरु गोबिंद सिंह के त्याग और समर्पण को नमन करते हुए देशवासियों को देश हित का मंत्र दिया. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “वीर बाल दिवस का ये दिन हमें सिखाता है कि चाहे कितनी भी विकट स्थितियां आएं, देश और देश हित से बड़ा कुछ नहीं होता. देश के लिए किया गया हर काम वीरता है.” (https://x.com/narendramodi/status/1872249085388054770)

सिखों के पुरुषार्थ को कमजोर करने की साजिश: सीएम योगी 

सीएम योगी ने लखनऊ में आयोजित वीर बाल दिवस के मौके पर खालिस्तानी समर्थकों पर निशाना साधा है. सीएम योगी ने कहा, “देश के इस जुझारू और समृद्ध सिख कौम ने सामर्थ्य, पुरुषार्थ और परिश्रम से मिसाल प्रस्तुत की है. कभी बड़ी संख्या में फौज में जाकर सिखों ने भारत की सुरक्षा के लिए खुद को समर्पित किया, लेकिन वे कौन दुश्मन हैं, जो उनके परिश्रम और पुरुषार्थ को कुंद करने की साजिश कर रहे हैं.” (https://x.com/myogiadityanath/status/1872199935321608581)

हाल ही में यूपी के पीलीभीत में पंजाब पुलिस के साथ मिलकर यूपी पुलिस ने एक ऑपरेशन को अंजाम दिया था, जिसमें 3 खालिस्तानी आतंकी मारे गए थे. तीनों आतंकी खालिस्तानी जिंदा फोर्स से जुड़े थे जिसके तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और इंग्लैंड सहित ग्रीस से जुड़े पाए गए थे. (मिनी-खालिस्तान बनाने की साजिश, योगी की पुलिस ने की नाकाम)

सिख गुरुओं की प्रेरणा से काबुल-बांग्लादेश होने से बच पाएंगे  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “सिख परंपरा काफी समृद्ध है. सिखों ने विपरीत परिस्थितियों में लड़ते हुए न केवल अपनी परंपरा को सुरक्षित-संरक्षित रखा, बल्कि देश और धर्म के लिए भी बलिदान देकर नई प्रेरणा प्रदान की.”

उत्तर प्रदेश के सीएम ने कहा कि “गुरुओं की प्रेरणा से आगे बढ़ेंगे, तब काबुल-बांग्लादेश होने से बच पाएंगे. तब किसी ननकाना साहिब के लिए आंदोलन-संघर्ष की जरूरत नहीं पड़ेगी.”

सीएम योगी ने ये भी कहा कि “सिख और हिंदू एक दूसरे के पूरक हैं. लड़ाने वालों से सावधान रहना चाहिए.”

क्या है वीर बाल दिवस?

26 दिसंबर 1705 को सरहिंद के नवाज वजीर खान ने गुरू गोविंद सिंह के दो बेटे, जोरावर सिंह और फतेह सिंह को कैद किया था. दोनों छोटे साहिबजादों को धर्म परिवर्तन के लिए कहा गया. लेकिन दोनों साहिबजादों ने धर्म परिवर्तन से इनकार कर दिया. वजीर खान ने दोनों साहिबजादों को कहा कि या तो धर्म परिवर्तन करो या तो मरने के लिए तैयार रहो. पर दोनों साहिबजादों ने मुसलमान बनने से इनकार कर दिया. इस घटना के वक्त जोरावर सिंह 7 वर्ष और फतेह सिंह 5 वर्ष के थे. इन महान सपूतों को वजीर खान ने जिंदा दीवार में चुनवा दिया. बाबा जोरावर और बाबा फतेह सिंह की इसी बहादुरी के लिए वीर बाल दिवस मनाया जाता है.  

17 बहादुर बच्चे सम्मानित किए गए 

इस साल 17 बहादुर बच्चों को वीरता बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. पीएम नरेंद्र मोदी देश के वीर बच्चों से मुलाकात की है. उनके साहसी और बहादुरी की कहानियां जानीं. इस साल कुल 17 बच्चों को बाल पुरस्कार मिला है. इसमें 7 लड़के और 10 लड़कियां शामिल हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीर बच्चों को सम्मानित किया है.इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा- “देशभक्ति की भावना बच्चों को राष्ट्रहित के लिए समर्पण के पथ पर ले जाती है. मेरा मानना है कि बच्चों की अब की उपलब्धियां भारत को प्रगति के शिखर पर ले जाएंगी. बच्चों की प्रतिभा को अवसर देना और उसका सम्मान करना हमारी परंपरा का हिस्सा रहा है. इस परंपरा को और मजबूत किया जाना चाहिए.”

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