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क्या डील के जरिए हुई असांजे की रिहाई ?

अमेरिकी इतिहास में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेज लीक करने और अमेरिकी सैनिकों की जान खतरे में डालने वाले विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को बुधवार को पूरी तरह से आजाद कर दिया गया है. लेकिन हर किसी के मन में सवाल ये है कि आखिर वो डील है क्या जिसके बदले विकिलीक्स के असांजे को रिहा किया गया है?

क्योंकि दोषी साबित होने के बावजूद विकिलीक्स के संस्थापक को ब्रिटेन जेल से बाहर निकालकर, दोषी करार देकर, वापस उनके देश ऑस्ट्रेलिया भेज दिया गया.

जूलियन असांजे-अमेरिका में क्या हुई डील?
5 साल बाद ब्रिटेन की जेल से रिहा हुए जूलियन असांजे एक समझौते के तहत जेल से बाहर आए हैं. जासूसी मामले में असांजे कोर्ट में अपना गुनाह कबूल करने के लिए सहमत हुए. फेडरल कोर्ट में दायर दस्तावेजों के अनुसार, असांजे बुधवार को दक्षिणी प्रशांत महासागर में स्थित नॉर्थर्न मारियाना आइलैंड्स (अमेरिका का राष्ट्रमंडल) की साइपन कोर्ट में पेश हुए. तकरीबन 3 घंटे की सुनवाई के दौरान साइपन की अमेरिकी कोर्ट में असांजे ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. इसके बाद उन्हें अमेरिकी जासूसी कानून का उल्लंघन करने का दोषी करार दिया गया. बाद में समझौते के तहत असांजे अपने देश ऑस्ट्रेलिया लौट गए. जिसके बाद सालों से चल रहा कानूनी ड्रामा खत्म हो गया.

कोर्ट में कबूला जुर्म, दोषी करार, फिर भी हुए रिहा
3 घंटे की सुनवाई के दौरान जूलियन असांजे ने गोपनीय अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा दस्तावेजों को लीक करने और प्रसार करने की साजिश में खुद को दोषी माना, लेकिन सुनवाई के दौरान असांजे ने कहा कि “मेरा मानना था कि संविधान का पहला संशोधन (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करता है) यह अधिकार देता है.”  असांजे ने अमेरिकी कोर्ट में कहा कि “एक पत्रकार के तौर पर काम करते हुए मैंने अपने सोर्स से गोपनीय जानकारी हासिल की और उसकी जानकारी को पब्लिश किया, ताकि लोगों को बताया जा सके.”

असांजे के कबूलनामे के बाद मुख्य अमेरिकी जिला न्यायाधीश रमोना वी. मैंग्लोना ने उनके दोष याचिका को स्वीकार कर लिया. कोर्ट ने उन्हें ब्रिटिश जेल में पहले से ही काटी गई जेल की सजा के पूरी होने के कारण ऑस्ट्रेलिया जाने की इजाजत दे दी. 

किसने कराया असांजे और अमेरिका में समझौता?
जूलियन असांजे की गिरफ्तारी के बाद से उनकी रिहाई के लिए दुनिया भर में मुहिम चलाई गई थी. असांजे शुरुआत से ही सीक्रेट डाक्यूमेंट्स को जारी करने को पत्रकारिता का हिस्सा बताते रहे थे. लिहाजा दुनियाभर से असांजे को समर्थन मिल रहा था. 

दरअसल असांजे और अमेरिका के बीच हुए समझौते में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस की भी अहम भूमिका रही है. इस साल बाकायदा ऑस्ट्रेलियाई संसद ने असांजे की रिहाई के लिए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी एल्बनीज के समर्थन का प्रस्ताव पारित किया गया. इस प्रस्ताव में जूलियन असांजे के प्रत्यर्पण और केस खत्म करने की बात कही गई थी.

संसद में ऑस्ट्रेलियाई पीएम एल्बनीज ने कहा था कि “असांजे का मामला बहुत लंबा खिंच गया है. असांजे की जेल से कुछ हासिल नहीं होने वाला है और हम चाहते हैं कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया में घर लाया जाए.”

पीएम एल्बनीज ने खुद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से इस मुद्दे पर बात की थी, जिसके बाद जो बाइडेन ने कहा था कि “ऑस्ट्रेलिया की तरफ से आए अनुरोध पर विचार कर रहे हैं.”  जिसके बाद असांजे को दोष स्वीकार करने का दबाव बनाया गया चूंकि वो ब्रिटेन में 5 साल से जेल में थे तो दोष स्वीकार करने के बदले रिहाई दे दी गई. अगर असांजे दोष स्वीकार नहीं करते तो असांजे को विकिलीक्स के जरिये राष्ट्रीय सुरक्षा दस्तावेज को सार्वजनिक करने के 18 मामलों में अधिकतम 170 साल की सजा हो सकती थी.

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