खाड़ी के देशों में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करने की साजिश रचने वाले आधा दर्जन से ज्यादा (07) यूक्रेनी नागरिकों को इराक ने धर-दबोचा है. माना जा रहा है कि इराक के विद्रोही संगठनों के साथ मिलकर ये नागरिक, खाड़ी के देशों पर ड्रोन हमले कर रहे थे. भारत के बाद, ये दूसरा मामला है जब यूक्रेनी नागरिकों को दूसरे देश में साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
इसी साल मार्च के महीने में भारत की सबसे बड़ी जांच एजेंसी एनआईए (नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी) ने एक अमेरिकी हिटमैन सहित आधा दर्जन यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया था. ये सभी मणिपुर और मिजोरम के रास्ते म्यांमार से लौटे थे.
एनआईए के मुताबिक, ये सभी यूक्रेनी (और अमेरिकी) नागरिक, म्यांमार के विद्रोही संगठनों को ड्रोन ऑपरेशन की ट्रेनिंग देकर भारत के रास्ते अपने देश लौट रहे थे. इनमें से एक यूक्रेनी सेना की इंटेलिजेंस विंग, जीआरयू का जासूस था. लेकिन इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर इन सभी विदेशी नागरिकों को भारत के अलग-अलग हिस्सों से गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, पिछले महीने (सितंबर में) अमेरिकी नागरिकों को दिल्ली की एक कोर्ट से जमानत मिल गई थी, जिसके बाद वो अपने देश लौट गया था.
खाड़ी देशों की मीडिया के मुताबिक, इराकी सेना ने जुलाई के महीने में विद्रोही संगठनों पर हुए क्रेक-डाउन के दौरान 07 यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया था. उस दौरान, इराक से ऑपरेट करने वाले पॉपुलर मोबिलाइजेशन यूनिट्स (पीएमयू) ने सऊदी अरब पर ड्रोन अटैक किए थे.
सऊदी ने दावा किया था कि ये हमले इराक की धरती से किए गए थे. इसके बाद सऊदी अरब ने अमेरिका के साथ मिलकर पीएमयू के ठिकानों पर हवाई हमले किए थे. इन हमलों में पीएमयू के कई विद्रोही मारे गए थे और कुछ घायल हुए थे. जानकारी के मुताबिक, उसी दौरान यूक्रेनी नागरिक भी धरे गए थे.
रूस के खिलाफ, यूक्रेन ने अपनी सेना में एक बड़ी ड्रोन-फौज खड़ी की है. ये ड्रोन फौज, रूस पर जबरदस्त स्ट्राइक करती है. लेकिन इस फौज के कुछ ऑपरेटिव ने दुनिया के अलग-अलग विद्रोही संगठनों को ड्रोन ट्रेनिंग देने शुरु कर दी है. इराक और भारत में हुई गिरफ्तारी उसी का नतीजा है. खबर तो ये भी है कि यूक्रेनी ड्रोन ऑपरेटिव, अफ्रीका के गृह-युद्ध से जूझने वाले देशों में भी सक्रिय हैं.
अमेरिका-ईरान जंग के दौरान, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने यूएई और सऊदी अरब सहित कई देशों का दौरा किया था. जेलेंस्की ने इन खाड़ी देशों को ईरान से होने वाले शहीद (आत्मघाती) ड्रोन को काउंटर करने वाले इंटरसेप्टर ड्रोन में ट्रेनिंग देने के लिए अपने सैनिक भेजे थे.


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