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मोदी ज्यादा टफ Negotiator, पत्रकारों से बोले ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम नरेंद्र मोदी जब द्विपक्षीय वार्ता के बाद ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए तो चीन से लेकर बांग्लादेश, और रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर इस्लामिक आतंकवाद पर खुलकर अपना पक्ष रखा.

ट्रंप ने पीएम मोदी को ‘टफ नेगोशिएटर‘ करार दिया तो पीएम मोदी मे ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ और ‘मेक इंडिया ग्रेट अगेन’ पर कहा, एमएजीए (मागा) और एमआईजीए (मिगा) यानि मेगा पार्टनरशिप है, हम संयुक्त विकास, संयुक्त उत्पादन और संयुक्त तकनीक की तरफ एकसाथ बढ़ रहे हैं. 

आतंकवाद के खिलाफ होनी चाहिए ठोस कार्रवाई: मोदी

पीएम मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, कि हम इस बात पर सहमत हैं कि सीमा के दूसरी तरफ से पैदा होने वाले आतंकवाद को खत्म करने के लिए ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए. भारत में नरसंहार करने वाले एक अपराधी को भारत प्रत्यर्पित करने के फैसले की तारीफ करता हूं.

खालिस्तानी आतंकियों के सवाल पर ट्रंप ने क्या कहा 

ट्रंप ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि भारत का बाइडेन प्रशासन के साथ बहुत अच्छा रिश्ता था. भारत और बाइडेन प्रशासन के बीच बहुत सी ऐसी चीजें हुईं जो बहुत उचित नहीं थीं, लेकिन जैसा कि हम एक बहुत ही हिंसक व्यक्ति (तहव्वुर राणा) को सजा दे रहे हैं, ऐसा मुझे लगता है. मुझे नहीं पता कि उसे (गुरपतवंत सिंह पन्नू) अभी तक दोषी ठहराया गया है या नहीं, लेकिन मान लेते हैं कि वह एक बहुत ही हिंसक व्यक्ति है. हम उसे तुरंत भारत वापस भेज रहे हैं और उसके बाद और भी बहुत कुछ किया जाएगा क्योंकि हमारे पास काफी अनुरोध हैं.

बांग्लादेश का मामला पीएम मोदी पर छोड़ता हूं: ट्रंप

बांग्लादेश से शेख हसीना के तख्तापलट के बाद भारत के साथ बांग्लादेश के रिश्ते बेपटरी हो गए हैं. अंतरिम सरकार लगातार पाकिस्तान के पाले में जा रही है और भारत विरोधी काम कर रही है. हिंदुओं समेत अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़ गया है. ऐसे में प्रेस कॉन्फ्रेंस में डोनाल्ड ट्रंप से बांग्लादेश को लेकर सवाल पूछा गया तो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसका जवाब पीएम मोदी पर छोड़ दिया, ट्रंप ने कहा कि बांग्लादेश के मामले को मैं पीएम मोदी पर छोड़ता हू्ं. 

रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत न्यूट्रल नहीं, शांति का पक्षधर: पीएम मोदी

रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने में भारत की संभावित भूमिका पर सवाल का जवाब देते हुए, पीएम मोदी ने कहा, “मैं युद्ध को समाप्त करने के लिए संभावित समाधान खोजने की दिशा में डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों का समर्थन करता हूं. दुनिया को लगता है कि भारत युद्ध के दौरान तटस्थ रहा है. लेकिन मैं दोहराना चाहूंगा कि भारत तटस्थ नहीं रहा है, इसके बजाय, वह शांति के पक्ष में रहा है. मैंने रूस और यूक्रेन दोनों से बात की है, कई लोगों को गलतफहमी है कि भारत न्यूट्रल है.”

मोदी ने कहा कि “मैंने मीडिया के सामने कहा है कि यह युद्ध का समय नहीं है, जब राष्ट्रपति पुतिन मेरे साथ थे. आज भी मेरा विश्वास है कि समाधान युद्ध के मैदान पर नहीं हो सकता है, हमें टेबल पर लौटना होगा. भारत का मानना है कि युद्ध का समाधान तभी हासिल किया जा सकता है, जब मुद्दे पर एक मंच पर चर्चा की जाएगी, जहां रूस और यूक्रेन मौजूद हों.”

हम किसी को भी हरा देंगे- डोनाल्ड ट्रंप

टैरिफ को लेकर ट्रंप से सवाल किया गया कि अगर आप भारत के प्रति कठोर रहेंगे तो चीन को कैसे हरा पाएंगे? ट्रंप ने कहा कि “हम किसी को भी हरा सकते हैं लेकिन हम किसी को हराने के बारे में नहीं सोचते, हम 4 साल से अच्छा काम कर रहे थे, लेकिन हमें रोक दिया गया और एक बहुत खराब प्रशासन आ गया. अब हम अच्छा काम जारी रखेंगे और हम फिर से मजबूत होंगे.”

गौतम अदाणी पर क्या बोले पीएम मोदी?

एक अमेरिकी पत्रकार ने पीएम मोदी से पूछा कि क्या ट्रंप से उन्होंने अदाणी के मुद्दे पर बात की है, तो पीएम मोदी का जवाब था, “भारत एक लोकतांत्रिक देश है और हमारा संस्कृति और दर्शन है ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी पूरा विश्‍व मेरा परिवार है, हर भारतीय मेरे परिवार का सदस्य है और जब बात ऐसे निजी मामलों की बात है, तो दो देशों के नेता निजी मामलों पर कोई बात नहीं करेंगे.”

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