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50 नक्सली मुख्यधारा में लौटे, 2026 तक इतिहास बन जाएगा नक्सलवाद

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे आक्रामक ऑपरेशन की बीच सुरक्षाबलों को मिली है बड़ी सफलता. बीजापुर में 50 हथियारबंद नक्सलियों ने आत्मसमर्पण करके मुख्य धारा में लौटने का फैसला किया है. गृहमंत्री अमित शाह ने खुद नक्सलियों के आत्मसमर्पण की जानकारी देते हुए नक्सलियों के फैसले की सराहना की और कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद देश में ‘इतिहास’ बनने वाला है.

बीजापुर में 50 नक्सलियों का सरेंडर, अमित शाह ने की तारीफ

छत्तीसगढ़ में लगातार नक्सलवाद के खात्मे को लेकर एक्शन लिया जा रहा है. जिसके चलते बीजापुर में 50 नक्सलियों ने सरेंडर किया है, इन नक्सलियों पर तकरीबन 68 लाख का इनाम घोषित था. 50 की संख्या में हिंसा छोड़ने वाले नक्सलियों को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी है. शाह ने कहा, “बहुत हर्ष का विषय है कि बीजापुर (छत्तीसगढ़) में 50 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया. हिंसा और हथियार छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने वालों का मैं स्वागत करता हूं. पीएम मोदी की नीति स्पष्ट है कि जो भी नक्सली हथियार छोड़कर विकास का मार्ग अपनाएंगे, उनका पुनर्वास कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा.”

गृह मंत्री ने अन्य नक्सलियों हिंसा का रास्ता छोड़ने की अपील करते हुए आगे कहा, “बाकी लोगों से भी मैं पुन अपील करता हूं कि वे हथियार त्याग कर मुख्यधारा में आएं. 31 मार्च 2026 के बाद देश में नक्सलवाद केवल इतिहास बनकर रह जाएगा, यह हमारा संकल्प है.” (https://x.com/NewsMobileIndia/status/1906315650978680973)

8-8 लाख का इनाम वाले खूंखार नक्सलियों ने छोड़ा हथियार

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में रविवार को 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया. इनमें से 14 पर कुल 68 लाख रुपये का इनाम घोषित था. सभी नक्सलियों ने सीआरपीएफ और पुलिस के सामने हथियार डाले. अधिकारियों के मुताबिक, “आत्मसमर्पण करने वाले 50 लोगों में से छह पर 8-8 लाख रुपये का इनाम है, जिनमें से तीन पर 5-5 लाख रुपये का इनाम है. पांच पर 1-1 लाख रुपये का इनाम है.नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स, एसटीेएफ, सीआरपीएफ के कोबरा कमांडो ने अहम भूमिका निभाई है.”

सरकार की ‘निया नेल्लनार’ योजना से प्रभावित हैं नक्सली

नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया की नक्सलियों ने पूछताछ में बताया है कि “उन्होंने खोखली और अमानवीय माओवादी विचारधारा, प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं द्वारा आदिवासियों के शोषण और आंदोलन अंदर पनप रहे मतभेदों के कारण सरेंडर किया है. वे सुरक्षा बलों द्वारा शिविर लगाने और ‘निया नेल्लनार’ (आपका अच्छा गांव) योजना से भी प्रभावित हैं. जिसके तहत बल और प्रशासन दूरदराज के इलाकों में बुनियादी सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं.”

सुकमा में नक्सलियों से एनकाउंटर, मारे गए 17 नक्सलियों में 11 महिलाएं, झीरमकांड से था कनेक्शन

छत्तीसगढ़ के सुकमा में शनिवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई है. सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में 17 नक्सली मारे गए हैं. नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना के बाद सर्च ऑपरेशन शुरु किया गया था, शुक्रवार को शुरु हुआ ऑपरेशन, शनिवार को समाप्त हुआ. मुठभेड़ में दरभा डिवीजन सचिव कुहरामी जगदीश उर्फ बुधरा भी मारा गया है. जिसके ऊपर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था.

करीब 12 साल पहले हुए झीरम नरसंहार में कांग्रेस नेताओं की हत्या करने वाले नक्सलियों में बुधरा भी शामिल था. इसके अलावा साल 2023 में जिला सुकमा के अरणपुर में डीआरजी जवानों को आईईडी से उड़ाने वाली घटना में भी शामिल था. सुकमा में जिन 17 नक्सलियों को ढेर किया गया है, उनमें बुधरा के अलावा 11 हथियारबंद महिला नक्सली भी थीं.मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में आधुनिक बंदूकें, रॉकेट लॉन्चर, बीजीएल लांचर हथियार समेत विस्फोटक पदार्थ बरामद हुए हैं .

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