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चीन किसी से डरता नहीं, अमेरिका की दादागीरी पर शी जिनपिंग का बयान

अमेरिका की ओर से लादे गए बेहिसाब टैरिफ को लेकर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने पहले बयान में बता दिया है कि अमेरिका के खिलाफ चीन क्या इरादा रखता है. जिनपिंग ने अमेरिका को दो टूक कहा है “ चीन किसी से डरने वाला नहीं है.”

चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा कि “70 से अधिक वर्षों से, चीन का विकास आत्मनिर्भरता और कड़ी मेहनत पर निर्भर रहा है, कभी भी दूसरों से मदद पर नहीं निर्भर रहा. चीन किसी भी अन्यायपूर्ण दमन से नहीं डरता. जिनपिंग ने यूरोपीय देशों को अमेरिका के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने का भी आह्वान किया है.”

अमेरिका की बदमाशी का विरोध करे यूरोप: शी जिनपिंग

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में स्पेन के प्रधान मंत्री पेड्रो सांचेज से मुलाकात की है. इस दौरान दोनों के बीच सबसे अहम मुद्दा ट्रेडवॉर को लेकर था. जिनपिंग ने कहा, चीन और यूरोप को अपनी अंतर्राष्ट्रीय जिम्मेदारियां निभानी चाहिए और संयुक्त रूप से एकतरफा बदमाशी प्रथाओं का विरोध करना चाहिए. इस टैरिफ वॉर से न सिर्फ उनके अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा होगी, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय की भी रक्षा होगी. वहीं स्पेन के पीएम सांचेज ने कहा, व्यापार पर तनाव से यूरोपीय संघ और चीन के बीच सहयोग में बाधा नहीं आनी चाहिए.

अमेरिका के खिलाफ चीन ने मांगा भारत का साथ

इस सप्ताह की शुरुआत में ही भारत में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ से बनी चुनौतियों से निपटने के लिए भारत और चीन को एक साथ खड़ा होना चाहिए. प्रवक्ता यू जिंग ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “चीन-भारत आर्थिक और व्यापारिक संबंध पारस्परिक लाभ पर आधारित हैं. अमेरिकी टैरिफ का दुरुपयोग कर रहा है ऐसे में दो सबसे बड़े विकासशील देशों को कठिनाइयों से निपटने के लिए एक साथ खड़ा होना चाहिए.”

चीन के मंत्री से मिले भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार रावत

चीन में भारत के राजदूत प्रदीप कुमार रावत ने चीन के उप विदेश मंत्री सुन वेइदोंग से मुलाकात की है. इस मीटिंग का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा करना था. चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, “दोनों पक्षों ने चीन-भारत संबंधों, विभिन्न क्षेत्रों में आदान-प्रदान और सहयोग पर चर्चा की. दोनों पक्षों ने कहा कि चीन और भारत अपने नेताओं के बीच बनी अहम आम सहमति को ईमानदारी से लागू करने और आपसी संबंधों के विकास को स्वस्थ एवं स्थिर गति से बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करेंगे.”

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