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रूसी नक्शे से यूरोप-अमेरिका में खलबली, पुतिन का जीत का दावा

मॉस्को में आयोजित साल की आखिरी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन और यूरोप को लेकर कई सनसनीखेज दावे किए हैं. पुतिन ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को कठपुतली और कलाकार बताते हुए 

पुतिन ने दावा किया है कि रूसी सेनाओं ने रणनीतिक इलाके को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया है. मॉस्को की सेनाएं यूक्रेन में युद्धक्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में आगे बढ़ रही हैं और उन्हें विश्वास है कि क्रेमलिन के सैन्य लक्ष्य जल्द हासिल हो जाएंगे. 

वहीं पुतिन ने जेलेंस्की को टैलेंटेड आर्टिस्ट बताते हुए यूरोप पर भी तंज कसा है. पुतिन का बयान नाटो महासचिव मार्क रूट के बाद आया है. मार्क रूट ने कहा था कि रूस को शांति समझौता करना ही होगा, नहीं तो परिणाम विनाशकारी होंगे.

हम युद्ध जीत रहे, डोनेत्स्क, डोनबास पर होने वाला है कब्जा: पुतिन

पुतिन ने वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सनसनीखेज दावा किया है. पुतिन ने बताया कि “कुर्स्क में जब रूस को झटका लगा, तब रूसी सेनाओं ने नए सिरे से प्लान तैयार किया. इसके बाद हम लगातार युद्ध में जीत रहे हैं. साल के आखिर में हम डोनेस्क प्रांत पर पूरी तरह कब्जा कर लेंगे. जल्द ही डोनबास पर भी रूस का कब्जा होगा. सारे रणनीतिक इलाके हमारे पास हैं.”

वहीं जेलेंस्की का मजाक बनाते हुए पुतिन ने कहा, “जेलेंस्की को एक टैलेंटेड आर्टिस्ट हैं, जो यूक्रेन शांति समझौता नहीं चाहते. वो किसी भी कीमत पर सरेंडर नहीं करना चाहते हैं.”

रूसी संपत्ति पर कब्जे को हम यूरोप की डकैती मानेंगे, यूरोप रूस को अलग-थलग करना चाहता था: पुतिन

पुतिन ने यूरोपीय देश और यूरोपीय संघ को चेतावनी दी है. पुतिन ने कहा, “यूरोपीय संघ अगर रूस की संपत्ति को जब्त करता है, तो इसे हम डकैती मानेंगे. उन संपत्तियों को वापस लाने के लिए भी हम काम करेंगे.”

व्लादिमीर पुतिन ने कहा, “साल 2014 में ही यूक्रेन युद्ध की नींव डल गई थी. उस वक्त यूक्रेन में तख्तापलट हुआ था. हमारे खिलाफ यूक्रेन के लोगों को भड़काया गया, लेकिन किसी को यह विश्वास नहीं हुआ कि हम उनके साथ गलत कर सकते हैं. जेलेंस्की जब यूक्रेन की सत्ता में आए तो यूरोप ने बड़ी चाल चली. यूरोप किसी भी कीमत पर रूस को बर्बाद करना चाहता है, लेकिन वे सफल नहीं होंगे.”

पुतिन ने कहा, “हम 2022 में कीव शांति वार्ता के लिए गए थे. उस वक्त कीव को प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करना था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. कीव हमेशा शांति वार्ता से पीछे हट जाता है. लेकिन यूक्रेन के पास आने वाले दिनों में हथियार खत्म हो जाएंगे. तब वो क्या करेंगे.इसके बाद उन्हें सरेंडर करना ही होगा.”

पुतिन के पीछे रूसी नक्शे में यूक्रेन के पूर्वी इलाकों को शामिल किया गया, जिसे लेकर छिड़ी है जंग

राष्ट्रपति बनने के बाद व्लादिमीर पुतिन हर साल के आखिर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुतिन पत्रकारों और आम नागरिकों के सवाल का जवाब देते हैं. बताया जा रहा है कि इस संवाद कार्यक्रम के लिए बनाए गए कॉल सेंटर्स में 24 लाख से ज्यादा सवाल पूछे गए हैं.

वहीं पुतिन के सेट के पीछे रूसी नक्शे ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा. मैप में सिर्फ क्रीमिया ही नहीं बल्कि यूक्रेन के चार पूर्वी इलाके डोनेत्स्क, लुहांस्क, जापोरिज्जिया और खेरसॉन दिखाए गए हैं. एक्सपर्ट ने इस मैप को अमेरिका और यूरोप पर दबाव बनाने वाला बताया है. शांति वार्ता के बीच ये मैप दिखाने का सांकेतिक संदेश ये है कि रूस इन क्षेत्र को नहीं छोड़ेगा.

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