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अमेरिका-कोलंबिया में होगा गुरिल्ला वॉर, पेट्रो का खुला चैलेंज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने इरादे साफ कर चुके हैं. वेनेजुएला के बाद ग्रीनलैंड, कोलंबिया, मैक्सिको, क्यूबा जैसे देशों को ट्रंप धमका चुके हैं. ट्रंप के बयान के बाद लैटिन अमेरिकी देशों में गुस्सा है. वेनेजुएला में हुई सैन्य कार्रवाई में क्यूबा के 32 अधिकारी भी मारे गए हैं. 

वहीं कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने ट्रंप को खुला चैलेंज दे दिया है.पेट्रो ने राष्ट्रपति ट्रंप को दो टूक कहा है कि अगर अमेरिका ने कोलंबिया पर हमला किया या उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की तो इसका जवाब बेहद खतरनाक होने वाला है.

हथियार न उठाने की खाई थी कसम, लेकिन देश के लिए दोबारा उठा लूंगा हथियार: राष्ट्रपति पेट्रो

गुस्तावो पेट्रो 1990 के दशक में हथियार छोड़ने से पहले एक वामपंथी गुरिल्ला संगठन का हिस्सा रह चुके हैं. लेकिन ये उनका अतीत था. अब जब अमेरिकी संकट कोलंबिया पर मंडरा रहा है तो राष्ट्रपति पेट्रो ने दोबारा से हथियार उठाने की बात कही है. 

पेट्रो ने कहा, “हमने कभी हथियार ना उठाने की कसम खाई थी, लेकिन देश की रक्षा के लिए दोबारा हथियार उठा सकते हैं. आ जाओ. मुझे पकड़ने आओ. मैं यहीं तुम्हारा इंतज़ार कर रहा हूं.”

अमेरिका ने बम गिराया तो गुरिल्ला जंग शुरु हो जाएगी: राष्ट्रपति पेट्रो

कोलंबियाई राष्ट्रपति ने गुरिल्ला संगठन की बात करते हुए कहा कि “अगर अमेरिका ने कोलंबिया पर बमबारी की तो इसका अंजाम बेहद गंभीर होगा. अगर अमेरिका ने बम गिराए तो पहाड़ों में हज़ारों किसान गुरिल्ला बन जाएंगे. अमेरिकी बमबारी की स्थिति में गांवों में रहने वाले किसान हथियार उठा सकते हैं और पहाड़ी इलाकों में जाकर गुरिल्ला लड़ाई शुरू हो सकती है, जिससे पूरा क्षेत्र अस्थिर हो जाएगा.”

पेट्रो ने ये भी कहा कि “अगर राष्ट्रपति को हिरासत में लिया गया, या गिरफ्तार करने की कोशिश भी हुई, तो अमेरिकी ये जान लें कि जिसे देश का बड़ा हिस्सा प्यार करता है और सम्मान देता है तो जनता का गुस्सा फूट जाएगा. जनता का जैगुआर खुल जाएगा.”

ट्रंप ने पेट्रो पर लगाए कोकीन तस्करी के आरोप, सैन्य कार्रवाई को बताया अच्छा विकल्प

दरअसल अक्टूबर महीने में ट्रंप प्रशासन ने कोलंबियाई राष्ट्रपति पेट्रो और उनके परिवार के कुछ सदस्यों पर ड्रग तस्करी से जुड़े संबंधों के आरोप लगाते हुए प्रतिबंध लगाए थे.

वेनेजुएला पर कार्रवाई के बाद ट्रंप ने कोलंबिया का नाम लिया था. ट्रंप  ने कहा था कि “कोलंबिया एक बीमार देश है और वहां एक ऐसा शख्स शासन कर रहा है जो कोकीन बनाकर अमेरिका भेजता है.”

ट्रंप ने ये भी घोषणा की थी कि यह राष्ट्रपति (गुस्तावो पेट्रो) ज्यादा समय तक सत्ता में नहीं रहेगा. साथ ही ट्रंप ने कहा था कि “कोलंबिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करना उन्हें एक अच्छा विचार लगता है.”

ट्रंप के इस बयान के बाद लैटिन अमेरिकी देशों में उबाल है. कोलंबिया सरकार ने ट्रंप के इन बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि “वह अंतरराष्ट्रीय रिश्तों में बातचीत, सहयोग और आपसी सम्मान में विश्वास रखती है. किसी भी देश को धमकी देना या ताकत का इस्तेमाल करना सही नहीं है और यह अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है.”

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