ग्रीनलैंड पर सख्त तेवर के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी है लैटिन अमेरिकी देश क्यूबा को धमकी. ट्रंप ने सीधे-सीधे क्यूबा से कहा कि वक्त है, देर हो जाए उससे पहले समझौता कर लो.
इतना ही नहीं ट्रंप ने विदेश सचिव मार्को रुबियो को क्यूबा का राष्ट्रपति बनाने का बयान देकर नई बहस छेड़ दी है. सोशल मीडिया पर चल रहे मीम में रुबियो को क्यूबा का राष्ट्रपति बताया जा रहा है. लेकिन ट्रंप ने गंभीरता से कहा है, ये प्रस्ताव सुनने में अच्छा लग रहा है.
वेनेजुएला के तेल पर निर्भर था क्यूबा, अब तेल पर हमारा नियंत्रण: ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर क्यूबा का नाम लेकर साफ-साफ कह दिया है कि अब क्यूबा को कोई तेल या पैसा नहीं मिलेगा.
ट्रंप ने लिखा कि “क्यूबा लंबे समय से वेनेजुएला के तेल और वित्तीय सहायता पर निर्भर था लेकिन अब हालात बदल गए हैं. अभी वक्त है, इससे पहले कि देर हो जाए समझौता कर लो.”
ट्रंप ने लिखा कि “क्यूबा कई सालों तक तेल के बदले वेनेजुएला के तानाशाहों को सुरक्षा देता था. अब यह सिलसिला खत्म हो चुका है, क्योंकि पिछले हफ्ते हुए अमेरिकी मिलिट्री ऑपरेशन में ज्यादातर क्यूबा के सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं. अब वेनेजुएला को उन गुंडों और वसूली करने वालों की जरूरत नहीं है. इन लोगों ने वेनेजुएला को लंबे समय तक बंधक बनाए रखा था.”
ट्रंप ने क्यूबा को धमकाते हुए कहा, “अब वेनेजुएला संयुक्त राज्य अमेरिका के पास है. अमेरिका के पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है.”
मार्को रुबियो क्यूबा के अच्छे राष्ट्रपति बनेंगे, सोशल मीडिया ट्रोलर्स को ट्रंप ने दिया जवाब
क्यूबा को मिल रही धमकी के बीच सोशल मीडिया पर ट्रंप के बाद चर्चा में जो शख्स है, वो हैं अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो. मार्को रुबियो को लेकर अलग-अलग मीम बनाए जा रहे हैं, जिसमें उन्हें क्यूबा का राष्ट्रपति बताया जा रहा है. सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा था, ‘मार्को रुबियो क्यूबा के राष्ट्रपति होंगे’.
ट्रंप ने उस पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “यह सुनने में अच्छा लग रहा है. अगर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ‘क्यूबा के राष्ट्रपति’ बनते हैं तो यह विचार उन्हें अच्छा लगता है.”
रूस के करीबी क्यूबा को दुश्मन मानता है अमेरिका
अमेरिका और क्यूबा के संबंध 1959 की क्रांति के बाद से बेहद तनावपूर्ण रहे हैं. दशकों से तनावपूर्ण संबंधों को ओबामा प्रशासन के दौरान सामान्य करने की कोशिश की गई थी, लेकिन वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई के बाद ये संबंध बेहद संवेदनशील मोड़ पर हैं.
वेनेजुएला में हुई सैन्य कार्रवाई के दौरान क्यूबा के 32 अफसर मारे गए थे. इसके अलावा अमेरिका ने क्यूबा के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए हैं.
वहीं वेनेजुएला की तरह ही क्यूबा और रूस के बीच संबंध मजबूत हैं. रूस और क्यूबा ने आर्थिक और सैन्य सहयोग हैं. रूस क्यूबा को सैन्य, आर्थिक और ऊर्जा सहायता प्रदान कर रहा है.
अमेरिका को रोके भारत, क्यूबा ने की मांग
भारत में क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस ने कहा है कि भारत को अमेरिका की मनमानी के खिलाफ खुलकर बोलना चाहिए.
राजदूत ने कहा, “ट्रंप क्यूबा के खिलाफ नए आदेशों का ऐलान कर रहे हैं क्योंकि उनका मकसद क्यूबा को आर्थिक रूप से संकट में डालना, क्यूबा की अर्थव्यवस्था की किसी भी वित्तीय आय को रोकना है. वे क्यूबा को होने वाली सभी पुरानी आपूर्ति पर रोक लगा रहे हैं, न केवल वेनेजुएला से, बल्कि रूस से, और अन्य सभी देशों से भी. साथ ही, अमेरिकियों के क्यूबा जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.”
राजदूत ने कहा, “मुझे लगता है कि हर कोई अमेरिकी सरकार को यह संदेश भेजकर योगदान दे सकता है कि सैन्य आक्रामकता, किसी संप्रभु देश के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई कभी भी आसान नहीं होगी और न ही यह हमारी लंबित समस्याओं को हल करने या समझने का कोई तरीका होगा, न तो वेनेजुएला के साथ, न ही क्यूबा के साथ.”

