Breaking News Defence IOR

भारतीय नौसेना ने समुद्री-लुटेरों को खदेड़ा, ओमान से आ रहे जहाज को लुटने की कोशिश नाकाम

हिंद महासागर में भारतीय नौसेना ने समुद्री-लुटेरों को खदेड़ कर एक कॉमर्शियल जहाज को लूटने से बचा लिया है. समुद्री लुटेरे कॉमर्शियल जहाज एमवी मशाल्लाह को लुटने की फिराक में थे. लेकिन भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस कोलकाता की शीघ्र और आक्रामक कार्रवाई के चलते समुद्री लुटेरी भाग खड़े हुए.

आईएनएस कोलकाता इस समय पश्चिमी हिंद महासागर में एंटी-पायरेसी मिशन पर तैनात है. भारतीय नौसेना की इस त्वरित कार्रवाई से एक बार फिर साबित हो गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने की भारत प्रतिबद्ध है.

भारतीय नौसेना ने विदेशी कॉमर्शियल जहाज को बचाया

पश्चिमी हिंद महासागर में व्यापारी जहाज एमवी मशाल्लाह 1 के आसपास समुद्री डाकू घेराबंदी की तैयारी में थे. इस बीच भारतीय नौसेना को समुद्री डाकुओं की गतिविधियों की सूचना मिली. यह जानकारी मिलने पर भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस कोलकाता ने फौरन एक्शन लिया और समुद्री लुटेरे भाग खड़े हुए. आईएनएस कोलकाता पर तैनात हेलीकॉप्टर को भेजकर इलाके की हवाई निगरानी की गई. जहाज के कमांडो दस्ते ने एमवी मशाल्लाह-1 पर बोर्डिंग ऑपरेशन चलाकर जांच की. यह सुनिश्चित किया कि कोई खतरा नहीं है.

सोमालियाई फ्लैग वाला ये जहाज ओमान की राजधानी मस्कट से किसी अज्ञात गंतव्य की तरफ था, जब ये घटना हुई.

भारतीय नौसेना की इस तेज और सतर्क प्रतिक्रिया से व्यापारी जहाज की सुरक्षा सुनिश्चित हुई तथा संभावित समुद्री डकैती की बड़ी घटना टल गई.

भारतीय नौसेना ने घटना की जानकारी देते हुए बताया, “ अदन की खाड़ी के पास समुद्री लुटेरों की गतिविधियों की जानकारी मिली थी. जैसे ही क्षेत्र में संदिग्ध समुद्री गतिविधियों की जानकारी मिली, आईएनएस कोलकाता को तत्काल स्थिति का आकलन करने और व्यापारी पोत की सुरक्षा के लिए सक्रिय किया गया. भारतीय युद्धपोत ने तेजी से मौके की ओर बढ़ते हुए संदिग्ध गतिविधियों की जांच की और अपनी मौजूदगी से समुद्री डाकुओं के इरादों को नाकाम कर दिया. इस कार्रवाई के दौरान व्यापारी जहाज एमवी मशाल्लाह 1 को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया गया.”

अदन की खाड़ी में तैनात है भारतीय नेवी का युद्धपोत

इंडियन नेवी साल 2008 से ही अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती रोकने के लिए लगातार युद्धपोत तैनात कर रही है. इस क्षेत्र से गुजरने वाले व्यापारी जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना नौसेना की प्राथमिकता है. 

भारतीय नौसेना ने कहा, कि “हिंद महासागर क्षेत्र में वह प्रमुख सुरक्षा भागीदार और प्रथम प्रतिक्रिया बल की भूमिका निभाते हुए लगातार समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है. नौसेना का उद्देश्य व्यापारी जहाजों की सुरक्षा, समुद्री डकैती पर नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाए रखना है.”

आपको बता दें कि इंडियन नेवी समुद्री सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है. समुद्री डकैती हो, तस्करी, आतंकवाद या प्राकृतिक आपदा, नेवी ने अलग-अलग समय पर अपना पराक्रम दिखाया है. भारतीय नौसेना ने ताजा घटना के बाद कहा है कि “क्षेत्र में एक सुरक्षा साझेदार और फर्स्ट रिस्पॉडर के रूप में भारतीय नौसेना व्यापारी जहाजों की सुरक्षा, समुद्री डकैती का मुकाबला करने और सुरक्षित समुद्र सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.”

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *