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रूस-यूक्रेन जंग के 04 वर्ष पूरे, परमाणु हथियारों तक पहुंची नौबत

यूक्रेन जंग के चार वर्ष पूरे होने के साथ, रूस ने ब्रिटेन और फ्रांस पर लगाया है एक सनसनीखेज आरोप. आरोप ये कि ब्रिटेन और फ्रांस, यूक्रेन को परमाणु बम सप्लाई करने की तैयारी कर रहे हैं. रूस की खुफिया एजेंसी के हवाले से ये खबर सामने आई है. 

ब्रिटेन और फ्रांस पर डर्टी बम सप्लाई करने का आरोप

रूस की विदेश मामलों की इंटेलिजेंस एजेंसी (एसवीआर) ने न्यूक्लियर बम सप्लाई करने की जानकारी साझा की है. एसवीआर के मुताबिक, ब्रिटेन और फ्रांस इस बात की कोशिश कर रहे हैं किस तरह यूक्रेन को परमाणु बम या फिर कम से कम कोई डर्टी बम जरूर मुहैया कराया जाए. इसके लिए फ्रांस की पनडुब्बी से लॉन्च की जाने वाली एक बेहद खास मिसाइल का जिक्र किया गया है.

एसवीआर के मुताबिक, जर्मनी ने हालांकि, ऐसे किसी परमाणु हथियार को यूक्रेन को सप्लाई करने से इंकार कर दिया है. 

ट्रंप के हाथ खींचने से यूरोप से मिल रही है यूक्रेन को मदद

रूस ने आज से ठीक चार वर्ष पहले यानी 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर आक्रमण किया था. जंग में यूक्रेन को ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों से खासी मदद मिल रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में वापसी से यूएस ने यूक्रेन की मदद से हाथ खींच लिया है. ट्रंप को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति ‘सॉफ्ट’ माना जाता है. 

रूस के परमाणु हथियारों के आरोपों का पलटवार करते हुए ब्रिटेन ने आरोप लगाया कि ऐसे बेतुके बयानों से रूस दुनिया का ध्यान भटकाना चाहता है. ऐसा इसलिए ताकि, रूस अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को बढ़ा सके. 

पिछले 04 वर्ष में मारे गए 27 लाख से ज्यादा सैनिक

पिछले हफ्ते रूस ने दावा किया था कि पिछले चार वर्षों में यूक्रेन के करीब 15 लाख सैनिकों की जान चुकी है. रूस का दावा है कि पिछले साल यानी 2025 में अकेले, यूक्रेन के 5.20 लाख सैनिक जंग के मैदान में मारे गए.

रूसी सेना के ऑपरेशन्स चीफ, कर्नल-जनरल सर्गेई रुडस्कॉय ने फरवरी 2022 से लेकर अब तक जंग के मैदान में यूक्रेन को हुए नुकसान को लेकर आंकड़ा जारी किया था. रूसी सेना का दावा है कि पिछले वर्ष यूक्रेन के 6700 टैंक और कॉम्बेट व्हीकल सहित 12 हजार से ज्यादा तोप और मोर्टार्स को को नष्ट किया गया.

पिछले चार वर्षों में ये कम हुआ है कि रूस ने यूक्रेन के मारे गए सैनिकों का आंकड़ा पेश किया है. यूक्रेन के हर रोज या फिर हर महीने होने वाले नुकसान की जानकारी जरूर रूसी सेना अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करती है.

दूसरी तरफ यूक्रेन की सेना प्रतिदिन, रूसी सेना को हो रहे नुकसान का आंकड़ा साझा करती है. यूक्रेन का रक्षा मंत्रालय, पिछले चार वर्षों से रूसी सेना को हो रहा नुकसान का लेखा-जोखा पेश करता है. इन आंकडों में यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय, रोजाना का हुआ नुकसान जोड़ देती है. 

शुक्रवार यानी 20 फरवरी को यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने रणभूमि में रूस को हुए नुकसान का जो आंकड़ा पेश किया, वो भी बेहद चौंकाने वाला है. इन आंकड़ों के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में यानी 24 फरवरी 2022 से लेकर 20 फरवरी 2026 तक 12 लाख से ज्यादा (12,57,880) सैनिकों की जान गई है. ऐसे में अगर रूस और यू्क्रेन, दोनों के दावों को जोड़ दिया जाए तो पिछले चार वर्षों में 25.50 लाख से ज्यादा सैनिक जंग के मैदान में मारे गए हैं. 

जंग में रूस को भी हुआ जबरदस्त नुकसान

यूक्रेनी सेना का दावा है कि पिछले चार वर्षों में रूस के 11 हजार से ज्यादा टैंक (11,684), 26 हजार से ज्यादा कॉम्बैट व्हीकल,37 हजार से ज्यादा आर्टलरी (तोप), 1.39 लाख ड्रोन और करीब 80 हजार (79,112) मिलिट्री व्हीकल, 29 युद्धपोत, दो (02) पनडुब्बी, 435 एयरक्राफ्ट और 347 हेलीकॉप्टर तबाह किए गए. 

यूक्रेन के इन दावों पर हालांकि, अमेरिका और दूसरे यूरोपीय देश भी ज्यादा यकीन नहीं करते हैं. लेकिन ये जरूर है कि पिछले चार वर्षों में रूसी सेना को अच्छा खासा नुकसान हुआ है. 

यूक्रेन के लाखों लोग हुए विस्थापित

अमेरिका, सऊदी अरब और तुर्की जैसे देशों ने कई बार रूस-यूक्रेन जंग रुकवाने के प्रयास किए लेकिन असफल रहे. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के समकक्ष वोलोडिमीर जेलेंस्की, अपनी अपनी जिद पर अड़े हैं, जिसके चलते जंग रूकने का नाम नहीं ले रही है. जंग के चलते, यूक्रेन को अपने पूरे डोनबास प्रांत सहित करीब 20 प्रतिशत हिस्सा रूस को गंवाना पड़ा है. चार साल वाद भी रूसी सेना लगातार यूक्रेन की सीमा में आगे बढ़ रही है. युद्ध से यूक्रेन की सिविलियन जनता को भी खासा नुकसान हुआ है. संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों की मानें तो जंग के कारण, यूक्रेन के 50-60 लाख लोगों को यूरोप के दूसरे देशों में शरण लेनी पड़ी है. 

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