अगर मैं न होता तो भारत के हाथों पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मारे जाते. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान को लेकर एक और नया दावा कर दिया है. ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के सीजफायर का क्रेडिट लेते हुए एक और नया दावा दुनिया के सामने रखा है.
अमेरिका के चरणों में नतमस्तक पाकिस्तान को लेकर ट्रंप पिछले सप्ताह भारत की जीत की बात कबूल करते हुए पाकिस्तानी फाइटर जेट गिराए जाने की पुष्टि की थी, तो अब ये कहा है कि अगर वो नहीं होते तो पाकिस्तानी पीएम मार दिए जाते.
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर ट्रंप का नया दावा
ट्रंप ने अपनी खूबियों का बखान करते हुए भारत के ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया है. भारत के नकार दिए जाने के बावजूद ट्रंप बार-बार ये दावा करते रहते हैं कि उनके कारण ही साल 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव रुका था. अब इसमें नई बात जोड़ते हुए ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने “पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ की जान बचाई थी.”
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि “अगर हस्तक्षेप नहीं किया होता तो हालात बेहद गंभीर बन सकते थे. उस समय हालात परमाणु टकराव की ओर बढ़ रहे थे और उनकी बातचीत से 35 मिलियन लोगों की जान बच पाई.”
ट्रंप की जुबान पर सच, पाकिस्तानी फाइटर जेट्स गिरने की बात कबूली
राष्ट्रपति ट्रंप ने आखिरकार कबूल कर लिया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी फाइटर जेट गिरे थे. पिछले सप्ताह शहबाज शरीफ की मौजूदगी में ट्रंप ने ये स्वीकार किया.
अमेरिका में आयोजित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (गाजा शांति योजना) की बैठक में ट्रंप ने माना कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के लड़ाकू विमान भी गिरे थे. इससे पहले तक अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत के एयरक्राफ्ट गिरने का दावा किया था.
कुछ महीने पहले, भारत के वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक खुलासा किया था. एयर चीफ मार्शल के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के कुल मिलाकर 13 एयरक्राफ्ट को तबाह किया गया था, जिसमें से कम से कम 04 अमेरिका में बने एफ-16 फाइटर जेट थे.
एयर चीफ मार्शल सिंह के मुताबिक, “भारतीय वायुसेना की जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एस-400) ने पाकिस्तानी वायुसेना के आसमान में 05 लड़ाकू विमानों को मार गिराया था, जो एफ-16 और जेएफ-17 क्लास के थे. साथ ही एक अन्य टोही विमान को लंबी दूरी पर मार गिराया गया था. भारत के हवाई हमलों में पाकिस्तान के 04 रडार स्टेशन, 02 कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और 02 रनवे को तबाह किया गया था.”
एयर चीफ मार्शल ने ये भी बताया था कि “पाकिस्तानी वायुसेना के अलग-अलग एयरबेस पर तीन (03) हैंगर और टारमेक को बर्बाद किया गया था, जहां मेंटेनेंस के लिए खड़े 04-05 एफ-16 लड़ाकू विमान को नुकसान पहुंचा था. साथ ही पाकिस्तान के एक सी-130 एयरक्राफ्ट और एक सिग्नल-इंट (टोही) विमान को तबाह किया गया था.”
भारत से डरे पाकिस्तान ने मांगी थी अमेरिका से मदद
सच्चाई पूरी दुनिया के सामने है कि भारत की इस आक्रामक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने न सिर्फ अमेरिका बल्कि सऊदी अरब और दूसरे कुछ देशों से मदद की गुहार लगाई थी. ट्रंप ने कई मौकों पर ये बात स्वीकार की है कि भारत की कार्रवाई से घबरा कर पाकिस्तान ने सबसे पहले अमेरिका से मदद मांगी थी. लेकिन भारत ने साफ कहा है कि दो देशों के बीच मध्यस्थता स्वीकार नहीं है. जिसके चलते पिटे पाकिस्तान के डीजीएमओ ने ही गिड़गिड़ाते हुए भारतीय डीजीएमओ को कॉल करके सैन्य एक्शन रोकने की अपील की थी.

