मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध को 13 दिन हो चुके हैं. युद्ध खत्म होने के आसार नहीं नजर आ रहे. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने मुंह मिया मिट्ठू बने हुए हैं. सच्चाई पूरी दुनिया के सामने है कि ईरान किसी भी तरह से कमजोर नहीं पड़ा है. लगातार ईरान की आईआरजीसी अमेरिका-इजरायल के लिए चुनौती बना हुआ है. लेकिन ट्रंप हैं कि बार-बार बयान बदलते नजर आ रहे हैं.
कभी कहते हैं कि ये युद्ध 4-5 सप्ताह चलेगा तो कभी कहते हैं कि अमेरिका युद्ध जीत चुका है. कभी कहते हैं कि ईरान तो पहले एक घंटे में ही युद्ध हार चुका था तो डोनाल्ड ट्रंप ने अब कहा है कि मैं जब चाहूं तो युद्ध समाप्त कर सकता हूं. यानि ताजा बयान के हिसाब से ट्रंप ने ये मान लिया है कि ईरान संग युद्ध जारी है.
ट्रंप ने किया ईरान में जीत का दावा, इजरायल कुछ और ही कह रहा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को जीतने का दावा किया है. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध “जल्द ही” समाप्त हो सकता है क्योंकि “निशाना लगाने के लिए व्यावहारिक रूप से कुछ बचा ही नहीं है.
ट्रंप ने कहा, ईरान में थोड़ा-बहुत है… जब भी मैं चाहूं, यह समाप्त हो जाएगा. हमने उनकी नौसेना, उनकी वायु सेना, उनकी रक्षा प्रणाली, सब कुछ ध्वस्त कर दिया है.ऐसा पहले कभी किसी ने नहीं देखा. हमारे पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है. ईरान ने 47 वर्षों के बराबर दुनिया को नुकसान पहुंचाया है. अब वे इसकी भारी कीमत चुका रहे हैं.”
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान से उलट इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि “यह युद्ध बिना किसी समय सीमा के जारी रहेगा. जब तक सभी सैन्य लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते और पूरी तरह जीत हासिल नहीं हो जाती, तब तक अभियान जारी रहेगा.”
ईरान की सैन्य क्षमता खत्म हुई: सेंटकॉम
ईरान के अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के कमांडर एडमिरल ब्रेड कूपर ने भी एक वीडियो संदेश जारी करते हुए दावा किया कि “अमेरिकी सेना का लक्ष्य ईरान की उस क्षमता को खत्म करना है, जिससे वह होर्मुज में जहाजों को नुकसान पहुंचा सके या उन्हें परेशान कर सके. अमेरिकी सेना लगातार ईरान के खिलाफ बड़े हमले कर रही है. अमेरिका की सैन्य ताकत बढ़ रही है, जबकि ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर हो रही है. यही कारण है कि हाल के दिनों में ईरान की ओर से होने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों में काफी कमी आई है.”
अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा है कि “मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे. प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फघारी ने कहा कि “हाल के हमलों में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरानी बलों की लगातार निगरानी है और दुश्मनों को वहां से गुजरने का अधिकार नहीं है. ईरान अपनी स्वतंत्रता की रक्षा कर रहा है और मिसाइल तथा ड्रोन हमले आगे भी जारी रहेंगे.”
ट्रंप भले ही युद्ध में जीत का दावा करें, दुनिया ये मान रही है कि ईरान को कमतर समझकर अमेरिका ने बड़ी भूल की है, जिसका खामियाजा अमेरिकी सैनिकों को भुगतना पड़ रहा है. वहीं ईरान की सैन्य क्षमता भले ही कम दिख रही हो, लेकिन उसके पास अभी भी मिसाइलों और ड्रोन का भयंकर जखीरा मौजूद है, जिसके कारण युद्ध लंबा खींचा जा सकता है. ईरान ने भी साफ कर दिया है कि जब तक उनके दिवंगत नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत का बदला नहीं लिया जाएगा, वो पीछे नहीं हटेंगे. हालांकि सच्चाई ये भी है कि चाहे अमेरिका हो या फिर ईरान अंदरखाने से मध्यस्थता चाह रहा है. कहा ये भी जा रहा है कि इसकी कूटनीतिक कोशिशें शुरु हो चुकी है.

