अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के कुछ ही घंटे बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर धावा बोल दिया. अमेरिका ने ईरान के बंदर सिरिक नेवल बेस पर बड़ा अटैक किया है. इस दौरान वेलायत नेवल बेस को भी निशाना बनाया गया.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के करीब अमेरिका-ईरान आमने-सामने हैं. केशम द्वीप पर 6 अलग-अलग जगहों पर अमेरिका ने हवाई हमले किए हैं, जिसके बाद ईरान ने भी खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस पर हमला करके जवाब दिया है.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. जहां ट्रंप, ईरान के साथ समझौते को पक्का बता रहे थे, वहीं अपाचे हेलीकॉप्टर पर ईरान के अटैक के बाद 24 घंटे के अंदर मामला पलट गया और मिडिल ईस्ट एक बार फिर जल उठा है.
अमेरिकी वायुसेना-नौसेना ने ईरान पर टारगेट किया: सेंटकॉम
अमेरिकी सेना ने अपने अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद ईरान पर ताबड़तोड़ हमला किया है. केशम द्वीप, बंदर अब्बास समेत सीरिक और जास्क जैसे इलाकों में रडार, एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया है. इस बार अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास के इलाकों में एयरस्ट्राइक की है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक, “यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर की गई. जारी बयान में कहा गया है कि यह हमला हाल ही में अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के जवाब में ‘आत्मरक्षा’ में किया गया.”
सेंटकॉम ने कहा, “अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने सटीक हथियारों का इस्तेमाल करते हुए ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और निगरानी रडार ठिकानों निशाना बनाया. यह ऑपरेशन हाल ही में अमेरिकी सेना और इंटरनेशनल कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों का भी जवाब था.”
ईरान में हमारे हमले पूरे हुए: सेंटकॉम
अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप, बंदर अब्बास, सीरिक और जास्क में जोरदार विस्फोट किए. केशम द्वीप और बंदर अब्बास के आसपास कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं. वहीं सीरिक शहर में एक प्रोजेक्टाइल गिरने की भी पुष्टि की गई. जास्क और कुह-ए-मोबारक में दो जगहों पर भी ऐसे प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया.
मंगलवार रात को राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में गश्त कर रहे अमेरिकी सेना के एक अत्याधुनिक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा था कि इस हमले का जवाब अमेरिका को देना होगा.
अमेरिका का कहना है कि हमारे हेलिकॉप्टर गिराए जाने के जवाब में ईरान के खिलाफ हमले ‘पूरे’ हो गए हैं.
अपाचे हेलीकॉप्टर पर हमले की पूरी घटना जानिए
इसी सप्ताह सोमवार को एक अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर के होर्मुज स्ट्रेट के पास क्रैश होने की खबर आई थी. राष्ट्रपति ट्रंप ने इस खबर की पुष्टि करते हुए जानकारी दी थी कि हेलिकॉप्टर के दोनों पायलट सुरक्षित हैं. वाशिंगटन डीसी लौटने से पहले जॉन एफ कैनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, ‘पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं.
लेकिन मंगलवार को ट्रंप ने बताया कि उनका लड़ाकू हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार नहीं हुआ था, बल्कि उसपर ईरान की ओर से हमला किया था. ईरान ने जानबूझकर हेलीकॉप्टर पर गिराया था.
एएत-64 अपाचे हेलीकॉप्टर अमेरिकी सेना के सबसे महत्वपूर्ण लड़ाकू हेलीकॉप्टरों में गिने जाते हैं. इनका इस्तेमाल सटीक हमले, नजदीकी हवाई सहायता और निगरानी अभियानों में किया जाता है. अमेरिका इन हेलीकॉप्टरों का उपयोग ईरानी तेल आपूर्ति और टैंकरों की निगरानी तथा नाकेबंदी लागू करने में भी करता रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन हेलीकॉप्टरों का उपयोग पहले ईरान की छोटी नौकाओं के खिलाफ अभियानों में भी किया जा चुका है.
अमेरिका को देंगे करारा जवाब: आईआरजीसी
ईरान ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताया है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानि आईआरजीसी ने आरोप लगाया कि “अमेरिकी सेना ने झूठे बहाने हमले किए हैं. अमेरिका को इसका सबक सिखाया जाएगा.”
ईरान की इस धमकी के बाद खाड़ी देशों में टेंशन बढ़ गई है. और ताजा हमलों के बाद अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत भी डीरेल होती दिख रही है.

