Breaking News Middle East War

ट्रंप को डर ईरान में बेखौफ शीर्ष, युद्ध में किसका पलड़ा भारी?

अमेरिका-इजरायल की ईरान में हो रही एयरस्ट्राइक और बमबारी को दरकिनार करते हुए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर घूमकर अपनी जनता का हौसला बढ़ाया है.

पेजेश्कियान और लारीजानी के अलावा ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और ईरानी धार्मिक संस्थान के प्रमुख आयतुल्लाह अराफी भी सड़कों पर आराम से निकले. ये ईरान के वो शीर्ष हैं, जिन्हें अमेरिका या इजरायल खत्म करना चाहते हैं.

मसूद पेजेश्कियान हों या फिर अली लारीजानी, अराघची हों या फिर अराफा किसी के भी चेहरे पर युद्ध का कोई भय नहीं था. जबकि अली लारीजानी अमेरिका के टारगेट पर हैं, क्योंकि ये ईरान के वो शीर्ष हैं, जो अयातुल्ला खामेनेई का दाहिना हाथ थे. जंग के माहौल में भी अली लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धमकाया है और कहा है कि ट्रंप ने जो किया है, उसका बदला लिया जाएगा.

कुद्स दिवस पर सड़कों पर उतरे ईरानी शीर्ष, पेजेश्कियान का लोगों ने चूमा

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई और सभी सैन्य शीर्ष की मौत के बावजूद ईरान के राष्ट्रपति, विदेश मंत्री समेत ताकतवर शीर्ष ने सड़कों पर उतरकर अमेरिका-इजरायल को चुनौती दी. रमजान के आखिरी शुक्रवार को ईरानी कुद्स दिवस मनाने तेहरान की सड़कों पर हजारों लोग उतरे थे. लेकिन दुनिया को हैरानी उस वक्त हुई जब बिना किसी सिक्योरिटी के ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान भी लोगों के बीच पहुंच गए.

तेहरान में कुद्स डे रैली के दौरान अपने बीच राष्ट्रपति पेजेश्कियान को देख जनता चौंक गई. कई लोगों ने राष्ट्रपति के माथे को चूम लिया तो कई लोग राष्ट्रपति संग सेल्फी खींचने लगे. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की. ये सबकुछ ऐसे वक्त में हुआ जब अमेरिका और इजरायल तेहरान में लगातार एयरस्ट्राइक कर रहे हैं और तेल रिफाइनरियों पर अटैक किया जा रहा है. राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने अस्पताल में जाकर युद्ध में घायल हुए लोगों से भी मुलाकात की.

अमेरिका टारगेट पर लारीजानी, तेहरान में बेखौफ दिखे

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियान के अलावा ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च परिषद के सचिव अली लारीजानी भी तेहरान की सड़क पर निकले. लारीजानी ईरान के वो पावरफुल शख्स हैं जो इजरायल और अमेरिका के रडार पर हैं. इस 14 दिनों के दौरान लारीजानी कई बार इजरायली-अमेरिकी हमलों में बच चुके हैं. कहा जा रहा था कि लारीजानी अपनी जान बचाने के लिए किसी सीक्रेट जगह पर हैं या फिर उनके बंकर में छिपे होने की खबरें थीं लेकिन तेहरान में बिना डर के लारीजानी का बाहर निकलना, साबित कर रहा है कि ईरान अपने अस्तित्व की लड़ाई के घायल शेर की तरह से लड़ रहा है.

अली लारीजानी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा- अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत के 13वें दिन सड़कों पर ईरान की जनता उमड़ आई है.

आपको बता दें कि ईरान के सुप्रीम लीडर के बाद राष्ट्रपति और सर्वोच्च परिषद के सचिव को सबसे ज्यादा पावरफुल माना जाता है. 

ईरानी हमलों के बाद बढ़ी ट्रंप की सुरक्षा, पादरियों ने की प्रार्थना

खामेनेई की मौत के बाद पहली बार राष्ट्रपति पेजेश्कियान, लारीजानी, अब्बास अराघची सार्वजनिक रूप से सड़कों पर टहलते नजर आए. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बात की जाए, तो इन हमलों के बाद ट्रंप की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. वहीं हाल ही में व्हाइट हाउस में ट्रंप के लिए एक स्पेशल प्रार्थना भी की गई थी, जिसमें कई पादरियों ने उनके लिए एकजुट होकर प्रेयर की थी और ट्रंप आंख बंद कर नजर आए थे. ऐसे में सवाल उठता है इन 14 दिनों में ज्यादा बहादुर कौन है, ईरान या अमेरिका.

ट्रंप चाहे कितनी बार भी ये दावा करते रहें की ईरान की जंग वो जीत चुके हैं, लेकिन सच्चाई ये है कि अमेरिका एक लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया है. खुद अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट ने ये मान लिया है कि अमेरिकी हमलों के बाद भी वहां कट्टरपंथी शासन को नहीं हटाया जा सका है.

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.

Leave feedback about this

  • Rating

Choose Your Premium Plan

Unlock exclusive defence reports, geopolitical analysis and premium articles.