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मोदी-मैक्रों में फोन पर बातचीत, ईरान जंग पर जताई चिंता

सेंट्रल एशिया में मचे हाहाकार के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच बातचीत हुई है. ये बातचीत ऐसे वक्त में हुई है जब होर्मुज स्ट्रेट के बाधित होने से पूरी दुनिया चिंतित है.

मिडिल ईस्ट में असुरक्षा है. निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले सभी देशों के तेल टैंकर फंसे हुए हैं या निकलने की कोशिश में ईरानी मिसाइलों की मार पड़ रही है. एशिया से लेकर यूरोप तक तेल और गैस का व्यापक वैश्विक संकट पैदा हो गया है, जिसका असर दिखना शुरु हो गया है.

ऐसे में पीएम मोदी और फ्रेंच प्रेसिडेंट मैक्रों ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता पर जोर दिया है. साथ ही संवाद के साथ इस युद्ध को फौरन रोके जाने पर अपने-अपने विचार साझा किए हैं. इसी सप्ताह मैक्रों ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से लंबी बातचीत की थी. इससे पहले पीएम मोदी भी मसूद पेजेश्कियान से बातचीत कर चुके हैं.

पश्चिम एशिया में तत्काल तनाव कम होना चाहिए:  पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति पर बातचीत की है. एक्स पर जानकारी देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मैंने अपने प्रिय मित्र, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति और तनाव कम करने की तत्काल आवश्यकता के बारे में बात की,  साथ ही संवाद और कूटनीति की ओर लौटने की जरूरत पर भी चर्चा हुई. हम क्षेत्र और उससे आगे शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अपनी निकट समन्वय जारी रखने की आशा करते हैं.”

मिडिल ईस्ट में चल रहे सैन्य संघर्ष को लेकर पीएम मोदी लगातार एक्शन में हैं. वो खाड़ी देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ-साथ इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से भी बातचीत कर चुके हैं. पीएम मोदी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि युद्ध रुकना चाहिए और संवाद के जरिए और कूटनीतिक कदम उठाकर मतभेदों को सुलझाना चाहिए.

भारत-फ्रांस मिलकर मिडिल ईस्ट में तनाव कम करेंगे: मैक्रों

पीएम मोदी ने साफ कहा कि इस संकट को सुलझाने के लिए तनाव कम करना और बातचीत की मेज पर वापस आना बेहद जरूरी है. राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी की सोशल मीडिया पोस्ट का जवाब देते हुए उन्हें ‘प्रिय मित्र’ कहा. मैक्रों ने लिखा कि “भारत और फ्रांस क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.”

मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के शांति प्रयासों की सराहना की और कहा कि “हमारी कोशिशों के केंद्र में हमेशा डिप्लोमेसी रहेगी. इस क्षेत्र में स्थिरता लाना न केवल उनके देशों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है.”

मिडिल ईस्ट में हालात बेहद खराब, गैस-तेल रिफाइनरियां जल रहीं

मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर हैं. रिहायशी इलाकों के अलावा अब ईरान को आर्थिक तौर पर चोट पहुंचाने के लिए गैस और तेल रिफाइनरियों को टारगेट किया जा रहा है. वहीं बदला लेने के लिए ईरान भी अपने पड़ोसी देश कतर के तेल स्त्रोतों पर मिसाइल अटैक कर रहा है. इसका नुकसान दुनिया को झेलना पड़ रहा है. वहीं होर्मुज की खाड़ी में दुनियाभर के जहाज फंसे हुए हैं, जिनपर अटैक किया जा रहा है. इस युद्ध की आंच यूरोप तक पहुंच चुकी है. इराक के इरबिल में फ्रांस के सैन्य बेस पर अटैक किया जा चुका है, जिसके बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरानी राष्ट्रपति से युद्ध को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की मांग की थी.

जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला II से पीएम मोदी ने की बात

पीएम मोदी ने गुरुवार को जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला II से फोन पर बातचीत कर ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं. इस दौरान दोनों नेताओं ने सेंट्रल एशिया के हालात पर चिंता जताई और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा व स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति की जरूरत पर जोर दिया. ऊर्जा ढांचे पर हमलों को निंदनीय बताते हुए इसे तनाव बढ़ाने वाला बताया गया. भारत और जॉर्डन ने वस्तुओं और ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति के समर्थन को दोहराया.

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