भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर विश्व के वो नेता हैं, जो लगातार ईरान के साथ संपर्क में हैं और संवाद-कूटनीति के जरिए शांति की बात कह रहे हैं. एस जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच कई राउंड बातचीत हो चुकी है और जयशंकर की कूटनीति के चलते ही होर्मुज की खाड़ी जहां बाकी देशों के जहाज फंसे हुए हैं, वहां भारतीय जहाजों को बेरोकटोक गुजरने दिया जा रहा है.
ऐसे में इजरायली विदेश मंत्री गिडोनसार ने ईरान से जंग के दौरान भारत के अपने समकक्ष एस जयशंकर से फोन पर बातचीत की है. गिडोनसार और जयशंकर के बीच ईरान युद्ध को लेकर बातचीत की गई है. जयशंकर के साथ बातचीत में गिडोनसार ने ईरानी हमलों को एकदम सही बताया है.
इजरायली विदेश मंत्री ने जयशंकर से क्या कहा?
इजरायली विदेश मंत्री गिडोनसार ने एक्स पर लिखा, “मैंने अपने मित्र और भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से बात की और उन्हें ईरानी आतंकवादी शासन के खिलाफ चलाए जा रहे हमारे अभियान में हो रहे विकासों के बारे में जानकारी दी. मैंने कहा कि यह शासन हार्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक आतंकवाद कर रहा है. यह कोई अमेरिकी या इजरायली मुद्दा नहीं है, बल्कि यह विश्व व्यवस्था और वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाली एक मौलिक समस्या है. अगर इस गंभीर घटना को अभी संबोधित नहीं किया गया तो यह दुनिया भर में फैल सकती है.”
हम भारत की रणनीतिक साझेदारी को महत्व देते हैं: गिडोनसार
गिडोनसार ने एक्स पर लिखा- “मैंने ईरानी शासन द्वारा मध्य पूर्व, काकेशस और यूरोप के अन्य देशों पर आक्रामकता के बारे में भी बात की. मैंने जोर दिया कि ईरानी शासन पागलपन भरे तरीके से काम कर रहा है. हम भारत के साथ अपनी विशेष रणनीतिक साझेदारी को बहुत महत्व देते हैं, जो दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है.”
जयशंकर को मिला रहे दुनिया के विदेश मंत्री फोन, अराघची के संपर्क में विदेश मंत्री
सिर्फ इजरायली विदेश मंत्री ही नहीं, बल्कि यूरोप के कई विदेश मंत्रियों ने मिडिल ईस्ट की जंग के बीच जयशंकर को कॉल किया है. ईरान का हमला झेल रहे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने भी एस. जयशंकर से फोन पर बात की है.शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने जयशंकर से क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभाव, साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले इनके नकारात्मक नतीजों पर बात की.
ईयू के नेताओं से मिले थे जयशंकर, होर्मुज और युद्ध पर चर्चा
हाल ही में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की थी. बैठक में पश्चिम एशिया संघर्ष, वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य के अवरोध से तेल-गैस कीमतों पर चर्चा हुई. ईरान द्वारा ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को रोके जाने के बाद बढ़े तेल और गैस के दामों पर चिंता जताते हुए जयशंकर ने संकट के समाधान के लिए संवाद एवं कूटनीति की आवश्यकता पर बल दिया साथ ही उन्होंने एफटीए को अंतिम रूप देना भारत और ईयू के संबंधों में एक अहम मोड़ बताया है.

