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काश पटेल का ईमेल हैक, ईरानी हैकर्स पर इनाम जारी

ईरान से जुड़े हैकर्स ग्रुप ने दी है अमेरिका जांच और खुफिया एजेंसी एफबीआई को सीधी चुनौती. ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के चीफ काश पटेल का ईमेल तेहरान से जुड़े ग्रुप ने हैक कर लिया. इतना ही नहीं काश पटेल की कुछ निजी जानकारियां भी लीक कर दी गईं, जिससे अमेरिका में हड़कंप मच गया है.

ईरान से जुड़े प्रो फिलिस्तीनी हंडाला हैक टीम नाम के इस ग्रुप ने कहा कि उन्होंने काश पटेल के प्राइवेट ईमेल इनबॉक्स में घुसकर डेटा हासिल किया है. हैकर्स ने अपनी वेबसाइट पर लिखा कि काश पटेल अब उन लोगों में शामिल हो गए हैं, जिनके अकाउंट हैक किए गए हैं.

28 फरवरी से जारी युद्ध के बीच इस ईरानी ग्रुप ने एफबीआई को धमकी दी थी और अब उस धमकी को सच करके दिखा दिया है. कहा था कि एफबीआई पर सेंधमारी जल्द. एफबीआई की सुरक्षा मजाक से ज्यादा कुछ नहीं है. इस धमकी के कुछ ही घंटों बाद काश पटेल की निजी ईमेल हैक कर लिया गया.

हैकिंग ग्रुप हंडाला बेहद खतरनाक हैकर्स का ग्रुप है, जो पहले भी बड़ी-बड़ी कंपनियों और लोगों को साइबर हैकिंग का शिकार बना चुका है.

क्या काश पटेल के निजी ईमेल तक पहुंचे हैकर्स?

ईरान से जुड़े हंडाला ग्रुप के हैकर्स ने काश पटेल की कई निजी फोटो भी शेयर की हैं. इन तस्वीरों में पटेल सिगार पीते, एक पुरानी कार में बैठे और शीशे के सामने सेल्फी लेते दिखाई दे रहे हैं. कुछ फोटो में उनके पास शराब की बोतल भी नजर आ रही है.

अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने इस डेटा को असली बताया है, लेकिन इस बात की पुष्टि नहीं की है कि काश पटेल की निजी ईमेल हैक हुआ है या नहीं.

इसी गुरुवार को टेलीग्राम पर चेतावनी देते हुए हंडाला गुर्प ने कहा था कि “जल्द ही आपको एहसास हो जाएगा कि एफबीआई की सुरक्षा एक मज़ाक से ज़्यादा कुछ नहीं थी.”

हैकर्स की ओर से जारी किए गए डेटा में 2010 से 2019 के बीच के ईमेल शामिल बताए जा रहे हैं, जिनमें निजी और काम से जुड़े दोनों तरह के मैसेज हैं.

एफबीआई ने हंडाला ग्रुप पर रखा 10 लाख डॉलर का इनाम

इस साइबर अटैक की खबर से अमेरिकी साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यह मामला देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी के प्रमुख से जुड़ा है. उस एजेंसी से जिसे पूरी दुनिया में शक्तिशाली माना जाता है.

एफबीआई ने इस पूरे मामले की जांच में जुटी है. एफबीआई की ओर से कहा गया है कि वह निदेशक काश पटेल की निजी ईमेल जानकारी से जुड़े एक उल्लंघन की जांच कर रही है,  उन्होंने लीक डेटा को “पुराना” बताते हुए कहा कि इसका सरकारी प्रणालियों से कोई संबंध नहीं है.

एक बयान में,  एफबीआई ने कहा कि उसने किसी भी जोखिम को कम करने के लिए कदम उठाए हैं और बताया कि विदेश विभाग का ‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम ईरान स्थित हंडाला हैक टीम की पहचान करने वाली जानकारी के लिए 10 मिलियन डॉलर तक का इनाम दे रहा है, जिसने अमेरिकी अधिकारियों को बार-बार निशाना बनाया है.

हंडाला ग्रुप है कौन, जिसने दी एफबीआई को चुनौती

हंडाला हैकर ग्रुप खुद को इजरायल और अमेरिका का विरोधी और फिलिस्तीनी समर्थक बताता है. इससे पहले भी इजरायल-अमेरिका के खिलाफ साइबर अटैक करता रहा है. लेकिन साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक यह ईरान की इंटेलिजेंस मिनिस्ट्री (एमओआईएस) से जुड़ा हुआ है. इसे ईरानी सरकार की साइबर यूनिट का एक ही एक माना जाता है.

ये ग्रुप साल 2023 में सुर्खियों में आया था जब इसने इजरायल की सैन्य,  डिफेंस,  हेल्थकेयर,  इंफ्रास्ट्रक्चर और सिविलियन टारगेट्स पर साइबर अटैक करने का दावा किया था. ये ग्रुप अपने कार्टून और थीम का इस्तेमाल करके अपनी ब्रांडिंग करता है.

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