ईरान से तनातनी के बीच अमेरिका करने वाला है मिनटमैन III परमाणु मिसाइल का नया परीक्षण. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानि पेंटागन ने इस न्यूक्लियर मिसाइल के लिए 20 मई का दिन तय किया है. जीटी 256 नामित यह परीक्षण प्रक्षेपण 20 मई को कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस के उत्तरी क्षेत्र से किया जाएगा.
हालांकि अमेरिकी सेना का दावा है कि यह परीक्षण ईरान पर उसके युद्ध द्वारा पैदा हुए बढ़ते वैश्विक तनाव, विश्व घटनाओं की प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि वार्षिक मूल्यांकन का हिस्सा है.
अमेरिकी सेना के मुताबिक, इसका आधिकारिक उद्देश्य मिनटमैन III हथियार प्रणाली की प्रभावशीलता, तैयारी और सटीकता को मान्य करने के लिए डेटा एकत्र करना है.
7 महीने में दूसरी बार अमेरिका कर रहा न्यूक्लियर मिसाइल टेस्ट
दुनिया में अमेरिका के न्यूक्लियर मिसाइल परीक्षण को लेकर हलचल तेज हो गई है. 20 मई को अमेरिकी सेना बिना हथियार (अन ऑर्म्ड) वाली मिनटमैन-3 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का परीक्षण करने वाली है.
पिछले साल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के न्यूक्लियर टेस्ट की घोषणा की थी और सात महीने में ये दूसरी बार है, जब पेंटागन के आदेश के बाद मिनटमैन-3 का परीक्षण किया जा रहा है. इससे पहले पिछले साल नवंबर के महीने में मिसाइल की सफल टेस्टिंग की गई थी, लेकिन ईरान के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष के बीच न्यूक्लियर मिसाइल के परीक्षण की अहमियत बढ़ जाती है.
अपनी सैन्य तैयारी परख रहा अमेरिका, दुनिया की नजर
अमेरिका ने बिना हथियार वाली मिनटमैन- 3 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का दूसरी बार परीक्षण करने जा रही है. पिछले साल ये मिसाइल कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग एयर फोर्स बेस से दागी गई. मिनटमैन-3 अपने साथ परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और 14 हजार किमी तक हमला कर सकती है.
अमेरिकी स्पेस फोर्स कमांड के मुताबिक, परीक्षण की शुरुआत 625वें स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस स्क्वाड्रन की टीम ने एयरबोर्न लॉन्च कंट्रोल सिस्टम से की गई थी. यह सिस्टम मिसाइल कमांड और कंट्रोल का बैकअप काम करता है.
मिनटमैन-3 मिसाइल लगभग 4,200 मील (6759 किमी) की दूरी तय करके मार्शल आइलैंड्स के रोनाल्ड रीगन बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस टेस्ट साइट तक पहुंची थी. मौजूद रडार और सेंसर के जरिये मिसाइल की परफॉमेंस का डेटा इकट्ठा किया गया. परीक्षण में एयरफोर्स कमांड की तीनों मिसाइल विंग के एयरमेन और वायोमिंग के एफई वॉरेन एयरफोर्स बेस के मेंटेनेंस स्टाफ ने भी सहयोग किया था.
मिनटमैन- 3 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के बारे में जानिए
इस मिसाइल की रेंज लगभग 10,000 किलोमीटर से 14,000 किलोमीटर तक है, जो इसे एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप पर हमला करने में सक्षम बनाती है. यह मिसाइल 24,000 से 28,000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (ध्वनि से लगभग 20-23 गुना ज्यादा) से उड़ान भर सकती है。यह अपने लक्ष्य तक 30 मिनट से भी कम समय में पहुंच सकती है. यह ठोस ईंधन पर आधारित है और इसे जमीन के अंदर बने गुप्त साइलो से लॉन्च किया जाता है. इसमें कई वारहेड लगाए जा सकते हैं, जिससे यह मिसाइल एक साथ कई अलग-अलग जगहों पर परमाणु हमला कर सकती है.
बताया गया कि यह मिसाइल लगभग 50 साल पुरानी है. इसका नया संस्करण सेंटिनल आईसीबीएम अभी तैयार नहीं हुआ है. जैसे-जैसे अमेरिका अपनी मिसाइल प्रणाली को नए एलजीएम-35ए सेंटिनल सिस्टम में बदल रहा है, मिनटमैन-3 की तैयारी और विश्वास बनाए रखना भी जरूरी है. अमेरिकी सेना का मानना है कि मिनटमैन-3 अभी भी सही और भरोसेमंद है.

