अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान का युद्ध और भीषण हो गया है. ईरान ने खाड़ी देश कुवैत पर बड़ा अटैक किया है. कुवैत के बिजली और पानी के डीसैलिनेशन प्लांट पर हुए ईरानी हमले में एक भारतीय की मौत हो गई है. ईरान ने पानी के डीसैलिनेशन प्लांट के सर्विस सेंटर पर रविवार रात मिसाइलें दागी थीं. जिसके बाद पूरे इलाके में चीखपुकार मच गई.
इस प्लांट में काम करने वाले कई लोग घायल हुए वहीं कुवैत के बिजली, जल और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में भारतीय कर्मचारी की मौत की पुष्टि की है.
हमारे बिजली-जल संयंत्रों को ईरान ने पहुंचाया नुकसान: कुवैत
मिडिल ईस्ट में जंग थमने का नाम नहीं ले रही. अमेरिका-इजरायल दोनों तेहरान पर लगातार बम गिरा रहे हैं, बदले में ईरानी सेना खाड़ी देशों को टारगेट कर रहा है. इस सैन्य संघर्ष में सबसे ज्यादा परेशान हैं, तो वो हैं आम लोग. हर दिन, हर रात दहशत में निकल रही है. और बड़ी संख्या में रिहायशी इलाकों के साथ-साथ दफ्तरों में भी लोगों की मौत हो रही है. इस जंग की चपेट में आकर मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीय भी युद्ध का शिकार बन रहे हैं.
कुवैत के बिजली, जल और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने सोमवार को एक पोस्ट में बताया कि “रविवार शाम को कुवैत पर ईरानी हमले के तहत, एक बिजली और पानी के डीसैलिनेशन प्लांट स्थित एक सर्विस बिल्डिंग पर हमला किया गया, जिसकी वजह से एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई और इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है.”
मंत्रालय की प्रवक्ता इंजीनियर फातिमा अब्बास जौहर हयात के मुताबिक- “हमले में बिजली-पानी संयत्र को भी भारी नुकसान पहुंचा है.”
मिडिल ईस्ट में अब तक कितने भारतीयों की मौत, कितने लोगों की सकुशल वापसी
ईरान में जारी युद्ध में किसी भारतीय की यह पहली मौत नहीं है. इससे पहले भी कई भारतीयों की जान जा चुकी है. हालांकि भारत की ओर से नागरिकों को लेकर लगातार गाइडलाइन जारी की जा रही है. भारतीयों को वापस भी लाने की कवायद जारी है.
विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह जानकारी साझा की थी. पश्चिम एशिया में घटनाक्रम को लेकर अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान खाड़ी देशों के अतिरिक्त सचिव असीम महाजन ने जानकारी देते हुए बताया था कि “पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और दोनों पक्षों की ओर से जारी हमलों के बीच अलग-अलग घटनाओं में 07 भारतीयों की मौत हो चुकी है. जबकि एक भारतीय अभी भी लापता है.” आज की घटना को जोड़कर देखा जाए तो अब तक 08 भारतीयों की मौत हो चुकी है.
कुवैत में पहले भारतीय की मौत से पहले पिछले सप्ताह अबू धाबी में भी एक भारतीय की मौत हो गई थी. जिसे लेकर गहरी संवेदनाएं व्यक्त की गई थीं.
पिछले हफ्ते तक अलग-अलग घटनाओं में 7 भारतीय नागरिकों की जान चली गई, जबकि एक भारतीय अभी भी लापता हैं. ओमान, इराक और यूएई में स्थित भारतीय मिशन एक्शन में है और भारतीयों की मदद की हर कोशिशें जारी हैं.
भारत सरकार की ओर से बताया गया कि “28 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद अभी तक 4.75 लाख भारतीय सुरक्षित वापस लौट चुके हैं. सऊदी अरब और ओमान के हवाई अड्डों से लोगों को लाया जा रहा है. कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से फिर से खुल गया है, यहां फंसे भारतीयों को निकालने काम भी जारी है. वहीं भारतीयों को सड़क मार्ग से भी रेस्क्यू किया गया है. ईरान के रास्ते से आर्मेनिया होते हुए भारत, इजरायल के रास्ते से जॉर्डन होते हुए भारत, इराक से जॉर्डन और सऊदी अरब होते हुए भारत, तथा कुवैत और बहरीन से सऊदी अरब होते हुए भारत जैसे वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग किया गया है.”
इजरायल ने फिर की ईरान पर एयरस्ट्राइक, न्यूक्लियर ठिकानों पर टारगेट का दावा
इजरायल ने एक बार फिर ईरान पर बड़ी एयरस्ट्राइक की है. इजरायल की ओर से बताया गया है कि उन्होंने ईरान पर 120 से ज्यादा बम गिराए हैं. ये बम ईरान में उन जगहों को निशाना बनाकर गिराए गए हैं जिनका इस्तेमाल हथियारों की रिचर्स, डेवलेपमेंट और प्रोडक्शन के लिए किया जा रहा था. इस एयरस्ट्राइक के बाद ईरान में एक के बाद एक कई धमाकों की आवाज सुनी गई और कई इलाकों में आगजनी भी हुई. वहीं एक्सपर्ट्स ने ये भी चिंता जताई है कि अगर सच में वहां ईरान का न्यूक्लियर प्रोडक्शन था को लीकेज के कारण बड़ा नुकसान हो सकता है. इस एयरस्ट्राइक के बाद लोगों में दहशत है. वहीं ईरानी सेना ने कहा है कि वो इजरायल और अमेरिका से अपने देश की संप्रभुता बचाने के लिए बदला जारी रखेंगे.

