मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के बीच अमेरिका में उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एयरफोर्स वन में उड़ान भरने से पहले एक अज्ञात ड्रोन देखा गया. इस घटना के बाद तुरंत नागरिक विमानों की आवाजाही रोक दी गई और आस-पास के हवाई क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए अमेरिका ने अपने लड़ाकू विमान एफ 16 को तैनात कर दिया. बताया जा रहा है कि ये सब डोनाल्ड ट्रंप के सामने ही हुआ.
इससे पहले पेंटागन (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय) के करीब भी संदिग्ध ड्रोन देखे गए थे. साथ ही ईरान के साथ चल रहे युद्ध के दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के ठिकानों तक भी ड्रोन देखे जाने के बाद हलचल बढ़ चुकी है.
इस घटना के बाद ट्रंप की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है. हालांकि नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (नोराड) ने इस घटना से इनकार कर दिया है. उन्होंने सफाई दी कि ड्रोन नहीं बल्कि एक नागरिक विमान ने नो फ्लाईजोन का उल्लंघन किया था.
फरवरी के महीने में भी स्विट्जरलैंड की यात्रा के दौरान एयरफोर्स वन को बीच रास्ते से वापस लौटाया गया था. उस वक्त तकनीकी खराबी आई थी. लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि खतरे के बाद ट्रंप के विमान की सैन्य बेस पर इमरजेंसी लैंडिंग की गई थी.
ट्रंप के विमान के पास अज्ञात ड्रोन, दौड़ाए गए एफ 16 विमान
फ्लोरिडा के पाम बीच पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मार-ए-लागो आवास से वॉशिंगटन डीसी के लिए उड़ान भरने से पहले एक संदिग्ध ड्रोन देखा गया. इस दौरान ट्रंप वहीं मौजूद थे, उनका प्लेन वाशिंगटन डीसी के लिए उड़ान भरने वाला था. राष्ट्रपति के रवाना होने के दौरान एक ड्रोन विमान के बहुत ज्यादा करीब आ गया था. इस घटना को देखते हुए फौरन राष्ट्रपति को सुरक्षा देने के लिए एफ 16 लड़ाकू विमानों ने मोर्चा संभाला.
हालांकि, यूएस सीक्रेट सर्विस ने ड्रोन वाली बात को नकार दिया. अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड ने कहा है कि एक नागरिक विमान ने नो-फ्लाई जोन का उल्लंघन किया. जिसके बाद नागरिक विमान को सुरक्षित रूप से क्षेत्र से बाहर निकाल लिया गया.
नोराड के मुताबिक, “घटना दोपहर करीब 1 बजकर 15 मिनट की है, जब अस्थायी उड़ान प्रतिबंध का उल्लंघन किया गया. हमारे विमानों ने नागरिक विमान को रोकने के लिए कई फ्लेयर्स छोड़े. इन फ्लेयर्स का इस्तेमाल पायलट का ध्यान भटकाने या उससे संपर्क करने के लिए किया गया था. इनसे इनसे जमीन पर मौजूद लोगों को कोई खतरा नहीं था.”
नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड ने बताया, “ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद इस तरह की कई घटनाएं रिपोर्ट की जा चुकी हैं. हालांकि, इन सभी को बिना किसी खतरे की रिपोर्ट के सुलझा लिया गया. इसके बाद पाम एयरपोर्ट पर संचालन सामान्य हो गया. सिक्योरिटी स्टाफ ने हेलीकॉप्टर के जरिए एयरस्पेस की जांच भी कराई थी.”
व्हाइट हाउस ने संदिग्ध ड्रोन की बात नकारी
व्हाइट हाउस और सीक्रेट सर्विस ने इस घटना की पुष्टि की. व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया कि इस घटना का कोई भी प्रभाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या उनके विमान पर नहीं पड़ा है.
व्हाइट हाउस ने बताया कि “एक विमान का संपर्क अचानक एयरपोर्ट के हवाई नियंत्रण टॉवर से टूट गया था. कुछ देर बाद यह दोबारा से स्थापित हो गया. हवाई अड्डे पर किसी भी तरह की कोई ड्रोन गतिविधि नहीं नजर आई.”
व्हाइट हाउस ने कहा, ड्रोन की घुसपैठ नहीं हुई और राष्ट्रपति के विमान एयर फोर्स वन को लेकर कोई चिंता नहीं है.
मार्को रुबियो-हेगसेथ के करीब पहुंचे थे संदिग्ध ड्रोन
ईरान के साथ जारी युद्ध के दौरान 18 मार्च को वॉशिंगटन के आर्मी बेस के ऊपर अज्ञात ड्रोन देखें गए थे. ये अज्ञात ड्रोन उस जगह पर देखे गए हैं, जहां पीट हेगसेथ और मार्को रुबियो मौजूद थे. संदिग्ध ड्रोन देखे जाने के बाद आनन फानन में वॉशिंगटन ने इमरजेंसी बैठक की गई थी और सुरक्षा बढ़ाते हुए रूबियो-हेगसेथ को सीक्रेट जगह छिपाया गया था.
जिस सैन्य अड्डे पर ड्रोन देखे गए वह अमेरिकी संसद और व्हाइट हाउस के करीब स्थित है. अमेरिका का फोर्ट मैकनेयर सैन्य अड्डा, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय और पेंटागन के कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का घर है. हालांकि अमेरिकी सरकार के लोग नहीं रहते, लेकिन मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के चलते सुरक्षा चिंताओं के चलते कई नेता इस सैन्य अड्डे को अपना ठिकाना बनाए हुए हैं. जैसे कि पीट हेगसेथ और मार्को रुबियो. इस घटना के बाद अमेरिका ने अपने कई आर्मी बेस की सुरक्षा बढ़ाकर एफपीकॉन चार्ली कर दिया है. यह अलर्ट का वह स्तर होता है, जिसे आतंकी हमले की आशंका पर लागू किया जाता है.
एफबीआई और सीआईए को पूरे मामले की जांच में लगाया गया था.

