अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान के चल रहे युद्ध पर मंडराने लगा है न्यूक्लियर अटैक का खतरा. संयुक्त राष्ट्र से जुड़े एक वरिष्ठ राजनयिक ने अचानक इस्तीफा देते हुए ये बड़ा दावा करके सनसनी फैला दी है.
संयुक्त राष्ट्र में एक सीनियर राजनयिक मोहम्मद सफा ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए कहा, संयुक्त राष्ट्र पर ईरान में न्यूक्लियर अटैक के संभावित इस्तेमाल वाले हालात की तैयारी करने का आरोप लगाया है. मोहम्मद सफा ने सीधे-सीधे कहा है कि यूएन में कुछ बड़े अधिकारी ताकतवर लॉबी के लिए काम कर रहे हैं.
लोग न्यूक्लियर अटैक की गंभीरता को नहीं समझ पा रहे: मोहम्मद सफा
मोहम्मद सफा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपने इस्तीफे का ऐलान किया, साथ ही उन्होंने एक पत्र भी साझा करते हुए इस्तीफे का कारण बताया. मोहम्मद सफा ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने काफी सोच-विचार करने के बाद ही यह फैसला लिया है.
मोहम्मद सफा ने लिखा, “मुझे नहीं लगता कि लोग इस स्थिति की गंभीरता को समझ पा रहे हैं, क्योंकि यूएन ईरान में संभावित परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की तैयारी कर रहा है.”
उनका यह दावा भी है कि संयुक्त राष्ट्र में मौजूद कुछ वरिष्ठ अधिकारी एक ताकतवर लॉबी के इशारे पर काम कर रहे हैं. ईरान की राजधानी तेहरान की एक तस्वीर के साथ अपने पोस्ट में सफा ने कहा, “यह तेहरान की एक तस्वीर है. यह उन अनपढ़, दुनिया न घूमने वाले, कभी काम न करने वाले और युद्ध के भूखे लोगों के लिए है, जो इस शहर पर बमबारी करने के ख्याल से ही अपनी जुबान चाट रहे हैं. यह कोई कम आबादी वाला रेगिस्तानी इलाका नहीं है. यहां परिवार हैं, बच्चे हैं, पालतू जानवर हैं. यहां पर आम मेहनतकश लोग रहते हैं जिनके अपने सपने हैं. अगर आप युद्ध चाहते हैं, तो आप मानसिक रूप से बीमार हैं.”
अगर परमाणु हमला कर दिया जाए तो क्या हो: मोहम्मद सफा
मोहम्मद सफा लिखते हैं कि “तेहरान करीब 1 करोड़ लोगों का शहर है. कल्पना कीजिए कि अगर वॉशिंगटन, बर्लिन, पेरिस, लंदन या किसी और शहर पर परमाणु हथियारों से हमला कर दिया जाए तो क्या होगा. इस जानकारी को दुनिया के सामने लाने के लिए मैंने अपने राजनयिक करियर को दांव पर लगा दिया. मैंने अपनी जिम्मेदारियों से खुद को अलग कर लिया ताकि मैं मानवता के खिलाफ किए जा रहे इस अपराध का न तो हिस्सा बनूं और न ही इसका गवाह. मेरा मकसद यह तय करना है कि कहीं बहुत देर हो जाने से पहले ही हम ‘परमाणु शीतकाल’ के खतरे को टाल सकें.”
न्यूक्लियर अटैक रोकने के लिए सड़कों पर उतरने का आह्वान
सफा ने एक दिन पहले संयुक्त राज्य अमेरिका में हुए भारी विरोध-प्रदर्शन घटनाओं का भी जिक्र किया, जब करीब 1 करोड़ लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ “कोई राजा नहीं” के नारे के तहत विरोध प्रदर्शन किया था.
यूएन से इस्तीफा देने वाले सफा ने कहा कि वह 2023 में ही इस्तीफा देना चाहते थे और 3 साल तक उन्होंने सब्र रखा. सफा ने कहा, “अभी कदम उठाएं. इस संदेश को पूरी दुनिया में फैलाएं. लोगों को सड़कों पर उतरना होगा. हमारी मानवता और हमारे भविष्य के लिए विरोध प्रदर्शन करना होगा. इसे केवल आम लोग ही रोक सकते हैं. इतिहास हमें जरूर याद रखेगा.”
मोहम्मद सफा ने आरोप लगाते हुए कहा, संयुक्त राष्ट्र के कुछ अधिकारी इजरायल और अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन का आरोप नहीं लगाना चाहते. एक ताकतवर लॉबी है जो चुप्पी साधे हुए है.
आपको बता दें कि सफा संयुक्त राष्ट्र में ‘पैट्रियटिक विज़न’ ( पीवीए) के मुख्य प्रतिनिधि के तौर पर काम कर रहे थे. पीवीए एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसे संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक परिषद में विशेष सलाहकार का दर्जा मिला हुआ है. इतने बड़े राजनयिक के इस्तीफे ने संयुक्त राष्ट्र की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर क्यों युद्ध रोकने के लिए यूएन जैसी संस्था सिर्फ बयान देने के अलावा प्रभावशाली कदम उठाने में असमर्थ है.


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