इजरायल के साथ जंग में उतरा अमेरिका कन्फ्यूज नजर आ रहा है. एक ओर तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा करते हैं कि ईरान से सकारात्मक बातचीत की जा रही है. तो वहीं पलक झपकते ही ईरान को तबाह कर देने की धमकी दे देते हैं.
कभी ट्रंप कह रहे हैं कि ईरान युद्धविराम के लिए गिड़गिड़ा रहा है तो कभी ये दावा कर देते हैं कि ईरान उन्हें तेल के टैंकर्स गिफ्ट में भेज रहा है. खार्ग द्वीप पर अमेरिकी कमांडो के उतारे जाने की बात कही जा रही है, तो वहीं अपने घर में घिरे ट्रंप के अचानक से युद्ध से हाथ पीछे खींच लेने की सुगबुगाहट हो रही है.
अब मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के 32वें दिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी है सबसे बड़ी धमकी. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को स्ट्रेट ऑफ ट्रंप बताने के बाद अमेरिका ने कहा है कि अगर ईरान समुद्री मार्ग को व्यापार के लिए नहीं खोलता है तो फिर तेहरान को नक्शे से मिटा दिया जाएगा.
वहीं ईरान की ओर से कहा गया है कि ट्रंप सपना देखना छोड़ दें. हम उन्हें पछतावा करवा कर रहेंगे.
होर्मुज नहीं खुला तो प्लांट, तेल के कुएं और पानी का प्लांट बनेगा निशाना: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा- “अमेरिका एक ‘नए और ज़्यादा समझदार’ शासन के साथ गंभीर बातचीत कर रहा है, ताकि ईरान में हमारे सैन्य ऑपरेशन खत्म किए जा सकें. इसमें काफ़ी प्रगति हुई है, लेकिन अगर किसी भी वजह से जल्द ही कोई समझौता नहीं हो पाता है, हालांकि इसकी पूरी संभावना है कि समझौता हो जाएगा-और अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ तुरंत “व्यापार के लिए नहीं खुलता” है, तो हम ईरान को इस तरह खत्म करेंगे कि उनके सभी बिजली पैदा करने वाले प्लांट, तेल के कुएं और खर्ग द्वीप (और शायद पानी को मीठा बनाने वाले सभी प्लांट भी!) को बम से उड़ाकर पूरी तरह से तबाह कर देंगे. इस सबको हमने जान-बूझकर अभी तक “हाथ नहीं लगाया” है. यह हमारे उन कई सैनिकों और अन्य लोगों की मौत का बदला होगा, जिन्हें ईरान ने पुराने शासन के 47 साल के आतंक के राज के दौरान बेरहमी से मार डाला था. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद.”
ईरान के पास कुछ नहीं बचा, खार्ग पर होगा हमारा कब्जा: ट्रंप
ईरान के वॉटर प्लांट पर अटैक की चेतावनी देने से पहले ट्रंप ने कहा, “हो सकता है कि हम खार्ग द्वीप पर कब्जा कर लें, हो सकता है कि हम ऐसे न भी करें. हमारे पास कई विकल्प हैं. इसका मतलब यह भी होगा कि हमें कुछ समय के लिए वहां (खार्ग द्वीप पर) रहना होगा.”
ट्रंप ने कहा, “ मुझे नहीं लगता कि उनके (ईरान) के पास कोई रक्षा व्यवस्था है. हम इसे बहुत आसानी से अपने कब्जे में ले सकते हैं. ईरान के पास अब कोई सैन्य ढांचा नहीं बचा है.”
ट्रंप के अलावा अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने भी ईरान को धमकाया है. मार्को रुबियो ने कहा, कि अमेरिकी कार्रवाई ने ईरान की नौसेना और रक्षा औद्योगिक आधार को भारी नुकसान पहुंचाया है. अमेरिका ईरान के मिसाइल लॉन्चर्स और नौसेना को बड़े स्तर पर नष्ट कर रहा है, ताकि भविष्य में वह ड्रोन या मिसाइल बनाने की स्थिति में न रहे.
ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य समुद्री मार्ग पर कब्जा करने की धमकियों पर रुबियो ने कहा, “यह नहीं होने दिया जाएगा. राष्ट्रपति के पास इसे रोकने के लिए कई विकल्प मौजूद हैं.कुछ ही हफ्तों में अपने लक्ष्य प्राप्त कर लेगा, इस सैन्य ऑपरेशन में महीनों नहीं लगेंगे.”
रुबियो ने कहा, “यदि ईरान को अगले दो वर्षों तक अपनी सैन्य शक्ति बढ़ाने दी जाती, तो यह दुनिया के लिए एक अस्वीकार्य जोखिम होता. इसका समाधान आवश्यक था, और राष्ट्रपति ट्रंप इसका समाधान कर रहे हैं.”
दुश्मन को होगा पछतावा: ईरान
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने ट्रंप और मार्को रुबियो पर पलटवार किया है. गालिबफ ने दावा करते हुए कहा कि “दुश्मन अपनी इच्छा को ही खबर बनाकर पेश करता है. और साथ ही हमारे राष्ट्र को धमकाता भी है. यह एक बड़ी गलती है. अगर वो हम पर वार करेंगे, तो उन्हें कई वार झेलने पड़ेंगे. ईश्वर ने चाहा तो, ईरान की जनता, सर्वोच्च नेता के नेतृत्व में, दुश्मन को उसकी आक्रामकता पर पछतावा कराएगी और अपने अधिकारों को वापस हासिल करेगी.”

