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जंग से पहले हेगसेथ की डिफेंस डील, आर्म्स कंपनियों में की थी ट्रेडिंग

ईरान की जंग में इजरायल के साथ अमेरिकी सैनिकों को जबरन युद्ध में धकेलने जैसे आरोपों से घिरे अमेरिकी रक्षा सचिव (रक्षा मंत्री) पीट हेगसेथ को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है. ईरान की जंग से पहले पीट हेगसेथ ने डिफेंस डील के जरिए करोड़ों डॉलर निवेश की प्लानिंग की थी.

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की ओर से काम कर रहे एक ब्रोकर ने रक्षा क्षेत्र पर केंद्रित एक बड़े फंड में करोड़ों डॉलर का निवेश हासिल करने की कोशिश की थी.

इस डिफेंस डील को लेकर अब पीट हेगसेथ और ट्रंप प्रशासन से सवाल पूछे जा रहे हैं, वहीं आनन फानन में पेंटागन (रक्षा मंत्रालय) ने सफाई जारी करते हुए सारे निवेश और डिफेंस डील को एक मनगढ़ंत कहानी बताई है.

पीट हेगसेथ को लेकर ये खुलासा ऐसे वक्त में हुआ है जब ईरान युद्ध को लेकर पेंटागन सवालों के घेरे में है. 1 महीने से ज्यादा वक्त तक सैन्य संघर्ष खिंच चुका है. ईरान के शीर्ष लीडर मारे जाने के बावजूद अमेरिकी सैनिकों को चुनौती मिल रही है तो खुद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल में की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मजाक-मजाक में पीट हेगसेथ पर युद्ध करवाने का ठीकरा फोड़ दिया था.

आर्म्स कंपनियों में पीट हेगसेथ ने की थी निवेश की कोशिश

बताया जा रहा है कि पीट हेगसेथ के एक ब्रोकर ने ईरान में सैन्य कार्रवाई से कुछ हफ्ते पहले रक्षा क्षेत्र पर केंद्रित एक बड़े फंड में करोड़ों डॉलर का निवेश हासिल करने की कोशिश की थी. मल्टीनेशनल फाइनेंस कंपनी मॉर्गन स्टेनली में हेगसेथ के ब्रोकर ने फरवरी में ब्लैक रॉक (अमेरिकी निवेश कंपनी) से संपर्क किया था. यह संपर्क एसेट मैनेजर के डिफेंस इंडस्ट्रियल्स एक्टिव ईटीएफ (आईडीईएफ) में एक बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के संबंध में किया गया था. आपको बता दें कि ब्लैक रॉक जिस कंपनी से हेगसेथ के ब्रोकर ने संपर्क किया वो दुनिया की सबसे बड़ी एसेट (वित्तीय) मैनेजर है.

रिपोर्ट के मुताबिक निवेश का फंड नैस्डैक (नेशनल एसोसिएशन ऑफ सिक्योरिटीज डीलर्स ऑटोमेटेड कोटेशन्स)पर ट्रेड करता है. ब्लैक रॉक के अनुसार, यह फंड उन कंपनियों में निवेश करके ग्रोथ के अवसर तलाशता है. इसके सबसे बड़े होल्डिंग्स में डिफेंस कंपनियां लॉकहीड मार्टिन, आरटीएक्स, नॉर्थोप ग्रूम्मन जैसी प्रमुख अमेरिकी बहुराष्ट्रीय एयरोस्पेस और रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी शामिल हैं.

इन सभी का सबसे बड़ा ग्राहक अमेरिका का रक्षा विभाग है. पिछले एक साल में इस फंड में 28% की बढ़त हुई है, हालांकि पिछले एक महीने में इसमें लगभग 13% की गिरावट भी आई है. आखिरकार यह लेन देन पूरा नहीं हो पाया. इसकी वजह प्रशासनिक थी. आईडीईएफ फंड पिछले साल मई में ही लॉन्च हुआ था. यह फंड अभी तक मॉर्गन स्टेनली के ग्राहकों के लिए खरीदने के लिए उपलब्ध नहीं था.

पेंटागन ने दी सफाई 

पीट हेगसेथ पर ये आरोप ऐसे समय लगा है कि जब ईरान से जंग चल रही है. पेंटागन ने पीट हेगसेथ पर लगे सारे आरोपों को खारिज कर दिया है.

पेंटागन के चीफ प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह से झूठा और मनगढ़ंत है. न तो हेगसेथ और न ही उनके किसी प्रतिनिधि ने ऐसे किसी निवेश के संबंध में ब्लैक रॉक से संपर्क किया. यह जनता को गुमराह करने के लिए रचा गया एक और आधारहीन प्रयास है. ये सिर्फ बदनाम करने के लिए किया गया है.

पीट हेगसेथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के ऐसे सदस्य हैं जिन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की वकालत की थी. खुदट्रंप ने हाल ही में पीट हेगसेथ के साथ प्रेसकॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था, कि “पीट हेगसेथ ही उनके पास आए थे और कहा था कि अमेरिकी सेना ईरान पर अटैक के लिए तैयार है. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को मारने का इससे सटीक मौका नहीं मिलेगा.”

पीट हेगसेथ का विवादों से चोली दामन का साथ

पीट हेगसेथ पहली बार विवादों में नहीं फंसे हैं, पिछले साल यमन में हूतियों पर कार्रवाई से पहले उन्होंने एक सीक्रेट (क्लासीफाइड) डॉक्यूमेंट व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर कर दिया था, जिसमें पूरी प्लानिंग का जिक्र था कि कौन-कौन से विमान एक्शन लेंगे, और अमेरिकी सैन्य एक्शन कब लिया जाएगा. जिस ग्रुप पर हेगसेथ ने डॉक्यूमेंट शेयर किया था, उसपर एक मैग्जीन का पत्रकार भी जुड़ा हुआ था. जिसने बाद में खुलासा किया था कि रक्षा मंत्री ने डॉक्यूमेंट लीक कर दिया.

इसके अलावा पीट हेगसेथ ने “डिफेंस टीम हडल” नाम के ग्रुप पर भी संवेदनशील जानकारियां शेयर की. इस ग्रुप में उनकी पत्नी जेनिफर राउचेट हेगसेथ, भाई फिल हेगसेथ और निजी वकील टिम पार्लटोर सहित करीब एक दर्जन लोग शामिल थे. बताया जा रहा है कि ग्रुप को जनवरी 2025 में बनाया गया था. और हेगसेथ ने किसी सरकारी डिवाइस से नहीं बल्कि अपने पर्सनल फोन से हूतियों से जुड़ा सीक्रेट डॉक्यूमेंट ग्रुप में शेयर किया.

लेकिन ट्रंप के करीबी होने के चलते इस मामले पर हेगसेथ की कुर्सी बचा ली गई थी, जबकि तत्कालीन एनएसए माइक वॉल्ट्ज को हटा दिया गया था.

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