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मुनीर-शहबाज को तेहरान ने दुत्कारा, मध्यस्थता ठुकराई

ईरान युद्ध रोकने लेकर चौधरी बने पाकिस्तान की घनघोर बेइज्जती हो गई है. तेहरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तलवे चाटने वाले पाकिस्तान की मध्यस्थता मानने से इनकार कर दिया है. ईरान ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को दुत्कार दिया है.

तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पाकिस्तान में अमेरिका नेतृत्व वाले किसी भी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात नहीं करेगा. ईरान ने अमेरिका की मांगों को अस्वीकार्य बताकर पाकिस्तान की मध्यस्थता खारिज कर दी है और सैन्य हमले तेज कर दिए हैं.

पाकिस्तान पर ईरान को नहीं है विश्वास, इस्लामाबाद बैठक से बनाई दूरी

मिडिल ईस्ट में युद्ध भयानक रूप ले चुका है. अमेरिका, ईरान के खात्मे का चाहे कितना ही दावा करे ईरानी सेना भारी पड़ रही है. लगातार अमेरिका और इजरायल पर हमला कर रही है. वहीं पाकिस्तान ने यह दावा करते हुए अपनी कूटनीतिक क्षमता का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी कि ईरान-अमेरिका का अच्छा मित्र है और युद्ध रुकवा सकता है, दोनों देशों में संवाद के जरिए सीजफायर करवा सकता है.

पाकिस्तान की ओर से ये भी खबरें उड़वाई गईं कि इस्लामाबाद में वॉशिंगटन-तेहरान के बीच बातचीत की जाएगी. लेकिन ईरान नहीं चाहता है कि पाकिस्तान मध्यस्थता करे. कारण ये है कि तेहरान को पाकिस्तान पर बिलकुल विश्वास नहीं है. क्योंकि ईरान को लग रहा है कि पाकिस्तान के फेल्ड (फील्ड) मार्शल असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मध्यस्थता के नाम पर कुछ खेला कर देंगे.

पाकिस्तान ने दोनों देशों के अधिकारियों के बीच इस्लामाबाद में एक बैठक कराने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन ईरान के अधिकारियों ने इस बैठक में आने से इनकार कर दिया. ईरान का कहना है कि अमेरिका की तरफ से रखी गई शर्तें उन्हें मंजूर नहीं हैं और वे उन्हें अस्वीकार्य मानते हैं.

अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं: इस्माइल बघाई

मुंबई स्थित ईरानी महावाणिज्य दूतावास के माध्यम से जारी एक बयान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं की जा रही है.

बघाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “पाकिस्तान के मंच उनके अपने हैं. हमने उनमें हिस्सा नहीं लिया. हालांकि युद्ध खत्म करने के क्षेत्रीय कदम का स्वागत है, लेकिन ये याद रखना चाहिए कि इसे शुरू किसने किया था.”

पाकिस्तान ने कहा, तेहरान नहीं दे रहा सकारात्मक प्रतिक्रिया

पिछले सप्ताह पाकिस्तान की ओर से दावा किया गया था कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान हुआ, लेकिन ईरान की ओर से स्पष्ट संकेत न मिलने के कारण इस महत्वपूर्ण चरण में गति धीमी हो गई है. पाकिस्तान के एक अधिकारी ने कहा, “यह आश्चर्यजनक है कि नौसेना, वायुसेना और अन्य सैन्य एवं नागरिक बुनियादी ढांचे के बड़े पैमाने पर विनाश के बावजूद ईरान ने बातचीत के आह्वान पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है. पाकिस्तान और चीन दोनों ने ईरान से बातचीत में शामिल होने की अपील की, लेकिन तेहरान ने अब तक संवाद में भाग लेने की अपनी तैयारियों का कोई संकेत नहीं दिया है.”

वहीं दोनों देशों के बीच युद्धविराम कराने की जो कोशिशें चल रही थीं, वे फिलहाल रुक गई हैं. ईरान के रुख से साफ है कि वो पाकिस्तान की मध्यस्थता के लिए असहज है और दूसरे देश की मध्यस्थता को स्वीकार कर सकता है.

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