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ईरानी न्यूक्लियर रेडिएशन से खाड़ी देशों को खतरा, अराघची की चेतावनी

शनिवार को ईरान के बुशहर परमाणु केंद्र पर अमेरिका-इजरायल ने किया है घातक हमला. इस हमले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि, इजरायल और अमेरिका जो कर रहे हैं, उससे तेहरान का कुछ नहीं होगा, बल्कि इससे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान जैसे देशों में जीवन पूरी तरह समाप्त हो जाएगा.

अब्बास अराघची ने रेडिएशन लीकेज की आशंका जताई है और अमेरिका-इजरायल का नाम लेकर खाड़ी देशों को वॉर्निंग दी है.

इस वक्त युद्ध खतरनाक मोड़ पर है. ईरान ने अमेरिका के 02 फाइटर जेट्स, कई हेलीकॉप्टर्स, 02 एमक्यू 9 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है. अमेरिका अपने गायब फाइटर पायलट की तलाश में इजरायल के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चला रहा है. इस दौरान बेहद नीचे उड़ रहे अमेरिकी रेस्क्यू टीम पर ईरानी सेना लगातार गोलीबारी कर रही है.

परमाणु लीक से गल्फ देशों में जीवन खत्म हो जाएगा: अब्बास अराघची

28 फरवरी से शुरु हुए युद्ध में शनिवार को चौथी बार इजरायल-अमेरिका ने ईरान के बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर हमला बोला. इसी अटैक को लेकर ईरानी विदेश मंत्री ने बड़ी चेतावनी जारी की है. अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर अब तक चार बार बमबारी की गई है. इससे अगर रेडियोएक्टिव फॉलआउट (लीकेज) हुआ तो यह तेहरान को नहीं, बल्कि जीसीसी देशों की राजधानियों (सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, बहरीन, कतर, ओमान) में जीवन समाप्त कर देगा.”

ईरान ने वेस्ट देशों पर भी करारा वार करते हुए दोहरी मानसिकता रखने का आरोप लगाया है. रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए अराघची ने लिखा, “पश्चिमी देशों ने यूक्रेन के ज़ापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास शत्रुतापूर्ण गतिविधियों पर जो आक्रोश व्यक्त किया था, वह याद है न?”

आपको बता दें कि बुशहर न्यूक्लियर प्लांट में रूस का यूरेनियम इस्तेमाल होता है और रूसी तकनीशियन काम करते हैं. यह प्लांट ईरान को करीब 1000 मेगावाट बिजली देता है.

पिछले साल अमेरिका ने रूस के कारण नहीं किया था बुशहर पर अटैक

जून 2025 में जब अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था, तब भी अमेरिकी हमले से बुशहर बच गया था. बुशहर ईरान की वो न्यूक्लियर साइट है, जहां यूरेनियम के जरिए बिजली का उत्पादन किया जाता है. 

बुशहर पावर प्लांट एक असैन्य परमाणु सुविधा है, जो ईरान के खाड़ी तट पर मौजूद है. पिछले कई सालों से रूस ईरान को बुशहर के निर्माण और संचालन में मदद कर रहा है. 

कहा जाता है कि इस जगह पर रूसियों की मौजूदगी है और वे इसके लिए काम कर रही है. इसी कारण अमेरिका ने ईरान की इस न्यूक्लियर साइट को नहीं छुआ था. रूस ने हाल ही में यहां पर 8 और साइट बनाने की घोषणा की है.

लेकिन पिछले 48 घंटों में स्थितियां बदल चुकी हैं. ईरानी सेना लगातार अमेरिका के फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर को नुकसान पहुंचा रही है. जिसके बाद बुशहर पर भी हमले शुरु कर दिए गए हैं. अब्बास अराघची का दावा है कि इस युद्ध में 04 बार अमेरिका-इजरायल ने बुशहर पर अटैक किया है.

ईरान के पास मौजूद यूरेनियम से बन सकते हैं 10 परमाणु बम

इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक ईरान के पास वर्तमान में 440 किलो यूरेनियम है. यह यूरेनियम 60 प्रतिशत तक जून 2025 में संवर्धित था. 90 प्रतिशत तक संवर्धित होने के बाद यूरेनियम से परमाणु हथियार तैयार किया जा सकता है. ईरान के पास 10 परमाणु हथियार बनाने इतना यूरेनियम है.

अब बुशहर पर हमलों को लेकर अब्बास अराघची ने खाड़ी देशों को डरा दिया है कि रेडिएशन फैलने से उन्हें भयंकर नुकसान हो सकता है. इस मैसेज के पीछे संदेश है कि खाड़ी देश मिलकर अमेरिका पर दबाव बनाएं ताकि युद्ध रोका जा सके.

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