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अमेरिका-ईरान में माथापच्ची रूस-यूक्रेन में युद्धविराम, 32 घंटे वाला सीजफायर

ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम को लेकर माथापच्ची और संशय के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सीजफायर की घोषणा करके सबको चौंका दिया. रूस ने डेढ़ दिन यानि तकरीबन 36 घंटे तक किसी भी तरह की कोई गोलीबारी, ड्रोन हमला न करने का फैसला लिया है.

ऑर्थोडॉक्स ईस्टर वीकेंड को देखते हुए, राष्ट्रपति पुतिन के इस कदम की लोग तारीफ कर रहे हैं. इस युद्धविराम की घोषणा खुद पुतिन ने की है.

ऑर्थोडॉक्स ईस्टर के मौके पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने शत्रुता भुलाने की अपील की थी. जिसे रूसी राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया. पुतिन के आदेश के बाद शनिवार शाम 4 बजे से लेकर रविवार शाम तक (स्थानीय समयानुसार) यूक्रेन में गोलीबारी एकदम थम जाएगी. युद्धविराम का पालन किया जाएगा.

रूस-यूक्रेन युद्ध में 32 घंटे तक शांति

04 वर्षों से ज्यादा समय से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध में स्थायी शांति तो दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही. मध्यस्थता करने के लिए चौधरी बन रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तक ने हाथ खड़े कर लिए हैं. जारी युद्ध के दौरान रूसी राष्ट्रपति ने ऑर्थोडॉक्स ईस्टर के मौके पर अपना बड़ा दिल दिखाया है.

पुतिन ने 32 घंटे के युद्ध विराम की घोषणा की है, जिसके लिए यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने आह्वान किया था. जेलेंस्की की इस अपील के बाद’क्रेमलिन’ (रूस के राष्ट्रपति कार्यालय) द्वारा जारी पुतिन के आदेश में रूसी सेनाओं को 32 घंटे के युद्धविराम के बारे में बताया गया है. पुतिन ने अपनी सेना को यह निर्देश दे दिया है कि इस युद्धविराम का सख्ती से पालन किया जाए और इस दौरान रूस यूक्रेन पर कोई भी हमला नहीं किया जाए.

यूक्रेन के राष्ट्रपति  जेलेंस्की ने इस सप्ताह की शुरुआत में युद्ध विराम के इस प्रस्ताव को रखा था. जेलेंस्की की मांग थी कि दोनों पक्ष छुट्टियों के दौरान एक-दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद कर दें.

युद्ध से थके रूस-यूक्रेन, चाहते हैं स्थायी समाधान?

यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल किरिलो बुदानोव ने 32 घंटे के युद्धविराम के बाद उम्मीद जताई है कि बातचीत अब समझौते की तरफ बढ़ रही है. किरिलो ने कहा, सभी समझते हैं कि इस युद्ध को खत्म होना चाहिए. इसलिए ही बातचीत चल रही है.

बुदानोव को इसी साल जनवरी में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अपने राष्ट्रपति कार्यालय का प्रमुख बनाया था. इससे पहले बुदानोव यूक्रेन की मिलिट्री इंटेलिजेंस एजेंसी के प्रमुख थे. बुदानोव रूस-यूक्रेन की बातचीत टीम में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं. जिसकी मध्यस्थता अमेरिका कर रहा है.

लेफ्टिनेंट जनरल किरिलो बुदानोव ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा है कि, रूस और यूक्रेन अब समझौता करने के लिए शर्तों और मांगों में रियायतें देने की दिशा में बात बढ़ रहे हैं. हमारे मुकाबले रूस अपना खुद का पैसा खर्च कर रहे हैं. ये रकम बहुत भारी है- पहले से ही ट्रिलियन्स में पहुंच चुकी है. युद्ध रोकने का ज्यादा फायदा रूस को होगा.”

बुदानोव ने कहा, “अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन सिद्धांत रूप में, अब हर कोई यह अच्छी तरह समझ गया है कि क्या स्वीकार्य है और क्या नहीं, यह बहुत बड़ी प्रगति है.”

लेफ्टिनेंट जनरल किरिलो बुदानोव दावा कर रहे हैं कि रूस के साथ सकारात्मक बातचीत हो रही है. लेकिन वहीं क्रेमलिन का कहना है कि “बातचीत वहीं रुकी हुई है, जहां से शुरु हुई थी.” रूस ने साफ कहा है कि “वो अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटेंगे.”

रूसी अधिकारियों का मानना है कि “युद्ध खत्म करने के लिए सिर्फ मॉस्को और कीव के बीच नहीं, बल्कि अमेरिका और यूरोप को भी शामिल करके व्यापक समझौता करना होगा. लेकिन यूरोप नहीं चाहता कि युद्ध खत्म हो. इसलिए यूरोपीय देश रूस पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं. और कह रहे हैं कि रूस का अगला निशाना यूरोप के दूसरे देश बनेंगे. लेकिन राष्ट्रपति पुतिन पहले ही कह चुके हैं कि यूरोप रूस के टारगेट पर नहीं है.”

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