Breaking News Middle East War

होर्मुज खुला रहना चाहिए, मोदी की ट्रंप से फोन कॉल

पाकिस्तान में वार्ता फेल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात. मंगलवार को तकरीबन 40 मिनट की बातचीत में भारत-अमेरिका के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर प्रतिबद्धता जताई गई.

इस बातचीत में ट्रंप और पीएम मोदी के बीच सेंट्रल एशिया की स्थिति और होर्मुज की खाड़ी में नाकेबंदी को लेकर भी चर्चा हुई. पीएम मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने पर जोर दिया.

28 फरवरी से शुरु हुए ईरान के साथ युद्ध के बीच दूसरी बार राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी को कॉल किया है. भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को बेहद सकारात्मक और उपयोगी बताया है.

हमारे बीच होर्मुज पर चर्चा हुई: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने ट्रंप के साथ हुई बातचीत के बारे में सोशल मीडिया पर बताया. पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मुझे मेरे मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया. हमने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की. हम सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”

पीएम ने कहा कि “हमारे बीच होर्मुज को खुला रखने पर चर्चा हुई. हमने होर्मुज को खुला और सुरक्षित रखने पर जोर दिया. हमने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की. हम सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”

भारत से प्यार करते हैं ट्रंप: सर्जियो गोर

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी ने द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की, जिसमें कई महत्वपूर्ण सौदे शामिल थे. ऊर्जा सहित कई महत्वपूर्ण सौदे आने वाले दिनों और हफ्तों में भारत और अमेरिका के बीच होने की उम्मीद है.”
सर्जियो गोर के मुताबिक, कॉल के अंत में ट्रंप ने प्रधानमंत्री से कहा, “ मैं बस आपको यह बताना चाहता हूं कि हम सभी आपसे प्यार करते हैं.”

होर्मुज में अमेरिका की नाकेबंदी, ईरान से फिर वार्ता की कोशिश

अमेरिका ने होर्मुज ब्लॉकेड के लिए अपनी पूरी सैन्य ताकत झोंक दी है ताकि ईरान पर दबाव बनाया जाए.  ईरान के सभी बंदरगाहों की नाकेबंदी लागू करने के लिए 10,000 से अधिक अमेरिकी नेवी के जवान, मरीन और एयरमैन को उतार दिया है. अमेरिका ने दावा किया है कि पहले 24 घंटों के दौरान कोई भी जहाज अमेरिकी नाकाबंदी को पार नहीं कर पाया है, लेकिन ईरान की ओर से कहा गया है कि अमेरिका की नाकेबंदी को कोई असर नहीं है, हम उस जहाज को आराम से निकाल रहे हैं, जिसे इजाजत दे रहे हैं. ब्लॉकेड फेल होने का सबूत ये है कि इस मार्ग से 20 कॉमर्शियल जहाज निकाले गए हैं.

इस बीच इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता फेल होने के बाद एक बार फिर से बातचीत को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है. तुर्किए, मिस्र और पाकिस्तान ने दूसरे राउंड का बातचीत की कोशिश शुरु की है. माना जा रहा है कि अगले 1-2 दिनों में एक बार फिर से अमेरिका-ईरान बातचीत की टेबल पर बैठ सकते हैं.

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Warning: Version warning: Imagick was compiled against ImageMagick version 1692 but version 1693 is loaded. Imagick will run but may behave surprisingly in Unknown on line 0