होर्मुज पर तनातनी को लेकर सुपरपावर्स आमने सामने हैं. अमेरिका के खिलाफ चीन ने ईरान की ओर से संभाल लिया है मोर्चा. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी को लेकर चीन ने अमेरिका को गुंडा बताते हुए कड़ा प्रहार किया है. चीन ने चेतावनी देते हुए अमेरिका से कहा है कि चीन-ईरान के द्विपक्षीय रिश्तों में किसी तीसरे देश की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे.
दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर शुरु हुए होर्मुज नाकेबंदी के बीच चीन के तेल टैंकर और जहाज ने होर्मुज स्ट्रेट पार किया है. चीन ने कह दिया है कि वो अमेरिका के दबाव में नहीं आएगा और उसके जहाज इस नाकेबंदी को नहीं मानते. चीन ने कहा है कि अगर किसी ने भी दखल दी तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे.
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी कहा है कि “चीन झुकने वाला देश नहीं है और सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना चाहिए.”
चीनी जहाजों ने पार किया होर्मुज स्ट्रेट, अमेरिका को वॉर्निंग
बीजिंग ने होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी को खारिज कर दिया है. अमेरिका की ब्लैक लिस्ट में शामिल चीनी टैंकर रिच स्टैरी ने होर्मुज जलडमरूमध्य का रूट अपनाया और उसे पार किया.
चीन ने होर्मुज को ब्लॉक करने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के बाद ही कह दिया था कि इस नाकेबंदी को नहीं मानेगा.
जानकारी के मुताबिक, रिच स्टैरी ऑयल टैंकर और इसका मालिकाना हक रखने वाली कंपनी शंघाई शुआन शिपिंग लिमिटेड पर ईरान के साथ व्यापार करने के लिए अमेरिका ने बैन लगाया हुआ है. रिच स्टैरी एक मीडियम-रेंज का टैंकर है, जिसमें करीब 250,000 बैरल मेथनॉल लदा हुआ है.
चीन की ओर से कहा गया है कि ईरान के साथ उसके संबंध बेहद अहम हैं और दोनों देशों के बीच मजबूत कारोबारी रिश्ते हैं. अगर किसी तीसरे देश ने दखल देने की कोशिश की, तो उसके गंभीर परिणाम होंगे.
हम दादागीरी बर्दाश्त नहीं करेंगे, अमेरिका का गैर जिम्मेदाराना रवैया: चीन
चीन ने कहा है कि होर्मुज की खाड़ी खुली रहनी चाहिए, ताकि वैश्विक व्यवस्था बनी रहे. चीन के रक्षा मंत्री डोंग जून ने कहा, “चीन किसी भी देश के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों में तीसरे देश की दादागीरी बर्दाश्त नहीं करेगा. अगर कोई इसमें बाधा डालता है, तो चीन उचित कार्रवाई करेगा.”
चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून ने कहा है कि “बीजिंग के ईरान के साथ व्यापार और ऊर्जा समझौते हैं. हम इन समझौतों का पूरा सम्मान करेंगे। ऐसे में कोई अन्य देश (अमेरिका) हमारे मामलों में दखल ना दे.”
डोंग जून ने कहा है कि “होर्मुज जलडमरूमध्य का समुद्री रूट चीनी जहाजों के लिए खुला रहेगा। चीनी जहाज ईरान के साथ हुए समझौतों के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से पहले ही तरह ही आना-जाना जारी रखेंगे.”
चीन के विदेश मंत्रालय ने भी अमेरिका के रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताया. चीनी विदेश मंत्रालय के कहा, “होर्मुज की अमेरिकी नाकेबंदी बेहद खतरनाक है और इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है.”
ईरान को हथियार देने पर ट्रंप की धमकी को चीन ने खारिज किया
ट्रंप ने चीन को धमकाया है कि अगर उसने ईरान को हथियार दिए तो 50 प्रतिशत टैरिफ झेलना पड़ेगा. चीन ने ट्रंप की इस धमकी को भी दरकिनार कर दिया है. चीन ने कहा है कि ईरान को हथियारों के निर्यात को लेकर भी दबाव में नहीं आएंगे और अपने समझौतों का पालन करेंगे.
चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने बगैर किसी देश का नाम लिए एक नया आदेश जारी किया है. इस आदेश के तहत अगर कोई देश अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए चीन के हितों, संप्रभुता, सुरक्षा या विकास में दखल देता है, तो चीन कड़ा जवाबी कदम उठाएगा.

