ईरान युद्ध के चलते अपने पारंपरिक और भरोसेमंद मित्र देशों को खोते जा रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. ब्रिटेन के साथ ट्रंप की ठनी हुई है. ट्रंप की धमकियों का ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर पर कोई असर नहीं है. ट्रंप ने एक बार फिर से ब्रिटेन पर होर्मुज पर साथ मांगा और कहा अगर मदद नहीं की तो ब्रिटेन के साथ हुए समझौता तोड़ने की कगार पर पहुंच जाएगा. लेकिन ब्रिटेन ने अमेरिका के दबाव में आने से मना कर दिया है.
अपने ताजा बयान में ब्रिटिश पीएम स्टार्मर ने अमेरिका को साफ-साफ संदेश दे दिया है कि ब्रिटेन किसी भी हाल में ईरान के युद्ध में शामिल नहीं होगा.
हम ईरान युद्ध में नहीं उलझेंगे: कीर स्टार्मर
ब्रिटिश संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ईरान युद्ध को लेकर सरकार की मंशा बताई है. लिबरल डेमोक्रेट पार्टी के नेता एड डेवी ने ट्रंप की धमकी का जिक्र करते हुए महाराजा चार्ल्स तृतीय की अमेरिका यात्रा पर सवाल उठाया तो जवाब में पीएम स्टार्मर ने कहा, “ईरान युद्ध पर मेरा स्टैंड शुरू से ही एकदम स्पष्ट रहा है. हम इस युद्ध में नहीं उलझेंगे. यह हमारा युद्ध नहीं है.”
कीर स्टार्मर ने बताया, कि “ईरान फ्रंट पर हम पर बहुत दबाव डाला गया. लेकिन मैं अपना फैसला नहीं बदलूंगा. मैं झुकने वाला नहीं हूं. इस युद्ध में शामिल होना ब्रिटेन के राष्ट्रीय हित में नहीं है और हम ऐसा नहीं करेंगे.”
किंग चार्ल्स की अमेरिका यात्रा से पहले तनातनी
28 फरवरी से शुरु हुए युद्ध के फौरन बाद अमेरिका को लगा था कि यूरोपीय देश ईरान के खिलाफ उनके साथ खड़े होंगे. लेकिन ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी जैसे देशों ने संवाद के जरिए मुद्दे सुलझाने की बात कही और युद्ध में शामिल होने से मना कर दिया.
कीर स्टार्मर सरकार का कहना है कि ब्रिटेन अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर चलेगा और बिना सोचे समझे किसी युद्ध में कूदने से बचेगा.
यही बात राष्ट्रपति ट्रंप को अखर रही है और वो ब्रिटेन से किए गए समझौतों को भी तोड़ने और नाटो से अमेरिका को अलग कर देने की भी धमकी दे चुके हैं.
ट्रंप और स्टार्मर के बीच ये तनातनी ऐसे वक्त में है जब महाराजा चार्ल्स तृतीय अमेरिका यात्रा पर जाने वाले हैं. यह चार दिवसीय राजकीय यात्रा 27 अप्रैल से शुरू होने वाली है. पीएम स्टार्मर ने कहा, “इस यात्रा का मकसद अमेरिका के साथ संबंधों को मजबूत करना और अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ मनाना है.”
स्टार्मर ने कहा, किंग चार्ल्स की यात्रा को लेकर कोई मतभेद नहीं हैं. यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
ब्रिटेन पर भड़के ट्रंप, दी व्यापार समझौता रद्द करने की धमकी
ट्रंप का मानना है कि ब्रिटेन को ईरान के खिलाफ अमेरिका का साथ देना चाहिए. ट्रंप ने कहा, ब्रिटेन के साथ खास रिश्तों में खटास आना दुखद है. दोनों देशों के बीच एक अच्छा व्यापार समझौता हुआ था, लेकिन अब इसे बदला भी जा सकता है.
ट्रंप युद्ध की शुरुआत से ही ब्रिटेन से नाराज हैं, और कह चुके हैं कि ब्रिटेन ने जो किया, उसे अमेरिका याद रखेगा. अमेरिका धोखेबाजी को कभी नहीं भूलता है.
फ्रांस-ब्रिटेन की अगुवाई में नया गठबंधन
यूरोपीय देश होर्मुज स्ट्रेट से बिना अमेरिका के सीधे दखल के शिपिंग को सुरक्षित करने के लिए बना रहे हैं. दुनिया में लगातार बढ़ते सैन्य संघर्ष और बदले वर्ल्ड ऑर्डर के बाद ब्रिटेन और फ्रांस की अगुवाई में एक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत लड़ाई समाप्त होने के बाद समुद्री मार्गों पर भरोसा बहाल करने के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाया जाएगा.
इस पहल में समुद्र में बिछी माइंस को हटाने के अभियान (माइन-क्लियरिंग ऑपरेशन) और नौसेना की तैनाती जैसे कदम शामिल होंगे. और अमेरिका, इजरायल और ईरान जैसे सीधे तौर पर संघर्ष में शामिल देशों को इस गठबंधन से बाहर रखा जाएगा.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने घोषणा की है कि फ्रांस और ब्रिटेन इस सप्ताह होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी की सुरक्षा के लिए एक “समन्वित, स्वतंत्र, बहुराष्ट्रीय योजना” पर चर्चा करने के लिए संयुक्त रूप से एक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे.
स्टार्मर ने बताया कि, “ब्रिटेन ने 40 से अधिक देशों को आमंत्रित किया है जो नौवहन की स्वतंत्रता को बहाल करने के हमारे लक्ष्य को साझा करते हैं” और शिखर सम्मेलन में “संघर्ष समाप्त होने के बाद” जहाजरानी की सुरक्षा के तरीकों पर चर्चा की जाएगी.”

