होर्मुज नाकेबंदी पर बुरी तरह से फेल हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उनसे वादा किया है कि चीन, ईरान को हथियार सप्लाई नहीं करेगा. बदले में अमेरिका होर्मुज की खाड़ी चीनी जहाजों के लिए खोल देगा.
ट्रंप ने कहा, कि शी जिनपिंग के रुख से मैं इतना खुश हूं कि जब उनसे मिलूंगा तो गले लगा लूंगा.
हालांकि सच्चाई की बात की जाए, तो ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक चीन के सामने फेंकू नजर आ रहे हैं. क्योंकि होर्मुज के नाकेबंदी के पहले ही दिन चीन ने होर्मुज की खाड़ी में अपने उस जहाज को पार करने की हिम्मत दिखाई है, जिसे अमेरिका ने प्रतिबंधित कर दिया था. चीन ने पहले ही अमेरिका कह दिया है कि वो होर्मुज पर किसी दबाव में नहीं आने वाला और ईरान-चीन के रिश्तों में किसी भी तीसरे देश की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
चीन के इस कड़े रुख के बाद ट्रंप ने शिगूफा छोड़ते हुए कहा है कि चीन ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वो ईरान की मदद नहीं करेंगे.
मैं चीन के लिए खोल रहा हूं होर्मुज: ट्रंप
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, “चीन इस बात से बहुत खुश है कि मैं होर्मुज़ जलडमरूमध्य को हमेशा के लिए खोल रहा हूँ. मैं यह उनके लिए भी कर रहा हूँ—और पूरी दुनिया के लिए भी. ऐसी स्थिति दोबारा कभी नहीं आएगी. चीन इस बात पर सहमत हो गया है कि वो ईरान को हथियार नहीं भेजेंगे. जब मैं कुछ हफ्तों में वहां (चीन) जाऊंगा, तो राष्ट्रपति शी मुझे बहुत जोर से गले लगाएंगे. हम मिलकर बहुत समझदारी से और बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं! क्या यह लड़ाई-झगड़े से कहीं बेहतर नहीं है??? लेकिन याद रखना, अगर जरूरत पड़ी तो हम लड़ने में भी बहुत माहिर हैं—किसी और से कहीं ज़्यादा बेहतर!!! राष्ट्रपति डीजेटी”
चीन पर ईरान को मिसाइलें देने का आरोप, बीजिंग ने नकारा
राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन पर ईरान को हथियार देने के आरोप लगाए हैं. ट्रंप का आरोप है कि युद्ध में चीन ने ईरान को एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलें दी हैं.
वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को एक पत्र लिखा जिसमें कहा गया था कि बीजिंग ईरान को हथियारों की सप्लाई ना करें, ट्रंप ने बताया कि “इसके जवाब में राष्ट्रपति शी ने भी खत लिखकर कहा कि वो ऐसा नहीं कर रहे हैं.”
हालांकि चिट्ठी से पहले ट्रंप ने ईरान को हथियार सप्लाई करने पर चीन पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की भी धमकी दी थी. तो चीनी विदेश मंत्रालय ने भी ट्रंप के आरोपों को मनगढ़ंत और आधारहीन बताया था. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि “अगर अमेरिका इन फर्जी आरोपों के आधार पर टैरिफ बढ़ाता है, तो चीन जवाबी कार्रवाई करेगा.”
चीनी जहाजों ने पार किया होर्मुज स्ट्रेट, कहा, हमारे सामने दादागीरी नहीं चलेगी
इससे पहले बीजिंग ने होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी को खारिज कर दिया है. अमेरिका की ब्लैक लिस्ट में शामिल चीनी टैंकर रिच स्टैरी ने होर्मुज जलडमरूमध्य का रूट अपनाया और उसे पार किया.
चीन ने होर्मुज को ब्लॉक करने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के बाद ही कह दिया था कि इस नाकेबंदी को नहीं मानेगा.
जानकारी के मुताबिक, रिच स्टैरी ऑयल टैंकर और इसका मालिकाना हक रखने वाली कंपनी शंघाई शुआन शिपिंग लिमिटेड पर ईरान के साथ व्यापार करने के लिए अमेरिका ने बैन लगाया हुआ है.
चीन की ओर से कहा गया है कि ईरान के साथ उसके संबंध बेहद अहम हैं और दोनों देशों के बीच मजबूत कारोबारी रिश्ते हैं. अगर किसी तीसरे देश ने दखल देने की कोशिश की, तो उसके गंभीर परिणाम होंगे.
चीन ने कहा है कि होर्मुज की खाड़ी खुली रहनी चाहिए, ताकि वैश्विक व्यवस्था बनी रहे. चीन किसी भी देश के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों में तीसरे देश की दादागीरी बर्दाश्त नहीं करेगा. अगर कोई इसमें बाधा डालता है, तो चीन उचित कार्रवाई करेगा.”

