रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की शांति पहल और सीधे मुलाकात के प्रस्ताव को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खारिज कर दिया है. पुतिन ने अपने गृहनगर सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए, जेलेंस्की के खुले पत्र की आलोचना करते हुए, कहा, कि उस पत्र में कई शब्द और बातें बेकार हैं, ऐसी बैठक आयोजित करने से कोई नतीजा नहीं निकलता है.
दरअसल जेलेंस्की चाहते थे कि वो पुतिन के साथ आमने-सामने बैठकर शांति वार्ता करें और युद्ध खत्म करें. लेकिन पुतिन ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों की तारीफ की है.
जेलेंस्की से आमने-सामने बात करने से पुतिन का इनकार
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के आमने-सामने की बैठक के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. यूक्रेनी राष्ट्रपति ने एक ओपन पत्र के जरिए पुतिन से मिलने की इच्छा जाहिर की थी.
इस पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए पुतिन ने कहा, “क्या यह व्यक्तिगत मुलाकातों और बातचीत के लिए परिस्थितियां बनाने का तरीका है, मुझे लगता है कि ये ऐसा वातावरण बनाने का तरीका है जो किसी भी व्यक्तिगत मुलाकात को असंभव बना देता है? इस बैठक का कोई मतलब नहीं है. ऐसी बैठक बेनतीजा रहेंगी.”
हम ट्रंप के शांति प्रस्ताव के आधार पर समझौता करने को तैयार: पुतिन
पुतिन ने कहा है कि मॉस्को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव के आधार पर यूक्रेन के साथ समझौता करने के लिए तैयार है, बशर्ते कीव कुछ समझौते करने के लिए तैयार हो.
पुतिन ने पिछले साल अगस्त में अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई शिखर बैठक का जिक्र करते हुए कहा, हम शांतिपूर्ण माध्यम से यूक्रेन के साथ एक समझौते पर पहुंचने के लिए तैयार और इच्छुक हैं और यह समझौते उन बातों पर आधारित होंगे जिन पर हमने एंकरेज में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बैठक में चर्चा की थी. उस बैठक में रूस के सामने कुछ सवाल रखे गए ताकि हम कुछ समझौतों पर सहमत हो सकें. यह आवश्यक है कि यूक्रेन भी इन समझौतों को स्वीकार करे. तब यह संघर्ष स्वाभाविक रूप से और शीघ्रता से हल हो जाएगा.
युद्ध हम जीत रहें, हम मजबूत स्थिति में: पुतिन
पुतिन ने दावा किया कि रूसी सेना युद्ध के मैदान में अपनी बढ़त बनाए हुए है.
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि “मॉस्को यूक्रेनी ड्रोन हमलों का मुकाबला करने के लिए अपनी हवाई रक्षा को मजबूत कर रहा है. रूसी लोगों की देशभक्ति और इच्छाशक्ति यह सुनिश्चित करेगी कि वे यूक्रेन में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करें.”
पुतिन ने खत्म हो चुके मिन्स्क समझौतों का हवाला दिया, जिन्हें 2014 में दुश्मनी शुरू होने के बाद पूर्वी यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में यूक्रेनी सरकारी बलों और रूसी समर्थित अलगाववादियों के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए बनाया गया था. पुतिन ने 2014 के असफल समझौते का जिक्र करते हुए कहा, “हम पूरी रात मिन्स्क समझौतों को अंतिम रूप देने और उन पर काम करने में लगे रहे. लेकिन यूक्रेन ने संवैधानिक सुधारों और डोनबास को विशेष दर्जा देने जैसे राजनीतिक प्रावधानों को लागू करने से इनकार करके समझौते का उल्लंघन किया है.”
पुतिन से मिलना चाहते थे जेलेंस्की, खुले पत्र में यूक्रेन की बढ़त की बात कही
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति के लिए एक खुला पत्र लिखा, जिसमें कहा, “यूक्रेन इस युद्ध को हमारे और आपके बीच सीधी बातचीत के माध्यम से समाप्त करने का प्रस्ताव रखता है. मैं एक बैठक का प्रस्ताव कर रहा हूं.”
आप (पुतिन) 26 साल से भी पहले रूस में सत्ता में आए थे, तब यूक्रेन के कई लोग आपको पॉजिटिव रूप से देखते थे. लेकिन अब वह पुरानी बात हो गई है. अब, यूक्रेन के ज्यादातर लोग इस बात को पॉजिटिव तौर पर देखते हैं कि हमारे लंबी दूरी के ड्रोन ने सेंट पीटर्सबर्ग में आपके मंच के उद्घाटन के दौरान 1,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की. आप अच्छे से जानते हैं, यह दूरी हमारी ताकत की सीमा नहीं है. यूक्रेन सभी युद्धबंदियों एक्सचेंज के लिए तैयार है, और यह जंग को खत्म करने की दिशा में एक अच्छा कदम साबित हो सकता है.”
जेलेंस्की ने कहा- “हमें यह निर्धारित करना होगा कि हमारे बाद आने वाली यूक्रेनी और रूसी पीढ़ियों का भविष्य कैसा होगा। यदि आप व्यक्तिगत तौर पर इस परिणाम पर नहीं पहुंचते हैं कि इस जंग को खत्म करने का वक्त आ चुका है, तो यूक्रेन अपने अस्तित्व के लिए लड़ता रहेगा. यह रूसी इतिहास का एक तथ्य है जिसे आप अच्छी तरह जानते हैं: जब रूस थक जाता है, तो बदलाव आता है.
जेलेंस्की ने कहा- ” रूस के संसाधन काफी कम हो रहे हैं. आपके पास रूस के लोगों की वफादारी को उस तरह से खरीदने के लिए पर्याप्त धन या राजनीतिक पूंजी नहीं होगी, जिस तरह से आपने पिछले 26 वर्षों से किया है. और हम यह सुनिश्चित करने की हर संभव कोशिश करेंगे कि दुनिया उस वक्त को करीब लाने में मदद करे.”
जेलेंस्की ने रूसी सैनिकों के घटती संख्या पर कटाक्ष करते हुए कहा. “हम जानते हैं कि आपके युद्धक्षेत्र में होने वाली हानियों में से 63 प्रतिशत सैनिक मारे जाते हैं, जबकि केवल 37 प्रतिशत घायल होते हैं. 21वीं सदी में कोई भी सेना इस अनुपात को बर्दाश्त नहीं कर सकती. यूक्रेन रूस के सैनिकों के भाग्य को लेकर चिंता में है.”

