पाकिस्तान में होने वाली दूसरे राउंड की वार्ता से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के पावर प्लांट और पुल तबाह कर देने की धमकी दी है. अमेरिका टीम सोमवार यानि 21 अप्रैल को ईरान शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद जा रही है. ट्रंप कह रहे हैं कि वार्ता सकारात्मक होगी, लेकिन अगर ईरान शर्तों को नहीं माना और शांति वार्ता विफल हुई, तो ईरान का सबकुछ खत्म हो जाएगा.
होर्मुज बंद करके नुकसान ईरान को ही हो रहा: ट्रंप
पहली शांति वार्ता विफल होने के बाद एक बार फिर अमेरिका और ईरान बातचीत की टेबल पर बैठने वाले हैं. ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने नई पारदर्शी और उचित डील पेश की है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, हमारी टीम सोमवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद जा रही है. ईरानियों ने अगर अब भी इस डील को नहीं माना तो हम उनके पावर प्लांट और पुल को तबाह कर देंगे.
ट्रंप ने कहा, मेरे प्रतिनिधि सोमवार शाम तक इस्लामाबाद पहुंचेंगे, जहां वार्ता होगी. ईरान ने हाल ही में घोषणा की कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर रहे हैं, जो अजीब है क्योंकि हमारी नाकेबंदी ने इसे पहले ही बंद कर रखा है. ईरानी बिना जाने हमारे काम आ रहे हैं. बंद मार्ग से सबसे ज्यादा नुकसान रोजाना करीब 50 करोड़ डॉलर का उन्हें हो रहा है.
ईरान ने फ्रांस-ब्रिटेन के जहाज पर फायरिंग की: ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में गोलीबारी की. यह हमारे संघर्षविराम समझौते का पूर्ण उल्लंघन है! इनमें से कई गोलियां एक फ्रांसीसी जहाज और ब्रिटेन के एक फ्रेटर (मालवाहक जहाज) को निशाना बनाकर चलाई गईं. यह अच्छी बात नहीं थी, है ना? होर्मुज बंदी से अमेरिका को कुछ भी नुकसान नहीं हो रहा, बल्कि, कई जहाज अभी अमेरिका की ओर जा रहे हैं। तेल लोड करने के लिए टेक्सास, लुइसियाना और अलास्का, यह सब आईआरजीसी की मेहरबानी से हो रहा है, जो हमेशा “ताकतवर” बनने की कोशिश करते हैं!
अगर ईरान नहीं माना, तो और तेजी से गिरेगा: ट्रंप
ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा, “हम एक बहुत ही निष्पक्ष और उचित डील पेश कर रहे हैं. मुझे उम्मीद है कि वे इसे स्वीकार कर लेंगे, क्योंकि अगर नहीं किया तो संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के हर पावर प्लांट और हर पुल को तबाह कर देगा. अब नरम रुख नहीं!. वे (ईरानी) तेजी से गिरेंगे, आसानी से गिरेंगे. अगर वे डील नहीं स्वीकार करते हैं, तो जो करना होगा वह करना मेरे लिए सम्मान की बात होगी. जो पिछले 47 वर्षों से अन्य राष्ट्रपतियों को ईरान के साथ करना चाहिए था, अब ईरान की किलिंग मशीन को खत्म करने का समय आ गया है!”

