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अमेरिकी ठिकाने कागजी शेर, खामेनेई ने Gulf Countries को ललकारा

ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई भले ही दुनिया के लिए सस्पेंस बने हुए हैं. लेकिन पर्दे के पीछे से अमेरिका को लगातार चुनौती दे रहे हैं. ना तो मोजतबा सामने आ रहे और ना ही उनकी आवाज किसी को सुनाई दी है.

लेकिन मोजतबा खामेनेई ने फिर एक बार अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए सेंट्रल एशिया में बनाए गए अमेरिकी ठिकानों को कागजी शेर बताया है. मोजतबा ने कहा, ये लोग खुद की सुरक्षा नहीं कर सकते.

दरअसल मोजतबा खामेनेई का ये संदेश अपने पड़ोसी देशों के लिए है, जो अमेरिका के साथी हैं और ईरान के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. मोजतबा ने ये समझाने की कोशिश की जब अमेरिका खुद की सुरक्षा नहीं कर सकता है, तो यूएई, सऊदी अरब, कुवैत समेत मिडिल ईस्ट के दूसरे देशों की सुरक्षा कैसे करेगा.

अमेरिका नहीं कर सकता आपकी रक्षा, पड़ोसी देशों से बोले मोजतबा

मोजतबा खामेनेई पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ‘कागज़ी शेर’ कहा है. मोजतबा के मुताबिक, “ये ठिकाने खुद की सुरक्षा भी नहीं कर सकते, तो क्षेत्र की सुरक्षा कैसे करेंगे.”

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए खामेनेई ने अमेरिका के सहयोगी देशों पर जमकर निशाना साधा है. मोजतबा की ओर से कहा गया, “अमेरिका के कागजी शेर जैसे ठिकाने खुद को भी सुरक्षित नहीं रख सकते. क्षेत्र के अमेरिकी समर्थकों की सुरक्षा तो दूर की बात है.”

मोजतबा ये बयान खाड़ी देशों के लिए है, जहां-जहां अमेरिका ने अपने सैन्य बेस बना रखे हैं और युद्ध के दौरान ईरान ने खाड़ी देशों में बने इन सैन्य बेस पर अटैक करके अमेरिका से बदला लिया था.

कूटनीतिक कोशिशों के बीच मोजतबा खामेनेई का ये बयान बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि 28 फरवरी को जब अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हवाई हमला किया तो उसका बदला लेने के लिए ईरान ने गल्फ के 11 देशों पर हमला बोल दिया था, जिसकी शायद ही किसी ने उम्मीद की थी.

एक बार फिर से सीजफायर के बाद जंग के बादल मंडरा रहे हैं, ऐसे में मोजतबा ने खाड़ी देशों को कहा है कि जिस अमेरिका के लिए वो देश ईरान से दुश्मनी ले रहे हैं, वो अमेरिका खुद की ही रक्षा नहीं कर पा रहा है.

ईरान ने अमेरिका को शांति का प्रस्ताव भेजा, ट्रंप बोले, ईरान का नेतृत्व बिखरा

ईरान ने अमेरिका के साथ जारी तनाव को कम करने के लिए नया प्रस्ताव भी भेजा है, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है. हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस प्रस्ताव को खारिज करने के संकेत दे चुके हैं. ट्रंप ने ईरान को पागल बताते हुए कहा है, कि “हम पागलों के हाथों न्यूक्लियर हथियार नहीं देंगे.”

ट्रंप ने कहा, “ईरान में बहुत ही बिखरा हुआ नेतृत्व है. वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे सभी पूरी तरह से उलझे हुए हैं. ईरान में बहुत कन्फ्यूजन है.

ट्रंप बोले, “ज़्यादातर लोग ईरान में सरकार को पूरी तरह से गैर-कानूनी मानते हैं. हम एक बड़ी जीत के बीच में हैं. हम ईरान के साथ डील कर सकते हैं और वो करना भी चाहते हैं. लेकिन जब वे करीब आते हैं, और फिर लोगों का एक नया समूह आ जाता है. उन्हें नहीं पता कि उनके लीडर कौन हैं. वे बहुत कन्फ्यूज हैं.”

मोजतबा खामेनेई स्वस्थ, पश्चिम फैला रहा प्रोपेगेंडा: ईरान

ईरान की विशेषज्ञ सभा के सदस्य और सर्वोच्च नेता के कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-प्रमुख अयातुल्ला मोहसेन कोमी ने मोजतबा को पूरी तरह से स्वस्थ बताया है. कोमी ने कहा, अमेरिका-इजरायल मोजतबा के स्वास्थ्य पर सिर्फ अफवाह फैला रहे हैं. ऐसी खबरें पश्चिमी देशों द्वारा प्रतिक्रिया भड़काने और अफवाहें फैलाने के प्रयासों का हिस्सा हैं.

कोमी ने कहा, “कुछ लोग हमारे सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य के बारे में पूछते हैं. यह दुश्मन की चाल है. इसका उद्देश्य अटकलें पैदा करना और अधिकारियों को जवाब देने के लिए मजबूर करना है. ईरानी अधिकारी सुप्रीम लीडर के जीवन की रक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.

हालांकि कोमी ने ये बात स्वीकार की कि मोजतबा खामेनेई उस इमारत में मौजूद थे जिस पर अमेरिका ने बमबारी की थी, लेकिन वे सुरक्षित बच गए.

कोमी ने कहा, “हमारे सुप्रीम लीडर उस वक्त उसी इमारत में मौजूद थे जिस पर भीषण बमबारी हुई थी, जहां अन्य कई लोग शहीद हुए थे. धमाके से कुछ ही मिनट पहले, ईश्वर की कृपा से, वह इमारत के आंगन में चले गए थे. वो इस वक्त पूरा कामकाज देख रहे हैं.  ईश्वर है और वह रक्षा करता है, इसका सबसे बड़ा प्रमाण है कि हमारे मोजतबा पूरी तरह से स्वस्थ हैं.”

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