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नेतन्याहू को भारत पसंद, इस्लामाबाद को बताया धोखेबाज

मिडिल ईस्ट में भयंकर तनाव के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत की जमकर प्रशंसा की है और पाकिस्तान की नापाक असलियत एक बार फिर से दुनिया के सामने रखी है. नेतन्याहू ने भारत को इजरायल का खास दोस्त बताया है,  और कहा, भारत में इजरायल के लिए लोगों के दिलों में जबरदस्त प्यार है.

वेस्ट बैंक में एक कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत संग इजरायल के रिश्तों के बारे में पीएम नेतन्याहू ने खुलकर बातें की, और भारत को दुनिया की विशाल शक्ति बताया है.

भारत में इजरायल के सबसे ज्यादा फॉलोअर्स हैं: पीएम नेतन्याहू

इजरायली पीएम नेतन्याहू ने भारत को अविश्वसनीय बताते हुए कहा, “दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में हमें अपनी वैधता को लेकर कुछ समस्या का सामना करना पड़ता है, लेकिन भारत में ऐसा नहीं है. भारत में इजरायल के जितने फॉलोअर्स हैं, उतने दुनिया के किसी हिस्से में नहीं हैं. इजरायल को भारत में खूब समर्थन मिलता है. भारत की आबादी 1.4 अरब है, और वहां इजरायल बहुत लोकप्रिय है.” 

नेतन्याहू ने भारत दौरे को याद करते हुए कहा, “ऐसी जगहें हैं जहां इजरायल का आज भी सम्मान किया जाता है और खासकर भारत में इजरायल बहुत लोकप्रिय है. प्रधानमंत्री मोदी का यहां बहुत प्यार से स्वागत सम्मान किया गया था. मैं अपनी पत्नी के साथ भारत गया था और यह एक प्रेम उत्सव था.”

पाकिस्तान पर साधा नेतन्याहू ने निशाना

पाकिस्तान पर नाराजगी जाहिर की और अमेरिका में उनकी लोकप्रियता कम होने की वजह भी बताई. हाल में किए गए एक रिसर्च में इजरायली पीएम की लोकप्रियता अमेरिकी लोगों के बीच गिरी है. जबकि पहले अमेरिका में इजरायल बहुत पॉपुलर था. अप्रैल में जारी प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे के मुताबिक, 60% अमेरिकी वयस्क इजरायल के बारे में नकारात्मक राय रखते हैं. पिछले साल ये आंकड़ा 53% था. आधे से ज्यादा अमेरिकी वयस्कों (59%) को नेतन्याहू पर दुनिया के मामलों में सही काम करने का बहुत कम या बिल्कुल भी भरोसा नहीं है. पिछले साल ये आंकड़ा 52% था.

नेतन्याहू ने अपनी लोकप्रियता में आई गिरावट के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है. नेतन्याहू ने पाकिस्तान पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके और प्रोपेगेंडा के जरिए अमेरिकी जनता की राय में इजरायल-विरोधी भावना को बढ़ावा देने का आरोप लगाया.

नेतन्याहू ने कहा, जो देश अमेरिका-इजरायल गठबंधन को कमजोर करना चाहते हैं, वे सोशल मीडिया में हेरफेर कर रहे हैं.

पीएम मोदी के इजरायली दौरे तक नेतन्याहू ने टाला था युद्ध

इसी साल फरवरी के महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल के दौरे पर गए थे. ये दौरा ठीक ईरान पर हुए अटैक से पहले खत्म हुआ था. जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान मिडिल ईस्ट की सीमा से बाहर निकला, 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमला बोल दिया था.

पीएम मोदी की इजरायल की यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया था. यरुशलम की अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी और नेतन्याहू ने भारत-इजरायल संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने की घोषणा की थी और पीएम मोदी ने इजरायली संसद  को भी संबोधित किया था.

भारत और इजरायल के बीच रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, कृषि, ऊर्जा और ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत कई क्षेत्रों में साझेदारी की घोषणा की गई थी. 

तो इजरायल ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का खुलकर समर्थन किया था. पहलगाम हमले को इजरायल में हमास द्वारा किए गए हमले जैसा बताते हुए ऑपरेशन सिंदूर को एकदम सही ठहराया था.

इजरायल को मान्यता देने से पाकिस्तान का इनकार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान समेत कई मुस्लिम देशों से इजरायल को मान्यता देने की अपील की है. ट्रंप ने कहा है कि “मुस्लिम देशों को जल्द से जल्द अब्राहम समझौते में शामिल हो जाना चाहिए.”

लेकिन पाकिस्तान ने इजरायल को मान्यता देने से इनकार कर दिया है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि “पाकिस्तान अपनी मौलिक विचारधाराओं से समझौता नहीं कर सकता.”

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री का ये बयान आतंकियों की धमकी के बाद आया है. लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने पाकिस्तान सरकार को धमकी देते हुए इजरायल के खिलाफ जमकर जहर उगला था.

आतंकवादी सैफुल्लाह कसूरी ने चेतावनी देते हुए कहा, कि “अगर पाकिस्तान सरकार इजरायल को मान्यता देती है तो इससे देश का माहौल खराब हो सकता है. जो भी हुक्मरान इजरायल के साथ संबंध स्थापित करते हैं, उनका नामोंनिशान मिटा दिया जाएगा.”

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