शांतिप्रिय और तटस्थ माने जाने वाले स्विट्जरलैंड में लोनवुल्फ आतंकी हमले से दहशत फैल गई. स्विट्जरलैंड के विंटरथुर शहर के रेलवे स्टेशन पर आईएसआईएस आतंकी संगठन से जुड़े एक शख्स ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला बोल दिया. इस हमले में 03 लोग गंभीर तौर पर घायल हो गए, लेकिन स्विस पुलिस ने आतंकवादी को मौके से पकड़ लिया.
पकड़ा गया संदिग्ध स्विस और तुर्किए का नागरिक है. साल 2015 से संदिग्ध पर नजर रखी जा रही थी. चौंकाने वाली बात ये है कि हमले से एक दिन पहले संदिग्ध को मनोरोग केंद्र में भर्ती किया गया था. लेकिन डॉक्टर्स ने उसे खतरनाक न बताते हुए डिस्चार्ज कर दिया था.
रेलवे स्टेशन पर आतंकी हमला, संदिग्ध ने लगाए धार्मिक नारे
स्विट्जरलैंड के विंटरथुर शहर में एक आतंकी हमला हुआ, रेलवे स्टेशन पर स्विस-तुर्किए की दोहरी नागरिकता वाले एक शख्स ने तीन लोगों पर चाकू से हमला कर दिया. स्विस पुलिस ने इस घटना को “आतंकवादी कृत्य” बताया है और संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है.
जांच में पुलिस को हमले का एक वीडियो मिला है, जिसमें वो विंटरथुर स्टेशन के कॉनकोर्स में ‘अल्लाहु अकबर’ चिल्लाते हुए भागता दिखाई दे रहा है.
स्विटजरलैंड पुलिस के अधिकारी मारियस वेयेरमैन के मुताबिक, यह हमला सुबह 8:30 बजे के आस-पास हुआ. और घटना के फौरन बाद संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी विंटरथुर में ही रहता है, और हमलावर की उम्र 31 वर्ष है.
जिस विंटरथुर शहर में हमला हुआ उसमें लगभग 123,000 निवासी हैं और ये स्विट्जरलैंड के बड़े शहर ज्यूरिख के पास स्थित है.
आईएसआईएस की प्रचार सामग्री बांटते हुए पकड़ा जा चुका है संदिग्ध
पुलिस अधिकारी, वेयेरमैन ने बताया कि “साल 2015 में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट समूह का प्रचार सामग्री बांटने के कारण संदिग्ध अधिकारियों की नजर में आया था. हाल ही में, पुलिस के आपातकालीन नंबर पर काल करने के बाद उसे एक मनोरोग केंद्र में ले जाया गया था, लेकिन बुधवार को डाक्टर द्वारा उसे खतरनाक न पाए जाने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी.”
पुलिस ने कहा, अस्पताल से निकलते ही शख्स ने रेलवे स्टेशन पर 28, 43 और 52 वर्ष की आयु के तीन स्विस पुरुषों पर हमला कर दिया. जांच में पता चला है कि इस व्यक्ति ने अकेले ही यह हमला किया था.
बड़ा हमला टला, लोगों ने आतंकी का डटकर मुकाबला किया: स्विस पुलिस
ज्यूरिख के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मारियो फेहर ने इस हमले को “आतंकवाद का एक घिनौना कृत्य” बताया. मारियो फेहर के मुताबिक, “संदिग्ध का जन्म स्विट्जरलैंड में हुआ था और उसने साल 2009 में स्विस नागरिकता प्राप्त की थी, और ऐसा लगता है कि उसने पिछले दो वर्षों का अधिकांश समय तुर्की में बिताया था.”
फेहर ने कहा, “इस हमले का मकसद रेडिकलाइजेशन और कट्टरपंथी होना है. मामले की तह तक जाएंगे और पता करेंगे कि संदिग्ध के साथ क्या कुछ और लोगों का भी ब्रेनवॉश किया गया है.”
मारियो फेहर ने रेलवे स्टेशन पर मौजूद एक टीचर की तारीफ की. कहा, “रेलवे स्टेशन पर बहुत से बहादुर लोग थे. संदिग्ध की गिरफ्तारी से पहले अपने स्टूडेंट्स की सुरक्षा के लिए टीचर मौके पर डटकर खड़ी रहीं. मेरा मानना है कि पुलिस ने स्थिति को बहुत अच्छे ढंग से संभाला और बड़े नुकसान को होने से रोक दिया.”
यूरोप का सबसे सुरक्षित और शांतिप्रिय देश है स्विट्जरलैंड
स्विट्जरलैंड को आम तौर पर दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में से एक माना जाता है. स्विट्जरलैंड को शांतिप्रिय देश है. साल 2024 में स्विट्जरलैंड में रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर शांति वार्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया था. जिसमें रूस को न बुलाने पर कंट्रोवर्सी हुई थी.
स्विट्जरलैंड में समय-समय पर आतंकवाद पर लगाम कसी जाती रही है. साल 2015 में स्विट्जरलैंड में एक बहुत बड़े आतंकी हमले की साजिश का पर्दाफाश किया गया था, जिसमें दो सीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था और एक कार में बम बनाने वाले रसायनों के निशान पाए गए थे. गिरफ्तार किए गए व्यक्ति आईएसआईएस सेल के सदस्य थे जो विस्फोटकों और जहरीली गैस का उपयोग करके हमले की योजना बना रहे थे.

