भारत को लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आमने सामने हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पीएम नरेंद्र मोदी के लिए तारीफों के पुल बांधे हैं. ट्रंप ने मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताया लेकिन साथ में ये कह दिया कि भारत ने अमेरिका का बहुत फायदा उठाया. वहीं पुतिन ने भारत को अच्छा पार्टनर बताते हुए स्वतंत्र नीति की प्रशंसा की थी.
ट्रंप की तारीफ से कुछ घंटों पहले ही पुतिन ने अमेरिका को सलाह देते हुए कहा था कि पीएम मोदी किसी के दबाव में नहीं आते और उनपर दबाव डालने का मतलब ये है कि आप अपने द्विपक्षीय संबंध खराब कर रहे हैं.
पुतिन के बयान के बाद ट्रंप ने मोदी को अपना अच्छा दोस्त बता डाला और भारत संग व्यापार समझौते की उम्मीद जताई.
पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं: ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ताजा बयान में पीएम मोदी की दिल खोलकर तारीफ की है. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, मुझे प्रधानमंत्री मोदी बहुत पसंद हैं. वह मेरे अच्छे दोस्त हैं. हमारे रिश्ते अच्छे हैं और हम जल्द ही एक डील करेंगे.
हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत कई सालों से अमेरिकी कंपनियों पर ज्यादा टैरिफ लगाता रहा है. जबकि अमेरिका भारत से ऐसा शुल्क नहीं लेता था.
अमेरिका ने हाल ही में भारत समेत 54 देशों पर अतिरिक्त 12.5 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है. अमेरिका का आरोप है कि इन देशों से आने वाले कुछ सामान जबरन श्रम के जरिए तैयार किए जाते हैं.
ट्रंप ने हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल का उदाहरण देते हुए कहा कि “भारत में पहले अमेरिकी बाइक कंपनियों पर 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जाता था। उन्होंने कहा कि इसी वजह से कंपनी को भारत में अपना प्लांट लगाना पड़ा.”
फ्रांस में हो सकती है ट्रंप-मोदी की मुलाकात
पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात इस महीने फ्रांस में हो सकती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अगले सप्ताह होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में मुलाकात की संभावना बन रही है. फ्रांस की मेजबानी में 15 से 17 जून तक आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में दोनों नेताओं की मौजूदगी की पुष्टि हो चुकी है. हालांकि, दोनों देशों की ओर से अब तक औपचारिक द्विपक्षीय बैठक तय नहीं की गई है.
पीएम मोदी और ट्रंप के बीच आखिरी मुलाकात फरवरी 2025 में अमेरिका में हुई थी. लेकिन उसके बाद टैरिफ, रूस के साथ तेल व्यापार और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर ट्रंप के फर्जी क्रेडिट के बाद भारत-अमेरिका में संबंध बिगड़ गए थे. लेकिन पीएम मोदी के सख्त रुख के कारण समय-समय पर ट्रंप भारत के संबंधों को ताजगी देने की कोशिश करते हैं.
अक्सर भारत की तारीफ करते हैं, तो पीएम मोदी को अपना अच्छा मित्र बताते हैं.
भारत-अमेरिका में चल रही ट्रेड डील पर बात
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है. हाल ही में एक अमेरिकी डेलिगेशन भारत आया था. दोनों देशों के अधिकारियों के बीच चार दिनों तक व्यापार समझौते पर चर्चा हुई, जो गुरुवार को ही खत्म हुई.
इस डील को लेकर वाणिज्य मंत्रालय ने भी बयान दिया था और कहा, कि “अमेरिका के साथ बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई. दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसा समझौता किया जाए जिससे भारत और अमेरिका दोनों को फायदा हो. दोनों पक्ष व्यापार और आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.”
7 फरवरी को ट्रंप और मोदी के बीच फोन पर बातचीत के बाद, भारत और अमेरिका ने एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया जिसमें द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट या एक अंतरिम ट्रेड डील के पहले फेज की रूपरेखा या फ्रेमवर्क को फाइनल किया गया. उस फ्रेमवर्क के मुताबिक, अमेरिका भारत पर टैरिफ को 50 परसेंट से घटाकर 18 परसेंट करने पर सहमत हो गया था. अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने पर भारतीय सामान पर 25 प्रतिशत का टैरिफ हटा दिया था और समझौते के तहत बाकी 25 प्रतिशत को घटाकर 18 प्रतिशत करना था.

