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प्रदर्शनकारियों पर चढ़ाई BMP, यूक्रेनी सेना प्रमुख का इतिहास आया सामने

रक्षा मंत्री को हटाने का विरोध झेल रहे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक हफ्ते के भीतर अपने आर्मी चीफ को भी बदल दिया है. जेलेंस्की ने मारियूपोल में कभी विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों पर इन्फेंट्री कॉम्बेट व्हीकल (आईसीवी) से कुचलने वाले कमांडर को नया सेना प्रमुख बनाया है. खास बात है कि नए सेना प्रमुख मखाएलो द्रपतई की उम्र महज 46 वर्ष है.

जेलेंस्की ने मखाएलो को ऑलेक्जेंडर सिस्रकी को यूक्रेन का नया कमांडर इन चीफ तैनात किया है. सिर्सिकी की उम्र 60 वर्ष है. माना जा रहा है कि यूक्रेन की राजधानी कीव और दूसरे शहरों में रक्षा मंत्री मखाएलो फेडोरोव को पद से हटाने को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन को शांत करने के लिए जेलेंस्की ने ये कदम उठाया है.

रक्षा मंत्री ने यूक्रेनी सेना की विसंगतियों को किया था उजागर

फेडोरोव ने पद से हटाए जाने के बाद यूक्रेनी सेना की बदहाली का खुलासा किया था. फेडोरोव ने यूक्रेनी सेना की कई ब्रिगेड में संरचनात्मक विसंगतियों के बारे में सवाल उठाए थे. फेडोरोव के मुताबिक, ड्रोन वॉरफेयर को छोड़कर यूक्रेनी सेना, हर मोर्चे पर मुंह की खा रही है. सैनिकों की कमी को लेकर भी फेडोरोव ने खुलकर बताया था कि कैसे लोगों को पकड़-पकड़कर सेना में जबरदस्ती भर्ती कराया जा रहा है. फेडोरोव की तत्कालीन सेना प्रमुख सिर्सिकी से भी पटरी मेल नहीं खाती थी. यही वजह है कि अपने खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों पर रोक लगाने के लिए जेलेंस्की ने नए कमांडर इन चीफ की नियुक्ति की है.

युद्ध में जेलेंस्की की खिसक रही जमीन

इसके अलावा, युद्ध के मोर्चे पर भी यूक्रेन को रूस के हाथों जमीन खिसकती नजर आ रही है. रूस की सेना पूरे डोनबास प्रांत पर लगभग कब्जा करने के लिए तैयार है. यूक्रेन के सुमी और खारकीव प्रांतों में भी रशियन फोर्सेज़ लगातार आगे बढ़ रही हैं. ऐसे में जेलेंस्की ने नए सेना प्रमुख पर अपना दांव चला है. पिछले हफ्ते, जेलेंस्की ने अपने पूरे कैबिनेट को बदल दिया था. इसमें देश की प्रधानमंत्री यूलिया स्विरिडेंको भी शामिल थी.

जेलेंस्की के नए कमांडर के सामने पहाड़ जैसी मुसीबतें

खास बता है कि पिछले साढ़े चार साल यानी जब से (फरवरी 2022) युद्ध शुरु हुआ है, जेलेंस्की ने दो बार अपने सेना प्रमुखों को बदल दिया है. वर्ष 2024 में जेलेंस्की ने वालैरी ज़ालुझनी को कमांडर इन चीफ के पद से हटाकर सिर्सिकी को सेना की कमान संभाली थी. ज़ालुझनी, फिलहाल लंदन में यूक्रेन के राजदूत के पद पर तैनात है. नए कमांडर इन चीफ की नियुक्ति पर ज़ालुझनी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि द्रपतई का कार्यकाल जितना उन्होंने (द्रपतई ने) सोचा है, उससे कहीं ज्यादा ‘मुश्किल’ साबित होने जा रहा है.

कमांडर इन चीफ बनाए जाने से पहले, द्रपतई ने यूक्रेन की सेना की ज्वाइंट फोर्सेज की कमान संभाल रखी थी. उससे पहले,डिप्टी चीफ ऑफ जनरल स्टाफ के पद पर भी द्रपतई ने अपनी सेवाएं दी हैं. लेकिन द्रपतई को रूस और यूक्रेन में एक बैटलफील्ड कमांडर के तौर पर ज्यादा जाना जाता है. यूक्रेनी सेना में शामिल होने के महज कुछ साल बाद द्रपतई ने डोनबास से लेकर रूस तक सनसनी फैला दी थी.

नए कमांडर इन चीफ का 2014 का मारियूपोल वीडियो है वायरल

वर्ष 2014 में एक मेजर के तौर पर सेवाएं देने के दौरान, द्रपतई की मैकेनाइज्ड बटालियन को डोनबास के मारियूपोल शहर में विद्रोह को कुचलने के लिए भेजा गया था. स्थानीय लोगों ने पूरे शहर को बंधक बना रखा था और जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन चल रहे थे. ऐसे में द्रपतई की अगुवाई में मैकेनाइज्ड कॉलम ने विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों और सड़कों पर बने अस्थाई अवरोधों पर बीएमपी (इन्फेंट्री कॉम्बेट व्हीकल) को चढ़ा दिया था. विरोध करने वाले लोग बाल बाल बचे थे. ये वीडियो आजतक मारियूपोल और डोनबास में यूक्रेनी सेना की बर्बरता का प्रतीक है और सोशल मीडिया पर सामने आता रहता है. (https://x.com/FinalAssault23/status/2079969021357895904?s=20)

वीडियो को रूस ने बना रखा है हथियार

द्रपतई के बीएमपी के जरिए विद्रोह को कुचलने के वीडियो के जरिए, रूस ने यूक्रेन के खिलाफ नैरेटिव छेड़ रखा है कि किस तरह डोनबास प्रांत में रूसी भाषा बोलने वाले लोगों पर अत्याचार किया जाता था. जिसके चलते रूसी सेना ने फरवरी 2022 में डोनबास पर हमला कर रशियन फेडरेशन में शामिल कर लिया है. आज मारियूपोल सहित डोनबास के दोनेत्स्क और लुहांस्क क्षेत्र रूस का हिस्सा बन चुके हैं.

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