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अमेरिका समुद्री डकैत, ओमान में भारतीयों की मौत पर ईरान भड़का

ओमान की खाड़ी में 03 भारतीयों की मौत के बाद ईरान ने अमेरिका को खूब खरी खोटी सुनाई है. सैन्य तनाव के बीच ईरान ने भारत का साथ देते हुए अमेरिका पर करारा वार किया है. ईरानी विदेश मंत्रालय ने भारत अमेरिकी कार्रवाई को समंदर में डकैती बताते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्री सुरक्षा के खिलाफ बताया है.

वहीं भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी भारतीयों की मौत पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए समुद्री व्यापार बाधित करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा है कि, समुद्री व्यापार को रोकना या खतरे में डालना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

आपको बता दें कि अमेरिका-ईरान के बीच भयंकर सैन्य तनाव है. अमेरिका होर्मुज की खाड़ी में लगातार हमले कर रहा है वहीं ईरानी सेना खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अटैक करके बदला ले रहा है. होर्मुज की खाड़ी में तनाव चरम पर हैं. कई जहाज फंसे हुए हैं और कई जहाजों ने रास्ता बदल लिया है.

होर्मुज में अमेरिका की सशस्त्र लूट, भारत के साथ संवेदना: ईरान

होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है. ईरान पर दबाव बनाने के लिए अमेरिकी नेवी मिसाइलें दाग रही है. पिछले 3 दिनों में एमटी जलवीर और सेट्टेबेलो जैसे जहाजों पर हमले के बाद भारत पूरी तरह से अलर्ट है. अमेरिका के हमले में जहाज पर तैनात 03 भारतीय क्रू की मौत पर दूतावास हालात पर नजर बनाए हुए है.

इसी बीच ईरान ने भारत की आपत्तियों को सही बताते हुए अमेरिका पर करारा वार किया है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि, “अमेरिकी हमलों में भारतीय क्रू वाले वाणिज्यिक जहाज निशाना बने हैं और कम से कम तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई है. ये इस बात का प्रमाण हैं कि अमेरिका की मौजूदा नीति सशस्त्र डकैती और राज्य-स्तरीय समुद्री लूट जैसी है.”

इस्माइल बघाई ने मृत भारतीय नाविकों के परिवारों और मित्रों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भारतीय लोगों और भारत सरकार के प्रति गहरी शोक-संवेदना जताई है.

बघाई ने कहा है कि “अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अमेरिका को उसके कथित कानून-विरोधी व्यवहार के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए. ऐसी कार्रवाइयां वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रही हैं तथा समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता को भी जोखिम में डाल रही हैं.”

एस जयशंकर ने समुद्री ट्रेड और सुरक्षा पर  दिया कड़ा संदेश

ओमान की खाड़ी में लगातार कमर्शियल जहाजों पर हमले होने के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन और समुद्री व्यापार पर बड़ा खतरा है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुल्गारिया की विदेश मंत्री वेलिस्लावा पेट्रोवा के साथ मीटिंग के बाद कहा, “यह युद्ध का युग नहीं है.”

समुद्री व्यापार को बाधित करने वालों को वॉर्निंग देते हुए जयशंकर ने कहा कि “मौजूदा समय बेहद अस्थिर और अनिश्चितताओं से भरा है. ऐसे में किसी भी देश को समुद्री सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा. भारत कूटनीति से मसले सुलझाने पर जोर दे रहा है.”

एस जयशंकर ने कहा, “हम जानते हैं कि दुनिया एक अस्थिर और अनिश्चित दौर से गुजर रही है. हर समस्या का हल डायलॉग से निकलना चाहिए. यह बहुत जरुरी है कि समुद्री व्यापार में कोई बाधा न आए और उसे खतरे में न डाला जाए.”

भारत ने अमेरिकी अधिकारी को तलब किया

03 भारतीयों की मौत के बाद विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के डिप्टी चीफ जैसन मीक्स को तलब किया था. भारत ने साफ किया कि कमर्शियल जहाजों पर ऐसा एक्शन सही नहीं है.

वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अपनी ब्रीफिंग में कहा, “पिछले कुछ दिनों में पश्चिम एशिया में भारतीय नाविकों से जुड़ी कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं. भारत अपने नाविकों की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है. ओमान तट के पास एक जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत पर भारत ने कड़ी निंदा जताई है. इस मामले में भारत ने अमेरिकी प्रभारी राजदूत को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया.”

रणधीर जायसवाल ने कहा कि “क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और यह जारी संघर्ष का सीधा परिणाम हैं. भारत ने सभी पक्षों से हिंसा रोकने, संवाद बढ़ाने और जल्द से जल्द शांति तथा स्थिरता बहाल करने की अपील की है.”

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