जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर शुरु हुए प्रदर्शन पर जिस तरह से हिंसा हुई, हुड़दंग हुआ, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया, इन सबके पीछ एजेंसियों की नजर विदेशी ताकतों पर टिक गई है. कारण है कतर, जर्मनी, बांग्लादेश जैसे देशों से प्रदर्शनकारियों के लिए मदद पहुंचना.
पाकिस्तान के उन सोशल मीडिया पर तो दिल्ली पुलिस ने चाबुक चला दिया है, जो अफवाहें फैला रहे थे और युवाओं को भड़का रहे थे. लेकिन इन सबके बीच जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शनों के दौरान ऑनलाइन खाने के ऑर्डर का सबसे बड़ा चर्चा का विषय बन गया है, जिसपर एजेंसियों की पैनी नजर है.
दरअसल एक डिलीवरी ब्वॉय ने ऑर्डर दिखाते हुए खुलासा किया कि ऑनलाइन खाने का ऑर्डर कतर से, जर्मनी से और बांग्लादेश से भेजा जा रहा है, और डिलीवरी जंतर मंतर पर करवाई जा रही है.
ऐसे में सवाल है कि कतर, बांग्लादेश में वो कौन लोग हैं, जो चाहते हैं कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन जारी रहे. लोग डटे रहें, कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन जारी रहे. क्या भारत में श्रीलंका, बंग्लादेश और नेपाल की तरह सत्ता हिलाने की साजिश है.
विदेशों से स्पॉन्सर, भेजा जा रहा खाना-पानी
सऊदी अरब, अमेरिका, बांग्लादेश समेत कई अन्य देशों से भी ऑनलाइन माध्यम से प्रदर्शनकारियों के लिए लगातार भोजन, फल, पैकेज्ड पानी और अन्य खाद्य सामग्री भेजी जा रही है. सुबह के नाश्ते से लेकर देर रात तक खाने-पीने के सामान की आपूर्ति विदेशों से जारी है.
दरअसल एजेंसियों को शक है कि कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन विदेशों से संचालित हो रहा है. ऑन लाइन खाना ऑर्डर करने वाले एप स्विगी और ज़ोमैटो के जरिए खाना भेजा जा रहा है.
जंतर मंतर पर खाना पहुंचाने वाले एक डिलीवरी बॉय ने जो खुलासा किया, वो हैरान करने वाला है. डिलीवरी बॉय ने कहा, “उसे कतर से कहा गया है कि डिलीवरी धरना स्थल पर देना है. कई बार कतर से फोन आया था. धरना स्थल पर जो स्टूडेंट है, उनको देने के लिए बोला गया है. बहुत सारे ऑर्डर आते हैं. दिनभर यहां का चक्कर लगता है.”
जर्मनी से कॉल आया, दुबई से 2000 प्लेट का आया ऑर्डर
जंतर-मंतर पर केएफसी का चिकन, बर्गर, पिज्जा, बिरयानी खाना दिया रहा है.
एक डिलीवरी बॉय ने बताया, “अब तक दस ऑर्डर दे चुका हूं. सारे बाहर के, दूसरे देश के ऑर्डर को दे रहा हूं. ऑर्डर देने वालों में कोई कहता है, जर्मनी से हूं. कोई कहता है मैं दुबई से हूं. कोई कहता मैं सऊदी अरब से हूं. कोई कहता है मैं गोवा से बात कर रहा हूं. आप वहां बच्चों को खाना दे देना. प्रोटेस्ट पर बैठे हुए सीजेपी वाले. उनको दे देना खाना जाकर. आलिया नाम के एक विदेशी मैडम ने खाना देने कहा.”
एक डिलीवरी बॉय ने बताया कि “1000 पिज्जा का ऑर्डर आया है. ऑर्डर मिलने के बाद एक हजार पिज्जा जंतर मंतर पर भेजा गया. लगातार लंच और डिनर के लिए पिज्जा की सप्लाई की जा रही है.”
एक प्रदर्शनकारी ने खुलासा किया कि “दुबई से 2000 प्लेट खाना एक ही बंदे ने भेजा आठ बार…लगातार खाना आ रहा है.”
निशिकांत दुबे ने उठाए विदेश से फंडिंग पर सवाल
भारत के मोस्टवांटेड खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने दावा किया है कि उसने कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं के साथ ऑनलाइन बैठक की है और आर्थिक मदद का भरोसा दिया है. पन्नू के वीडियो के बाद बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए. निशिकांत ने अपनी पोस्ट में लिखा, “पैसे कहां से आ रहे हैं? साजिश क्या है? पिछले 20 दिनों में राहुल गांधी जी विदेश यात्रा में किन-किन लोगों से मिले? असली खिलाड़ी कौन?”
हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं: विदेश मंत्रालय
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने प्रदर्शन के पीछे विदेशी ताकतों वाले बयान पर ज्यादा कुछ नहीं कहा. रणधीर जायसवाल ने कहा, हमारे पास तो अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि प्रोटेस्ट को विदेशी फंडिंग मिल रही है.
शुक्रवार, 24 जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जायसवाल से इससे जुड़ा सवाल किया गया. इस पर रणधीर जायसवाल ने कहा, “आपने जो बात उठाई है, (सीजेपी) प्रोटेस्ट में फॉरेन फंडिंग की, इस मसले पर किसी प्रकार की कोई भी इन्फॉर्मेशन मेरे पास आपसे साझा करने के लिए नहीं है.”

