अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान संग होने वाली डील से यूटर्न ले लिया है. अब तक समझौते को फाइनल और पक्का बताने वाले राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस में ये कहकर पूरी दुनिया को एक बार फिर अनिश्चितता में डाल दिया कि ईरान के साथ हुई डील पक्की नहीं है.
ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ लड़ाई खत्म करने के लिए जो समझौता (एमओयू) हुआ है, वह पक्का नहीं है. ट्रंप ने ईरान को धमकाते हुए कहा है कि अगर ईरान ठीक से पेश नहीं आता है तो अमेरिकी सेना फिर से बमबारी शुरू कर सकती है.
ईरान के साथ सिर्फ शुरुआती समझौता हुआ: ट्रंप
फ्रांस में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल-सीसी से मुलाकात के दौरान ट्रंप से ईरान की डील के बारे में पूछा गया. ट्रंप ने एक सवाल के जवाब में कहा, “यह कोई आखिरी फैसला नहीं है. यह सिर्फ एक शुरुआती समझौता है. अगर मुझे यह पसंद नहीं आया या ईरान ने सही से बर्ताव नहीं किया, तो हम सीधे उनके सिर पर बम बरसाना शुरू कर देंगे… क्योंकि वे पिछले 47 सालों से गलत काम कर रहे हैं.”
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब सिर्फ दो दिन बाद 19 फरवरी को स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच इस समझौते पर फाइनल हस्ताक्षर होने वाले हैं.
कहना क्या चाहते हैं ट्रंप, समझौते पर बढ़ा संशय
डोनाल्ड ट्रंप जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए फ्रांस पहुंचे हैं, कभी कहते हैं कि समझौता सिर्फ शुरुआती है तो कहीं ये बयान देते हैं कि ईरान अमेरिका की सारी शर्तें मान चुका है. ट्रंप ने एक जगह ये बयान दिया कि अमेरिका-ईरान समझौता बेहद मजबूत है. किसी को पूरी जानकारी नहीं है कि इसमें क्या है, लेकिन यह बहुत मजबूत समझौता है,
ट्रंप के मुताबिक इस समझौते से सबसे ज्यादा खुशी वैश्विक बाजारों को हुई है. ट्रंप ने इस बात को फिर दोहराया कि दुनिया में तेल सप्लाई का सबसे मुख्य रास्ता होर्मुज की खाड़ी पहले ही आंशिक रूप से खुल चुका है और अगले एक या दो दिन में यह पूरी तरह से खुल जाएगा.
दरअसल ईरान इस बात पर अड़ा हुआ है कि लेबनान पर इजरायल फौरन हमले रोके, और लेबनान में आईडीएफ ने जिन संपत्तियों पर कब्जा किया है, उसे खाली करे. लेकिन इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप से सीधे तौर पर कह दिया है कि वो ऐसा कुछ नहीं करने वाले. ईरान से होने वाला समझौते से इजरायल का कुछ लेना देना नहीं है.
कुछ दिनों में समझौता सार्वजनिक होगा, ट्रंप का ओबामा पर गंभीर आरोप
ट्रंप ने कहा है कि वह अगले कुछ दिनों में अमेरिका-ईरान समझौते का पूरा दस्तावेज सार्वजनिक करेंगे. जरूरत पड़ी तो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समझौते को पढ़कर भी सुनाएंगे, ताकि उसकी सही जानकारी सामने आ सके.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर आरोप लगाया कि उन्होंने 2015 के परमाणु समझौते के दौरान ईरान को रिश्वत देने की कोशिश की थी.
फ्रांस में G7 समिट के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “ओबामा के समय हुए न्यूक्लियर डील में ईरान को 1.7 अरब डॉलर नकद दिए गए थे. यहपैसा बैंकों से लाकर एक बोइंग 757 विमान में भरकर ईरान भेजा गया था. ईरान के लोग विमान के पास खड़े होकर इस पैसे को देखकर खुश हो रहे थे. ईरानी नेताओं ने उस समय ओबामा का मजाक उड़ाया था और उन्हें कमजोर नेता माना था.”
समझौते का दस्तावेज लीक, होर्मुज का जिक्र नहीं
अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते के कुछ दस्तावेज लीक हुई हैं. लीक डॉक्यूमेंट्स में होर्मुज स्ट्रेट का सीधे तौर पर कोई जिक्र नहीं है. डॉक्यूमेंट में सिर्फ इतना कहा गया है कि फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच जहाजों की आवाजाही 30 दिनों के अंदर युद्ध से पहले जैसी सामान्य हो जाएगी, हालांकि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर आगे क्या व्यवस्था होगी, इस पर कुछ साफ नहीं कहा गया है.

