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हथियारों का रिकॉर्ड उत्पादन, 1.78 लाख करोड़ पहुंचा आंकड़ा

भारत के रक्षा उत्पादन क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2025-26 में नया रिकॉर्ड बनाया है. देश का वार्षिक रक्षा उत्पादन बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 1.58 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 15 प्रतिशत अधिक है.

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियां साझा करते हुए रक्षा उत्पाद में बढ़ोतरी को आत्मनिर्भरता की जीत बताया है तो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, रक्षा उत्पादन में लगातार हो रही वृद्धि देश के विस्तारित होते रक्षा औद्योगिक आधार का संकेत है.

भारत ने रक्षा उत्पादन ने नया कीर्तिमान बनाया

भारत ने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. जो पिछले साल के मुकाबले 15.6 प्रतिशत अधिक है. जारी आंकड़ों के मुताबिक. वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये रहा. यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. 

पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इसमें 15.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं वित्त वर्ष 2020-21 के मुकाबले रक्षा उत्पादन में 110 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

यदि लंबे समय के आंकड़ों को देखा जाए तो वित्त वर्ष 2013-14 में स्वदेशी रक्षा उत्पादन 43,746 करोड़ रुपये था. इसके मुकाबले मौजूदा उत्पादन लगभग चार गुना तक पहुंच चुका है.

सरकारी-निजी कंपनियों का कितना योगदान?

इस रिकॉर्ड उत्पादन में सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी 76 प्रतिशत रही, जबकि निजी क्षेत्र ने 24 प्रतिशत का योगदान दिया. जारी आंकड़ों के मुताबिक, कुल रक्षा उत्पादन में रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (डीपीएसयू) और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) की हिस्सेदारी लगभग 76 प्रतिशत रही.  रक्षा उत्पादन के कुल मूल्य में सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख भूमिका बनी हुई है और कुल उत्पादन का बड़ा हिस्सा इन्हीं संस्थानों से आया.

निजी कंपनियों ने करीब 42,000 करोड़ रुपये का उत्पादन किया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. रक्षा उत्पादन बढ़ने का फायदा निर्यात में भी दिखा है. भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में 38,424 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड रक्षा निर्यात किया है. रक्षा मंत्रालय ने इसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की एक बड़ी कामयाबी बताया है.

एक नजर में रक्षा उत्पादन के आंकड़े

कुल रक्षा उत्पादन

  • 2025-26 1.78 लाख करोड़ रुपये
  • 2024-25 के मुकाबले वृद्धि: 15.6%
  • 2020-21 के मुकाबले वृद्धि: 110%
  • 2013-14 में स्वदेशी रक्षा उत्पादन: 43,746 करोड़ रुपये
  • सार्वजनिक क्षेत्र की हिस्सेदारी: 76%
  • निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी: 24%
  • निजी क्षेत्र का उत्पादन: लगभग 42,000 करोड़ रुपये
  • रक्षा निर्यात (2025-26): 38,424 करोड़ रुपये

पीएम मोदी ने इस कामयाबी पर क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक जानकारी साझा करते हुए बताया कि “पिछले एक दशक में भारत की रक्षा क्षमताओं में बड़ा बदलाव आया है. आत्मनिर्भरता के विजन, नई तकनीक और स्वदेशी निर्माण ने भारत को मजबूती दी है.

पीएम मोदी ने बताया कि कैसे भारत ने जल, थल और नभ में अपनी ताकत बढ़ाई है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक मजबूत नींव है.

भारत का उत्पादन नई ऊंचाईयों पर पहुंचा: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से इस उपलब्धि की जानकारी दी और उत्पादन विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए इस उपलब्धि का श्रेय सभी संबंधित पक्षों को दिया.

राजनाथ सिंह ने कहा, कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का रक्षा उत्पादन नई ऊंचाईयों तक पहुंचा है. रक्षा उत्पादन में लगातार हो रही वृद्धि देश के विस्तारित होते रक्षा औद्योगिक आधार का संकेत है.”

रक्षा मंत्री ने कहा कि, “सरकार की निरंतर नीतिगत सहायता, नई पहलों, निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी और निर्यात क्षमताओं के विस्तार के कारण रक्षा उत्पादन क्षेत्र आने वाले समय में भी आगे बढ़ने की स्थिति में है. वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़े बताते हैं कि रक्षा उत्पादन, निजी क्षेत्र की भागीदारी और रक्षा निर्यात—तीनों क्षेत्रों में वृद्धि दर्ज की गई है.”

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