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सेशेल्स की परेड में असम रेजिमेंट, पीएम मोदी होंगे चीफ गेस्ट

हिंद महासागर देश सेशेल्स की स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती के आयोजन में भारतीय सेना की एक टुकड़ी भी हिस्सा लेने जा रही है. सोमवार को सेशेल्स का 50वां राष्ट्रीय दिवस समारोह है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने राजधानी पोर्ट विक्टोरिया  पहुंच गए हैं (27-29 जून). 

भारतीय सेना की टुकड़ी में असम रेजिमेंट के 32 सैनिक शामिल हैं और इसका नेतृत्व कैप्टन आर्यन एच डेओलेकर कर रहे हैं. भारतीय नौसेना का एक मार्चिंग दल और सैन्य बैंड भी समारोह में भाग ले रहा है, जो दोनों देशों के बीच घनिष्ठ और स्थायी रक्षा साझेदारी को दर्शाता है.

भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से ऐतिहासिक संबंध रहे हैं. वर्षों से यह संबंध रक्षा सहयोग, विकास, संस्कृति और व्यापार को समाहित करते हुए एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी में विकसित हुआ है. 

नौसेना का सर्वे वेसल आईएनएस इक्षक भी पहुंचा पोर्ट विक्टोरिया

भारतीय नौसेना का स्वदेशी रूप से निर्मित सर्वे पोत (एसवीएल) आईएनएस इक्षक, दक्षिण पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी परिचालन तैनाती के तहत 26 जून को सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया पहुंच गया. भारतीय नौसेना के मुताबिक, यह यात्रा सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह के साथ हुई, जो भारत और सेशेल्स के बीच अटूट समुद्री साझेदारी और दीर्घकालिक मित्रता को रेखांकित करती है.

बंदरगाह पर रुकने के दौरान, आईएनएस इक्षक राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लेगा और समुद्री सहयोग और अंतर-संचालनीयता को बढ़ाने के उद्देश्य से सेशेल्स रक्षा बलों के साथ कई पेशेवर वार्ताओं में शामिल होगा. यह जहाज चिकित्सा शिविरों और आवश्यक आपूर्ति के वितरण सहित सामुदायिक सहायता पहलों को भी अंजाम देगा, जिससे दोनों देशों के बीच सद्भावना और आपसी संबंध और मजबूत होंगे.

इस यात्रा के हिस्से के रूप में, आईएनएस इक्षक आगंतुकों के लिए खुला रहेगा, जिससे उन्हें भारतीय नौसेना की क्षमताओं और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा, संरक्षा और सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का अनुभव करने का अवसर मिलेगा.

हिंद महासागर में भारत का विश्वसनीय पार्टनर

आईएनएस इक्षक की तैनाती, महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) की परिकल्पना के अनुरूप, मित्र देशों के साथ समुद्री साझेदारी को मजबूत करने और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है.

मित्र-देशों के राष्ट्रीय समारोहों में भारतीय सशस्त्र बलों के दलों की भागीदारी आपसी विश्वास, सैन्य सौहार्द और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है. इस प्रकार के आयोजन रक्षा सहयोग को सुदृढ़ करते हैं और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने में भारत की एक विश्वसनीय भागीदार की भूमिका को रेखांकित करते हैं.

पहले भी भारतीय सेना ले चुकी है मित्र-देशों की परेड में हिस्सा

भारतीय सशस्त्र बलों के दल पहले भी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय औपचारिक आयोजनों में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, जिनमें 2023 में फ्रांस में 237वीं बास्तील दिवस परेड, 2021 में बांग्लादेश में विजय दिवस परेड और 2015 व 2020 में रूस में विजय दिवस परेड शामिल हैं.

सेशेल्स की स्वर्ण जयंती समारोह में भारत की भागीदारी दोनों देशों के बीच विशेष साझेदारी की पुष्टि करती है और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय जुड़ाव की बढ़ती गहराई को उजागर करती है. पीएम मोदी ने भी सेशेल्स दौरा शुरु करने से पहले कहा था कि “मुझे विश्वास है कि मेरी यह यात्रा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और गहरा करेगी, हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग को बढ़ाएगी और एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के हमारे साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी.”

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