“मुझे कम से कम 15000 लोगों को मौत के घाट उतारना था.” ये कबूलनामा है उस शख्स का जो पिछले 1 साल में एक दो बार नहीं बल्कि 19 बार ईरान और इराक जा चुका है. मुंबई में बीबीए ग्रेजुएट फय्याज प्रेमजी की गिरफ्तारी से एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है.
फय्याज नाम का शख्स मुंबई के भायखला में मुहर्रम के आशूरा जुलूस के दौरान दर्द निवारक और इम्यूनिटी बूस्टर के नाम पर खतरनाक केमिकल ‘जिंक फॉस्फाइड’ बांट रहा था.
पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने खासतौर पर मुहर्रम जुलूस को निशाना बनाया और इसमें शामिल होने वाले लोगों को नुकसान पहुंचाना चाहता था.
पुलिस अब आरोपी का बैकग्राउंड चेक कर रही है और खौफनाक कबूलनामे के बाद उसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन, आतंकी एंगल से जांच कर रही है.
मुहर्रम के जुलूस में खतरनाक कैप्सूल, हजारों सामूहिक हत्या की साजिश
मुंबई के भायखला इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. मुंबई पुलिस ने एक पढ़े-लिखे संदिग्ध को गिरफ्तार किया है, जो दर्द निवारक के नाम पर लोगों को खतरनाक केमिकल जिंक फॉस्फाइड कैप्सूल में भरकर बेच रहा था. जिंक फॉस्फाइड जो आमतौर पर चूहे मारने के जहर में इस्तेमाल होता है.
कहा जा रहा है कि आरोपी फय्याज प्रेमजी मुहर्रम के जुलूस में बड़ी साजिश के तहत आया था. उसने न सिर्फ महिलाओं को निशाना बनाकर ये कैप्सूल बांटे, बल्कि भीड़ का फायदा उठाकर कुछ गोलियों को ‘चॉकलेट’ बताकर लोगों के बीच उछाला भी था, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका शिकार बन सकें.
सूत्रों के मुताबिक, जुलूस के दौरान बहकावे में आकर अब तक करीब 11 लोगों ने इन जहरीले कैप्सूल का सेवन भी कर लिया था. कैप्सूल खाते ही इन सभी लोगों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
महिला को मुफ्त में भारी मात्रा में कैप्सूल बांट रहे लोगों पर शक हुआ. जब उसने एक कैप्सूल को खोलकर देखा, तो उसके अंदर अजीब सा पाउडर मिला. महिला ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने संदिग्ध फय्याज प्रेमजी को दबोच लिया.
15 हजार लोगों को मारने का था प्लान, संदिग्ध का कबूलनामा
आरोपी फय्याज प्रेमजी ने पुलिस पूछताछ में बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने अपना गुनाह कबूल करते हुए कहा है कि उसे कम से कम 15 हजार लोगों को मारना था.
आरोपी के कबूलनामे के बाद पुलिस ने मौके से ही 14,900 जिंक फॉस्फाइड से भरे कैप्सूल जब्त किए हैं. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी फय्याज प्रेमजी ने 30,000 खाली कैप्सूल और 50 किलो फॉस्फोरस का भी ऑर्डर दिया था, जिससे उसका इरादा साफ होता है कि वह 15 हजार से भी ज्यादा लोगों को निशाना बनाने की तैयारी में था.
12 महीने में 19 बार ईरान-इराक गया था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी साल 2025 में 19 बार ईरान और इराक गया था. बताया जा रहा है कि आरोपी की बहन और मां ईरान में रहती हैं, जबकि फय्याज का तलाक हो चुका है. आरोपी की बहन ईरान में फिजियोथेरेपिस्ट है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसकी उन यात्राओं का उद्देश्य क्या था और क्या आरोपी किसी के प्रभाव में था या किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी में था. पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक अकाउंट और कॉल डिटेल की गहराई से जांच कर रही है ताकि ये पता लगाया जा सके कि इतनी खौफनाक प्लानिंग के पीछे उसका असली मकसद क्या था. क्या फय्याज किसी आतंकी संगठन से कनेक्शन रखता है, या उसने अकेले ही पूरी साजिश की प्लानिंग की. मुंबई पुलिस एक एक सवालों का जवाब खंगाल रही है. माना जा रहा है कि मामला संवेदनशील है, लिहाजा कुछ और एजेंसियों को जांच में शामिल किया जा सकता है.

