Acquisitions Breaking News Defence Indo-Pacific

इंडोनेशिया से ब्रह्मोस और अस्त्रा मिसाइल डील, जकार्ता में मोदी

भारत ने इंडोनेशिया को अस्त्रा (या अस्त्र) और ब्रह्मोस मिसाइल निर्यात करने का करार किया है. ये पहली बार है कि हवा से हवा में मार करने वाली स्वदेशी अस्त्रा मिसाइल को किसी दूसरे देशों को सप्लाई किया जा रहा है.

मंगलवार को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में पीएम नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की मौजूदगी में अस्त्रा और सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस के एक्सपोर्ट को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इनदिनों तीन दिवसीय (6-8 जुलाई) जकार्ता के दौरे पर हैं.  इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुबियांतो से द्विपक्षीय बातचीत के बाद, दोनों देशों के बीच 20 मुद्दों पर करार हुआ. इनमें कृषि, रक्षा, खनिज और शिक्षा से जुड़े अहम करार शामिल थे. लेकिन सबसे अहम रहा अस्त्रा और ब्रह्मोस मिसाइल का. 

विदेश में मेक इन इंडिया मिसाइल

दोनों देशों के बीच कितनी मिसाइल और कितना बड़ा सौदा हुआ है, उसे लेकर कोई जानकारी अभी साझा नहीं की गई है. करार के बाद विदेश मंत्रालय ने हालांकि, ये जरूर कहा कि इन दोनों मिसाइलों के जरिए दुनिया लिए मेक इन इंडिया और भारतीय हथियारों के निर्यात में मजबूती आएगी. करार से भारतीय डिफेंस इंडस्ट्री की क्षमताएं बढ़ेंगी और स्वदेशी हथियारों का उत्पादन बढ़ेगा. 

माना जा रहा है कि इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस मिसाइल का ये सौदा करीब 450 मिलियन डॉलर (करीब 3877 करोड़) का होने जा रहा है. इस सौदे के लिए भारत, इंडोनेशिया को लोन भी दे सकता है. दुनिया की एकमात्र सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को भारत ने रूस की मदद से देश में ही तैयार किया है. ब्रह्मोस भारत का प्राइम स्ट्राइक वैपेन है जिसे भारत की सबसे लंबी नदी ब्रह्मपुत्र और रूस की मोस्कवा नदी के नामों को मिलाकर नाम दिया गया है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल के एयर-वर्जन को पाकिस्तान के एयरबेस को तबाह करने के लिए सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया था.

फिलीपींस और वियतनाम भी कर चुके हैं ब्रह्मोस मिसाइल का सौदा

इंडोनेशिया से पहले, फिलीपींस और वियतनाम को भी भारत, ब्रह्मोस मिसाइल का सौदा कर चुका है. माना जाता है कि दुनिया की कोई रडार, हथियार या फिर मिसाइल सिस्टम, ब्रह्मोस को इंटरसेप्ट नहीं कर सकता है यानी एक बार ब्रह्मोस को दाग दिया तो ब्रह्मास्त्र की तरह इसे कोई नहीं रोक सकता है और अपने टारगेट को तबाह करके ही दम लेती है.

फाइटर जेट से दागी जाती है अस्त्रा मिसाइल, इंडोनेशिया बना पहला खरीददार

अस्त्रा मिसाइल को डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन) ने तैयार किया है और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) द्वारा उत्पादन किया जाता है. भारत ने इस मिसाइल को सुखोई, मिग-29 और एलसीए तेजस के लिए तैयार किया है. माना जाता है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट ने पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों पर अस्त्रा मिसाइल का इस्तेमाल किया था. वियोंड विजु्अल रेंज वाली इस मिसाइल की रेंज 100 किलोमीटर से ज्यादा है. 

इंडो-पैसिफिक सुर

मिसाइल सौदे के अलावा, इंडोनेशिया ने भारतीय नौसेना के आईएफसी-आईओआर सेंटर में भी अपना एक संपर्क अधिकारी तैनात करने के लिए एमओयू किया है. हिंद महासागर क्षेत्र की रियल टाइम मॉनेटेरिंग के लिए इस सेंटर को राजधानी दिल्ली के करीब गुरुग्राम में स्थापित किया गया है. 

करार पर हस्ताक्षर के दौरान पीएम मोदी ने दोनों देशों की कोस्टगार्ड (तटरक्षक बलों) के साझा हिंद महासागर में चौकसी बरतने को लेकर घोषणा की. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में मेरीटाइम डोमेन अवेयरनेस और रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर भी दोनों देशों में करार हुआ है. दोनों देशों ने आपदा प्रबंधन को लेकर भी एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं. 

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.

Leave feedback about this

  • Rating

Choose Your Premium Plan

Unlock exclusive defence reports, geopolitical analysis and premium articles.