Breaking News Middle East

हमें भारत का समर्थन, नेतन्याहू ने JD वेंस को दिया जवाब

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अनबन की खबरों के बीच इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को भारत का नाम लेकर खूब सुनाया है. नेतन्याहू ने कहा है कि वेंस को इजरायल को लेकर कोई भ्रम नहीं पालना चाहिए.

नेतन्याहू ने वेंस की उस टिप्पणी को गलत बताया जिसमें उन्होंने कहा था कि इजरायल के साथ सिर्फ अमेरिका जैसा शक्तिशाली देश खड़ा है. पीएम नेतन्याहू ने पलटवार करते हुए कहा है कि इजरायल, अमेरिका के अलावा भारत सहित अन्य सहयोगियों के समर्थन पर भी निर्भर है.

दरअसल लेबनान में इजरायल हिजबुल्लाह के खिलाफ लगातार एक्शन ले रहा है. इजरायली एक्शन के कारण अमेरिका-ईरान के एमओयू पर बातचीत का संकट है. ऐसे में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने लेबनान के मुद्दे पर इजरायल को कटघरे में खड़ा किया था और कहा था कि इजरायल को अमेरिका का सम्मान करना चाहिए.

नेतन्याहू-वेंस के बीच जुबानी जंग ऐसे समय में हो रही है जब अगले सप्ताह ही व्हाइट हाउस में ट्रंप-नेतन्याहू के बीच मुलाकात संभावित है.

भ्रम में न रहें वेंस, हमारे साथ कई देश: नेतन्याहू

ईरान के साथ एमओयू को लेकर अमेरिका का निकटतम सहयोगी इजरायल नाराज है. एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद से ही इजरायल ने कह दिया था कि उन्हें इस एमओयू से कुछ लेना देना नहीं है. दरअसल एमओयू में एक शर्त लेबनान पर इजरायली हमले रोकने को लेकर है. लेकिन इजरायल ने साफ कह दिया है कि जब तक तेलअवीव को हिजबुल्ला से खतरा रहेगा तब तक इजरायल हमले करता रहेगा. हालांकि लेबनान-इजरायल के बीच हाल ही में अमेरिका की मध्यस्थता में समझौता हो चुका है.

इन सबके बीच जेडी वेंस के बयान पर इजरायली पीएम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. नेतन्याहू ने एक कार्यक्रम में कहा, इजरायल को भारत सहित कई अन्य देशों का समर्थन प्राप्त है.

नेतन्याहू ने कहा कि “हमारे कुछ और मित्र भी हैं, जैसे भारत नाम का एक देश. आप जानते हैं, वहां 1.4 अरब लोग रहते हैं और, सच कहूं तो, हमें वहां जबरदस्त समर्थन मिलता है.”

नेतन्याहू बोले, “मैं जेडी वेंस का सम्मान करता हूं और हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मैं उनकी हर बात से सहमत हूं। व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप हमारे सबसे अच्छे दोस्त रहे हैं और मैं अपनी इस बात पर पूरी तरह कायम हूं.”

नेतन्याहू ने कहा, “कई नेता मुझे फोन करके कहते हैं, ‘देखिए, मुझे पब्लिक ओपिनियन को लेकर कुछ दिक्कतें हैं, लेकिन मैं चाहता हूं कि आप जानें कि हम आपका सम्मान करते हैं, क्या हम कुछ समझौते कर सकते हैं? क्या आप हमें अपनी सेना की कुछ तकनीकें सिखा सकते हैं? और क्या हमें आपकी एआई और साइबर विशेषज्ञता मिल सकती है?”

“आप जानते हैं कि साइबर के मामले में इजरायल दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है और हमारी टेक्नोलॉजी बहुत बेहतरीन है, इसलिए, रिश्ते वैसे नहीं हैं जैसे वे दिखते हैं, और हमारे बहुत सारे दोस्त हैं.”

वेंस ने क्या कहा था, जिससे भड़के नेतन्याहू

वेंस ने हाल ही में व्हाइट हाउस में हुई ब्रीफिंग में कहा थे, “ट्रंप दुनिया के एकमात्र ऐसे राष्ट्राध्यक्ष हैं जो इस समय इजरायल के प्रति सहानुभूति रखते हैं. अगर मैं इजरायली सरकार की कैबिनेट में होता, तो मैं दुनिया में बचे अपने एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी की आलोचन नहीं करता.”

वेंस ने इजरायल की दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा था, “आपका सटीक प्रस्ताव क्या है? आप 90 लाख लोगों का देश हैं. आप राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हर समस्या का समाधान सिर्फ़ लोगों को मारकर नहीं निकाल सकते. इजरायल को अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का सम्मान करना चाहिए.

ट्रंप ने भी गिनाया था अहसान, नेतन्याहू को बोले थे अपशब्द

हाल ही में एक फोन कॉल के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री को ट्रंप ने चेतावनी दी थी और कहा था कि अगर वो (ट्रंप) नहीं होते तो नेतन्याहू जेल में में होते.

नेतन्याहू से फोन पर बातचीत के दौरान ट्रंप ने बेहद गुस्से में थे. उन्होंने नेतन्याहू से हिज्बुल्लाहहिजबुल्लाह पर किए जा रहे हमलों को तुरंत रोकने के लिए कहा था.

ट्रंप ने बातचीत में कहा था कि “मैं तुम्हारी (नेतन्याहू की) जान बचा रहा हूं. इस समय हर कोई तुमसे नफरत करता है. तुम्हारी इन हरकतों की वजह से आज हर कोई इजरायल से नफरत कर रहा है.”

अगले सप्ताह नेतन्याहू-ट्रंप के बीच होनी है मुलाकात

 ट्रंप और नेतन्याहू के बीच अगले सप्ताह मुलाकात हो सकती है. हालिया फोन पर हुई बातचीत के बाद दोनों नेताओं में मुलाकात पर सहमति बनी है. इस मुलाकात से पहले ट्रंप ने खुद को बॉस बताया है. ट्रंप ने कहा, हमारी आपस में बहुत अच्छी बनती है. नेतन्याहू जानते हैं कि बॉस कौन है.

यह बैठक ऐसे माहौल में होगी, जब ईरान और लेबनान में अमेरिका की नीति को लेकर ट्रंप और नेतन्याहू के बीच मतभेद बढ़ रहा है.

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *